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  • u_and_me 2d

    मैं रेगिस्तान घना सा तू पेड़ विशाल है
    मेरी चाहत तेरी छाव में बैठ जाने की है

    ©u_and_me

  • u_and_me 2d

    कोई तो पत्थर के जाम में शराब दो मुझे
    टूटता है जब कांच तो चुभता बहुत है

    ©u_and_me

  • u_and_me 5d

    ज़िम्मेदारी निभाऊंगा चला जाऊंगा
    फिर लौटकर यहां नहीं आऊंगा

    माना हज़ारों मीलों का फासला है हम में
    मगर क्या करूं यहां तुझे तो मालूम भी नहीं
    हवा तुझे छूकर रोज चली आती है
    रहकर दूर मुझसे मुझे चिड़ाती है
    भागता रहता हूं हवा को पकड़ने के लिए
    वो खेलती है मगर हाथ कहां आती है

    ©u_and_me

  • u_and_me 1w

    चाहता हूं

    सबकी नज़रों से खुद को छिपाना चाहता हूं
    मैं चलना नहीं बल्कि गिर जाना चाहता हूं

    मैं करके कोशिशें तमाम भुला बैठा हूं कहीं
    हुनर अपना फिर से आजमाना चाहता हूं

    तू पुकार ले पीछे से एक बार अंशु मुझे
    मैं मुड़कर गले तेरे लग जाना चाहता हूं


    ©u_and_me

  • u_and_me 1w

    बात हो सकती है ?
    ©u_and_me

  • u_and_me 1w

    Miss you panda �� or hupp agar bakwas kri to,,,, love you dher sara

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    माना तुम आमने सामने नहीं
    पर मेरे दिल मेरे मन से तो गई दूर भी नहीं
    मन और दिल बहुत है तुमसे बात करने का
    ©u_and_me

  • u_and_me 2w

    मुझे क्या चहिए ? तुम्हारा गुस्सा
    जिस पर सिर्फ मेरा और मेरा हक रहे
    मैं मनाता रहूं उम्र भर तुझे
    तू नाराज़ मुझसे ताउम्र रहे


    ©u_and_me

  • u_and_me 2w

    मैं शायद अपने सारे हक गंवा बैठा हूं
    पर खुद पर से तेरा हक छोडूंगा नहीं कभी

    ©u_and_me

  • u_and_me 2w

    25th November

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    ये तारीख महज़ एक तारीख नहीं !



    ©u_and_me

  • u_and_me 2w

    लाचारी पिटवा देती है बहन को भाई से
    भाई घोट देता है फिर गला अपने ही हाथों का

    ©u_and_me