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  • vidhi90100 1d

    आज फिर सर्द हवा मेँ ज़िक्र हैँ तेरा...
    मंद पवन कि ठंडक मेँ कांपती हुई आवाज़ तेरी..
    हाथ मल कर हथेलीयों पर फूंक मारना तेरा..
    आज फिर तेरे ख्याल की आकृति हैँ..
    बांहों कि गर्माहट..
    छूअन की अदाकारी हैँ
    पेशानी पर होंठ
    सिल्वटोँ पर लिखा तेरा नाम हैँ
    तेरा ही खुमार हैँ..
    सोचती हूँ याद दिला दूँ तुझे आज अपनी...
    फिर खयाल आया की क्या बेतुका खयाल हैँ...
    कुछ वक़्त और यारा.. सब खत्म हो जायेगे
    ये सर्दी, ये बेकरारी, ये खयाल, ये ज़िक्र, और ये हम
    ©vidhi

  • vidhi90100 1d

    Just winters stuff������

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    बिस्तर का एक पासा खाली का खाली रह गया...
    रजाई डबल बेड वाली..
    और मैं सिंगल कि सिंगल रह गयी
    ©vidhi

  • vidhi90100 3w

    शाही दरवाजों के बाहर खड़ा था एक गरीब माँ का राजकुमार
    आने जाने वाले हर एक से कर रहा था दरगुज़ार
    आँखो मेँ आस और होठो पर थी गुज़ारिश
    बाबूजी ले लो एक गुब्बारा.. रंग बिरंगा गुब्बारा..
    गुब्बारो पर बनी थी लकीरें मुस्कुराती हुई...
    बचपन गवां कर रहा था रोज़ी रोटी कि तैयारी
    अपने आंसू छुपा कर..
    गुब्बारो कि मुस्कुराहट का करने लगा व्यापार
    ©vidhi

  • vidhi90100 3w

    बस आज यूहीं आया एक ख्याल...
    ख्याल अपने आप को बदल देने का..
    ख्याल थोड़ा सा जी लेने का...
    क्यों ना सांस लूं आज खुल कर मैं भी...
    क्यों ना ग़ुरूर करू अपने वज़ूद पर...
    क्यों ना बन जाऊ आज उस तस्वीर मे कैद परिंदे कि भाँती..
    जो आज़ाद हैँ..
    पर जिसे मंज़िल तक का सफर तय नहीं करना...
    जो सुन्दर हैँ...पर उसे अपनी ख़ूबसूरती का आभास नहीं..
    जो जश्न मना रहा हैँ अपने पिंजरे मेँ आज़ादी का...
    वो मासूम हैँ, पर हैँ बेपरवाह..
    क्यों ना बन जाऊ मैं भी आज उस परिंदे कि तरह..
    जो अपने ही आँगन मेँ आज़ाद हैँ..
    आनंदित हैँ.. प्रसन्न हैँ..
    ©vidhi

  • vidhi90100 4w

    बस एक कोशिश कर लो..
    मुद्दा इतना बढ़ा भी नहीं कि तुम यूँ रुस्वा हुए बैठे हो
    बस तुम एक पहल कर दो..
    आगे का किस्सा हम संभाल लेंगे
    तुम एक कदम तो बढ़ाओ
    आगे हम खुद चल कर तुम्हारे पास आएंगे..
    ©vidhi

  • vidhi90100 5w

    Word Prompt:

    Write a 8 word micro-tale on Mystery

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    At sometimes you are a mystery to me

  • vidhi90100 5w

    जिस बात पर तुम मुस्कुरा दो..
    बात वही खूबसूरत है...

  • vidhi90100 7w

    रात एक सपना देखा..
    सपने मेँ तुझे अपना देखा..
    तेरी बांहों के घेरे मे सिमटी मेरी दुनिया..
    खुद को तेरे दिल के करीब देखा..
    तेरे हाथों की हलकी सी छूअन मेरे गालों और पेशानी पर
    मदहोश करें तेरे बदन की खुशबू मुझे
    तेरी आँखों मेँ मैंने अपना अक्स देखा
    तेरी मुस्कुराहट की वजह मैंने खुद को देखा..
    रात एक सपना देखा..
    तेरे लबों पर अपना नाम देखा..
    तेरे दिल मेँ मैंने अपना घर देखा
    रात एक सपना देखा..
    सपने मेँ तुझे अपना देखा ❤️❤️
    ©vidhi

  • vidhi90100 7w

    रुकूं या जाऊं


    ©vidhi

  • vidhi90100 8w

    तेरे दिन से मेरा दिन...
    तेरी रात से रात मेरी..
    दुआ हैँ साथ रहे तेरा मेरा चाँद तारों की तरह..
    दुनिया के मेले हज़ार हैँ पर सच कहु...
    जहाँ तुम नहीं वहा हम अकेले हैँ..
    लुटा दी मैंने अपनी सारी मुहब्बत तुम पर..
    बस वादा करना की तुम पर मेरा हक़ कभी ना छीनना..
    तेरी रूह से जुडी है साँसे मेरी
    तू मोहब्बत मेरी, तू जरूरत मेरी
    तू आरजू मेरी, तू ही तू हसरत मेरी ❤️
    ©vidhi