write_hand_job

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Har shakhs khoobsurat hai, rooh talaashiye, jism to pathar ki moorat hai

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  • write_hand_job 109w

    बेहतन रोया मैं बिरहा में,
    बहुत हौसला होगा उसकी वफ़ा में,
    रुस्वा जब हुई वो मेरी जफ़ा में,
    खफा थी वो और फनाह मैं।

    @bdbhavyadave
    ©Thoughtropes

  • write_hand_job 146w

    मिट्टी का दिल

    बरसात ही आंना बाकी है तो आ ही जाए,
    दिल मिट्टी का हो गया ही है, अब बह भी जाये।
    सीने में रह कर अब न हमको यू तड़पाए,
    यादो से उनकी भरा हर एक बस कण धुल जाए।।

  • write_hand_job 150w

    हम अकेले है तो अकेले सही,
    हमने तो जानी है मोहब्बत,
    चालाकियां नहीं।

    है इश्क़ के सागर में अपनी कश्तियाँ,
    बर्बाद हो जाने के डर से दूर सारी हस्तियां,
    अब कौन बतलाये इन्हें की राह यह आबादियाँ,
    बरबादियाँ नही।

    आंसू छुपाना हिम्मतों का अब सबब न समझो,
    दिल मे दबाये दर्द हो तो आंसुओ में भर दो,
    नकली हंसी में दर्द समेटना,
    अक्लमन्दिया नहीं।

    हम अकेले है तो अकेले सही,
    हमने तो जानी है मोहब्बत,
    चालाकियां नहीं।

  • write_hand_job 156w

    मन कैदी है

    मन कैदी है,
    दिल इसका भेदी है,
    मन कैदी है।

    हर बार ये तेरी यादों से कुछ मील दूर होता है,
    पर दिल है की यादो के बिन, चैन से न सोता है,
    अब तो दिल और मन की ऐसी ऐंठी है,
    मन कैदी है, दिल इसका भेदी है।

    हर बार कही जब मन, चैन पाने को जाता है,
    ये भेदी दिल यादो को तेरी सब बतलाता है,
    कुछ चैन नही, यादे तेरी बस घात लगाए बैठी है,
    मन कैदी है, दिल इसका भेदी है।

    तूने तो दिल से दिल का नाता तोड़ दिया है,
    मन ने भी मेरे तुजसे मुह अब मोड़ लिया है,
    अब भी दिल मे फिर यादे तेरी क्यों रहती है,
    मन कैदी है, दिल इसका भेदी है।

    हर रात को जब ये सारा ज़माना सोता है,
    तब दर्द में आ कर तन्हा मन क्यों रोता है,
    मानो यादें दिल से, इस मन को रोने को कहती है,
    मन कैदी है, दिल इसका भेदी है, मन कैदी है।


    ©write_hand_job

  • write_hand_job 183w

    मोहब्बत ऐसे ही बयान नही होती,
    साथ टूटता है पर रूह जुदा नही होती।
    इश्क़ के कर्ज पर रंजिशों का ब्याज, लाज़मी है,
    कोई शख्शियत ज़माने में, खुदा नही होती।।
    ©write_hand_job

  • write_hand_job 185w

    न जाने कैसा उन्स है उनसे हुआ,
    हर आंसू उनका मौत लगा,
    हर हंसी से फ़िर ज़िंदा हुआ।
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  • write_hand_job 188w

    खड़े थे पैरो पर तो ज़िम्मेदारी आई,
    ठोकर से गिर बैठे तो लाचारी आई।
    कुछ हाथ थाम कर जो मुकम्मल खड़े हुए,
    नसीब था बुलंद इसमे यारी आई।।
    ©write_hand_job

  • write_hand_job 189w

    खामोश है जो हम तो शराफत हमारी,
    क्या जानते नही हम, शरारत तुम्हारी।
    खामोश लफ्ज़ है जो अक़ीदत तुम्हारी,
    हम थम गए है, तो ये मोहब्बत हमारी।।
    ©write_hand_job

  • write_hand_job 191w

    हाल ए दिल करने बयान,
    अल्फ़ाज़ ना कामिल हुए,
    यह गुनाह था बस,
    ज़मात ए इश्क़ में शामिल हुए।
    ©write_hand_job

  • write_hand_job 195w

    है आसमां में रास्ते,
    हौसला क्षितिज को पाने का,
    हम बंजारे परिंदे है,
    हक़ कहा घर बनाने का?

    मंज़िल पर नज़रें गाड कर,
    जाना हमें डगर डगर,
    बिछड़न के डर से हार कर,
    मन कहाँ दिल लगाने का?
    ©write_hand_job