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  • wind_chime 76w

    औकात

    तेरा मरना क्या इतना ज़रूरी था
    हमें हमारी औकात याद दिलाने को
    ©wind_chime

  • wind_chime 101w

    मौन

    उसने सोचा होगा
    उसकी बेवफ़ाई के बाद
    मैं
    चिल्लाऊँगी .. रोऊँगी दहाड़े मार मार
    उड़ा दूँगी चिथड़े .. उसकी बातों के
    कालिख़ पोत दूँगी .. उसके नाम पर
    हँसूँगी उसकी दग़ाबाज़ी पे
    लौटाऊँगी उसको उसके दिये तोहफ़े
    हर बात के उलाहने के साथ
    और भी न जाने क्या क्या .. !!
    लेकिन मैं
    उसे तोड़ना नहीं .. उसका विध्वंस चाहती हूँ
    मैं उसके भीतर उसके किये का डर हमेशा बरकरार रखूँगी
    नहीं ..मैं .. उसे तोडूँगी नहीं .. उसकी नींव में भय भर दूँगी
    अपने .. मौन से।
    ©wind_chime

  • wind_chime 103w

    समय

    रुकी पड़ी है समय की हलचल .. किताबों से जब से मोहब्बत हुई है
    मेरा समय ठहरा पड़ा है .. जब से मोहब्बत की कहानी अधूरी हुई है

    ©wind_chime

  • wind_chime 103w

    कहानी .. किताब

    उस रोज़ अपनी जिंदगी की किताब का
    वो आखिरी पन्ना जलाया था
    उसने
    जिस रोज़ किया था
    मेरी कहानी को अलाव के हवाले
    ©wind_chime

  • wind_chime 104w

    सन्नाटा और तुम

    मैं .. सन्नाटा हूँ
    और तुम .. आवाज़ .. चीख .. शोर .. धुन ..
    ..
    तुम्हें हर सांस मुझमें खो जाना है
    मैं खुद में ही अनंत हूँ
    तुम्हें एक पल तो गुज़र जाना है
    मैं खुद ही में हर पल हूँ
    तुम्हें कभी तो ठहर ही जाना है
    मैं खुद से ही अटल हूँ
    तुम्हें एक रोज़ तो मर जाना है
    मैं खुद से ही अमर हूँ
    ..
    मैं .. सन्नाटा हूँ
    और तुम .. .. ..
    ©wind_chime

  • wind_chime 129w

    Jasmine

    Definitely
    I am
    A flower of
    Jasmine
    But
    Definitely not
    night blooming

    ©wind_chime

  • wind_chime 133w

    प्रेम धर्म

    मैंने हर धर्म से परे एक धर्म गढ़ा था
    नाम दिया जिसे .. प्रेम
    सदियों तक संघर्ष किया था उसने
    खुद के अस्तित्व को बनाये रखने की ख़ातिर
    ..
    इस सदी के बाशिंदों ने उसे नंगा नाच नचाया ऐसा
    ..
    हाथ खड़े कर .. रुख़्सत ले रहा है .. आज वो धर्म
    हर इंसां की तरबियत से ...
    ..
    उफ़्फ़ .. !! ये हश्र तो जाइज़ नहीं प्रेम का ..
    ..
    देखो .. कितनी हैरानी से .. तकती है आने वाली नई सदी इसे !!

    ©wind_chime

  • wind_chime 138w

    इंतज़ार

    बेशक़ .. अंतहीन ही लिखा होगा

    इंतज़ार .. ईश्वर ने

    प्रेम में

    ©wind_chime

  • wind_chime 138w

    प्रेम

    वो कश्ती बेहतरीन ओहदे पर है
    जिसका जीवन .. तुझमें .. खुद का समर्पण है
    वो जीती है तुझमें .. वो मर जाती है तुझमें
    वो सफ़र करती है .. तो केवल और केवल .. तुझमें

    किनारे पर खड़े रहकर .. मैं गवाह हूँ ..
    समन्दर से उस कश्ती के ..
    इस अमर प्रेम की

    ताज्जुब है ..
    समन्दर .. कश्ती के मरे बिना ..
    उसे अपनाता तक नहीं

    क्यूँ नहीं कर सकता समन्दर .. कश्ती से ..
    अपना प्रेम अ-मर

    ©wind_chime

  • wind_chime 140w

    चिठ्ठियाँ

    वो सारी चिठ्ठियाँ .. मैंने .. नदियों में बहाईं थी
    .. जो लिखी थी मैंने .. तुम्हारे नाम ..
    पहुँचा भी दी थी .. मेरी सारी चिठ्ठियाँ .. नदियों ने तुम तक
    कम मीठी थी .. शायद चिठ्ठियाँ मेरी ..
    कि तुम में .. घुली नहीं .. गल गई
    हार गई .. तुम्हारे खारेपन से ..
    भूल गई थी मैं .. तुम समन्दर थे ..
    एकदुम खारे ..
    और मैं .. बस नदी जितनी ..
    उतना ही प्रेम मेरा .. जो दिखता ही नहीं तुम्हें
    और तब .. हार जाता है .. प्रेम भी .. !!

    ©wind_chime