Grid View
List View
  • vickyvivek 6w

    कह ना पाए जो जुबां किसी से,
    आंखे बयां करती है
    मन की खुशी, मन का दर्द
    टूटा कोई हिस्सा, याद आया कोई किस्सा
    हुबहू ध्यान करती है,
    दर्द जो मिले किश्तों में, एक मुश्त हिसाब रखती हैं
    गैरों से ज्यादा,अपनी करनी का ध्यान रखती हैं
    दिख ना पाए आसानी से किसी को
    इस बात का ध्यान रखती है,
    कहे ना जुबां जो किसी से
    आंखे बयां करती है
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 6w

    तेरी मेरी कहानी में फर्क सिर्फ इतना है,
    तुझे मिल जाएंगे हजारों मेरे जैसे,
    मुझे हजारों में सिर्फ तू मिली थी...
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 6w

    कोरे कागज पर कुछ लिख रहा हूं,
    तुम्हे याद कर अब फिर से लिख रहा हूं,
    लिख रहा हूं जो ना कहा किसी से,
    कहना भी चाहा तो ना सुना किसी ने,
    अपने छुपे जज्बातों को अल्फाजों में बदल रहा हूं,
    सुखी पत्तियां वो गुलाब की अब कूड़ेदान में फेंक रहा हूं
    पुराने समान से भरी अलमारी साफ कर रहा हूं
    जाले जो जम चुके है अरसों से,
    उन्हे हटा कर कुछ नया रखने का सोच रहा हूं
    कोरे कागज पर कुछ लिख रहा हूं
    अपनी अनकही अनसुनी बात
    खुद से बयां कर रहा हूं...
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 6w

    तेरा उसे मिलना उसका नसीब था,
    तुझे पाने वाला वो रकीब था,
    मेने पूछा खुदा से, क्या मुझमें कमी थी
    या उसका कुसूर थोड़ा था,
    खुदा ने कहा खुद पर रहम कर बंदे,
    ना तेरी वफ़ा कम थी ना उसका कुसूर थोड़ा था
    मेने इस कहानी को अधूरा ही छोड़ा था..
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 7w

    शाम है ढल चुकी, दिन भी जा चुका
    दीए की लौ भी कह रही
    सजन तुम कब आओगे???
    ना काटे जाए ये तन्हाई,
    मन को छलनी करती ये पुरवाई
    मस्ती में अपनी बादल मचले,
    पंछी भी अपने घर को निकले,
    मिलने को ये नैना तरसे,विरह की ये बेला ना टले
    मन को कैसे बार बार बदले
    बार बार राहों को तके
    रह रह कर सवाल ये निकले,
    सजन तुम कब आओगे??
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 7w

    पूछती है रात,
    उदास क्यूं है,
    तेरी आंखों में ये नमी क्यूं है,
    सिरहाने पे रखा तकिया भीगा क्यूं है
    तक रहा है तु राह को,
    जिन्हें जाने दिया,उनकेआने का तुझे इंतजार क्यूं है...
    तू खुद है अपनी राह का मालिक,
    फिर पता बताने वाले का तुझे इंतजार क्यूं है
    ना हो पाएगा तुझसे, मन में तेरे ये खयाल क्यूं है
    पूछती है रात, जो हाथ में नही तेरे,
    उस बात का तुझे मलाल क्यूं है...
    कोशिश कर होगा कामयाब तू,
    इस बात पे सवाल क्यूं है....
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 7w

    नजरों से उनका शरमाना कुछ यू भा गया,
    जैसे रेगिस्तान पे कोई बादल छा गया
    कहने लगी जब वो अपना हाल
    लहराते अपना वो रेशम का रुमाल
    लगा ऐसे जैसे पतझड़ में बसंत छा गया..
    कहने को जुबान से कुछ ना बना
    जैसे शब्दों का अकाल आ गया..
    इक पल ही सही,पर दिल को करार आ गया...
    ना कुछ पाने की चाह ना कुछ खोने का डर
    बावरे मन को ना जाने क्या खयाल हुआ
    बारिश में जैसे चातक पक्षी,
    कुछ ऐसा ही हाल हुआ..
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 7w

    जब मुझे प्यार का एहसास हुआ,
    दिल में मीठा सा दर्द 100 बार हुआ..
    हसने, गाने , नाचने का मन बार बार हुआ।
    उड़ने लगा मन अरमानों कि वादियों में,
    जैसे नाचता हो मोर बारिश की बूंदों में...
    जब मुझे प्यार का एहसास हुआ,
    कोई इस दिल के एक कोने के लिए बड़ा खास हुआ..
    मदहोश रहने लगे उन के खयालों में, भूख प्यास नींद किसी का ना आभास हुआ
    जब मुझे पहली बार प्यार हुआ..
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 8w

    थोड़ा खुश हो जाता हूं, थोड़ा उदास हो जाता हूं
    कभी मस्ती में डूब जाता हूं,
    थोड़ी देर पढ़ के तुम्हारे पुराने खत
    फिर से बावरा हो जाता हूं...
    वो कहते है की सब खत्म हुआ दरम्या हमारे,
    फिर क्यों जिक्र आते ही उनका
    मैं दिल से जिंदा हो जाता हूं...
    जिन्दगी की हर मुश्किल को आसान पा जाता हूं
    हर चिढ़चिढ़ाहट को हवा कर जाता हूं
    तुम्हारे संग कही बातें जो याद कर आता हूं...
    तुझसे दूर हो कर भी मैं तुझमें खो जाता हूं...
    ©vickyvivek

  • vickyvivek 8w

    कहते हैं,जो होता है अच्छे के लिए होता है..
    शायद गलत कहते है
    बिछड़ना हो जिससे आगे जा के
    शुरुआत में साथ उसी के क्यों रहते हैं,
    ना मिले जिसके साथ बिताने को जीवन,
    उसी से मन मिलाने को बेताब क्यू रहते हैं
    7 महाद्वीप,सेकडो देश और अरबों की आबादी में,
    सिर्फ किसी एक के लिए ,
    जिसने लिखी किस्मत,उसके आगे नाक क्यू रगड़ते हैं
    जिस्मों की आवारगी के इस दौर में
    मन की शांति की बात करते है
    जो कहते हैं जो होता है अच्छा होता है,
    शायद गलत कहते है...
    ©vickyvivek