veenakathera

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Reposts
  • veenakathera 1w

    मेरी शिकायत करनी हो तो मुझसे बात किया करो।
    खामोश रहकर खुद को परेशान मत करो।

    ©veenakathera

  • veenakathera 3w

    स्याही बनकर मैं कोरे पत्रों पर बिखरती रही।
    यूँही कलम और किताब कि जिंदगी जुड गयी।

    ©veenakathera

  • veenakathera 6w

    यादें

    माँ के नए साड़ी को ओढकर खुशियाँ वो ढूँढती थी।
    आज माँ जब साड़ी से सँवारती है,
    दोनोंके पलके भीगने लगते हैं।

    मेहंदी हल्दी रस्म देखते ही,
    दिल में ख़ुशी चेहरे पर गम की परछाई छा
    जाती है।

    कानों में बाली, नाक में नथ, पैरों में बेडिया।
    माता-पिता की गोद में पली हुई कली के आँखें
    भर आयी।

    घर से निकलते माँ का आरती निकलना।
    रीति रिवाजों से बेटी पराई होने चली।

    माँग में सिंदूर भरते ही,
    श्रृंगार से अलंकार होकर

    यादों को पन्नों में महकाते हुए,
    नई कहानी लिखने चली।

    ©veenakathera

  • veenakathera 6w

    जो दर्द को छुपाकर हमेशा दिल से हँसाते है।
    बेटी कि विदाई में उनकी पलकें ख़ुशी से भीगती हैं।

    ©veenakathera

  • veenakathera 9w

    मैं क्यो बड़ी हो गयी?

    मैं इस आँगन में खेली,
    चोट लगने पर आपके नाम लेके चिल्लाई...
    स्कूल की बाते तुम्हे ही बताई,
    मेरी प्यारी बातों पर तूमने दिलचस्पी जताई..
    चीजें ना मिलने पर मेरा रूठना
    हर बात तुमने संभाली
    आखिर
    मम्मी मैं क्यो
    बड़ी हो गयी?

    कल की तो बात हैं ना पापा,
    जब उगली पकड़कर तुमने मुझे चलना सिखाया...
    आज वो प्यार भरे हाथों से कन्या दान कर रहे हो,
    हर रात को आपके हाथों से खाकर सोना...
    मेरे हर जन्मदिन पर तुम्हारा वो बार्बी डॉल लाना,
    पापा इस बार ये सब कौन लायेगा...
    मैं क्यो बड़ी हो गयी ?

    भूख लगने पर भाई का मैगी बनाना,
    अब किस पर जताऊ इतना हक
    बात बात पर तुझे तंग कर देना...
    अब आयी हूँ इतनी दूर,
    आखिर मैं तुम सबको छोड़कर कैसे जाऊँ...
    मैं क्यो इतनी बड़ी हो
    गयी ।

    ©veenakathera

  • veenakathera 9w

    मैं किन लफ्ज़ो में लिखूँ इंतज़ार की घडियाँ।
    अपनी प्यासी लबों पे मुस्कुराहट ढूँढने चली।

    ©veenakathera

  • veenakathera 11w

    आसान नहीं हैं....

    सबके मन का रखे वो ख्याल...
    उसे नही जरुरत की कोई पूछे उसका हाल...

    अपने ख्वाइशों को कुर्बान कर...
    हसते हसते सब करती हैं स्वीकार...

    ना शिकवे ना शिकायते।
    प्यार से जाहीर करती हैं बातें।

    दर्द को मुस्कान से समेटती हैं..
    जिंदगी उसकी पर बंदिशे दुसरोकी होती हैं।

    बिखरके भी खुद को संभालती भी हैं....
    लड़की हैं वो कभी हारना जानती नहीं हैं।

    जिंदगी लडकी की...
    आसान नही हैं....

    ©veenakathera

  • veenakathera 12w

    हवाओं में तेजी से झुम रही हैं मेरी जुल्फे।
    ये खुशियों की दस्तक है या इश्क का रंग छाया।

    ©veenakathera

  • veenakathera 14w

    कभी तुमने कहा था,
    खुशियोंका इंद्रधनुष ला दो मुझे..
    पर तूमने अपनी बातोसे...
    सारे रंग बेरंग कर दिये....

    ©veenakathera

  • veenakathera 15w

    लोग क्या कहेंगे?

    ये नहीं करना, वो नहीं करना,
    लोग क्या कहेंगे?
    ये समाज के रिती रिवाजों से बाँधकर,
    ख्वाइशों का बलिदान कर देना।

    जीवन कि राह में कदम उठाने से
    पहले,
    वो चार लोग क्या कहेंगे?
    अपनी मुस्कान को उदासी बना देना।

    जरा सा आवाज कभी उठाओ तो,
    लोग क्या कहेंगे?
    बोलकर पिंजरे में बंद कर
    देना।

    दिल कि चाहत को पढ़ने जाओ तो,
    लोग क्या कहेंगे?
    रोककर अपनी कहानी का जिगर
    कराते हैं।

    उंचे सपनों को देखकर,
    वो चार लोग के बातों में उलझकर
    अपनी जिंदगी को गुलामी कर
    देना।

    गर सफलता के रास्ते से मुलाकात करना हो,
    लोग क्या कहेंगे?
    ये रोग को हटाकर
    उठकर तू चुन अपना हुनर।

    ©veenakathera