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  • tondumal 4w

    पिंजर

    मौन होकर सर झुकाये बस किया स्वीकार,
    चाहे वह मैके की गुड़िया या रहा ससुराल,

    प्रिये पिंजर मे ही कैद सदा मै कैद मेरा संसार,
    मौन मेरी भाषा न समझे समय बड़ा विकराल,

    मेरा सुन्दर रूप है स्त्री इसका कौन करे उद्धार,
    मेरा जना जगत ही मेरा बना हुआ है काल,

    कभी दुपट्टे या घूंघट से या हिजाब का श्रिंगार,
    पिंजर मेरा तन मन घुटता जीना हुआ मुहाल,

    कभी मै देवी कभी मै माता पालुँ मै परिवार,
    फिर भी पिंजर मे कैद मेरा दिल ये कैसा मेरा हाल⚘

  • tondumal 4w

    आलिंगन

    सुनो क्या तुम गले लगाने दोगे खुद को बस एक बार,
    जब आना स्टेशन पर लेने मुझे,
    अपनी बाहें फैला लेना मुझे देखते ही,
    शर्माना मत मेरा बैग मत थाम लेना,
    शायद मैं शर्मा जाऊं हर बार की तरह,
    बस मुझे थाम लेना,
    मुझे अंक भर कस कर लगाना गले,
    ताकि तुम्हारी धड़कनो से मेरी धडकने जुड़ सके,
    तुम मुझे मैं तुम्हे सुन सकूँ,
    तुम्हारे गर्दन मे बहते रक्त की गर्मी महसूस कर,
    और तुम्हारी भीनी खुशबू से तर हो जाऊं,
    लिपटी रहूं किसी मधुमालती की बेल की तरह,
    और तुम्हारे जीवन का वसंत बन जाऊं,
    नाप लूं तुम्हारे अस्तित्व के सीने का माप,
    डर जाऊं न कहीं अगर तुमसे अलग हो जाऊँ,

    बस एक बार तुम्हे कस कर गले लगाऊं,
    जीवन भर का प्यार मै पाउं,
    महसूस कर सकूँ तुम्हे मैं जब भी तुमसे दूर मैं जाऊं⚘

  • tondumal 4w

    सुबह

    हर सुबह मेरी तेरी गुड मॉर्निंग से,
    हर शाम तेरी गुड इवनिंग,

    तू बता इस सुबह के सूरज का क्या करुँ,
    तेरी मॉर्निंग न आई ये कैसी रुसवाई,

    मुझसे रह नाराज कोई बात नही,
    बगैर तेरी एक विश मेरी सुबह का आगाज नहीं ⚘

  • tondumal 4w

    इन्तजार

    इन्तजार तो आज भी है तुम्हारे आने का,
    कैसे लेती थी सहज होकर तुम मेरा नाम,
    और खोल देती थी अपने दिल के छुपे हुये गहरे राज,
    कभी अपने गीत कभी नृत्य का अद्भूत आयाम,

    याद है कैसे इतने दूर होकर भी,
    तुम दूर नही थी कितनी पास थी,
    मुस्कुराहट से भरा चेहरा तुम्हारा,
    मगर दिल से कितनी उदास थी,

    हर पल मेरे खयाल मे डूबी तुम्हारी कविताए,
    जैसे सुबह की ठंडी भीगी हवाएं,
    खिलते गुलाब के फूल जैसी तुम्हारी अदायें,
    जैसे आसमान मे काले बादल छा जायें,

    अब भी तुम पास हो बस अब एक नया एहसास हो,
    दोस्त मिले कयी पर तुम सबसे खास हो⚘

  • tondumal 4w

    न बोलिए

    मैं लगता हूँ क्या भले कुछ न बोलिए,
    इंसान हूँ कोई गैर नही मुझे यूँ न तौलिये,

    सुनिये जनाब प्यार का गर दे सको हिसाब,
    तो वह पुरानी किताब यूँ आप फिर न खोलिये,

    जब हंस रहे थे आप मगर दुनिया थी गम्जदा,
    हमने भी मुस्कुराकर जनाब खूब रो लिये,

    बातें कितनी बताते उम्र भर की जो थी,
    ये क्या बताये कि वे किसी और के हो लिये,

    दिन बीत गया मेहनत की रोटी को पकाने मे,
    जब रात लौट आयी तो हम भी सो लिये

  • tondumal 4w

    तुने भी मैने भी

    कुछ औपचारिकताएं बाकी थी मेरे तेरे दरमियां ,
    तुमने भी मुस्कुरा दिया मैने भी,
    मगर आँखे सूजी थी तेरी भी मेरी भी,
    आंसू छुपा लिये तूने भी मैने भी,

    शायद कुछ बातें रह गयी थी तेरे मेरे दरमियां,
    तुमने भी कुछ न कहा मैने भी,
    मगर आँखे बोली थी तेरी भी मेरी भी,
    नजरें चुरा ली थी तूने भी मैने भी,

    जिन्दा रहने को कुछ पल रह गए थे जब,
    सांसे गहरी ली तूने भी मैने भी,
    मगर सांसे फूली थी तेरी भी मेरी भी,
    शायद दुआ की थी तूने भी मैने भी

  • tondumal 4w

    जब तुम

    जब तुम अपनी आँखो मे रात की नींद लिये,
    उनींदे एहसास और स्याह रिश्तों की टीस लिये,
    दर्द से कराह रहे अपने बाजुओं को समेट,
    आँसुओं से भीगते तकिये को खुद से लपेट,
    आहे भरते हो तिनका तिनका रोज जैसे मरते हो

    छोड़ गया साथ कोई मोड़ गया हाथ कोई,
    दिल की दहलीज पार करके क्यूँ लौट गया,
    अरे जिन्दा था तो पास रह्ता जाता नही,
    जाना ही था अगर पास मेरे आता नही,
    आश होकर भी निराश कर गया कोई

    जब तुम चले जाओगे तनिक मुस्कुराउंगा,
    गीत जो पसंद तुम्हे तनिक गुन्गुनाऊगा,
    आज फिर उदास हूँ कल फिर संभल जाऊंगा,
    तुम हा खुद को यकीनन सम्भाले रखना,
    देर से ही सही मैं फिर वापस आउंगा

  • tondumal 5w

    खूबसूरती

    मेरी कविताओ को छुपकर पढ़ती थी शायद,
    मुस्कुराती भी होगी क्या पता,
    मुझे सोचती भी होगी शायद,
    लेकिन जब मिली तो ,
    चमकती भूरी आँखो मे शहद का रंग लिये,
    भरे हुये गाल जैसे अलसाये देवी पुष्प,
    संवरी हुयी भौंहों के बीच खुबसूरत बिंदी,
    गुलाबी अधरों से मुस्कुराती भावनाएँ लिये,
    उसने कहा मैं खूबसुरत नही।

    शृंगार की कविताए लिखती है,
    विरह की वियोगिनी बनकर,
    माथे मे सिन्दूर सजा,
    जीवन की आहे भरती है,
    सुबह पक्षियो के कलरव से जाग,
    रंग जैसे तपते कोयले की आग,
    नख सिख तक मर्यादा मे डूबी सीता बन,
    स्नान ध्यान कुछ छूटा नही पूजा हवन,
    जीवन के इस पड़ाव मे भी,
    हृदय के रिसते दर्द को सी,
    प्यार की अब भी बाते करती है,
    फिर भी कहती है मैं खूबसुरत नही।

    सुनो जब चमक उठती हैं आँखे तुम्हारी,
    और अपने चांदनी से लिपटी लटों को,
    तुम संवार लेती हो ,
    जब अपने घर का काम निपटा,
    खुद नौकरी पर जा,
    तुम घर सम्भाल लेती हो,
    जब जज्बात अपने समेट,
    तुम सारा दिन किसी के लिये भूखी रह लेती हो,
    जाने कैसे समझाउँ तुम्हे,
    तुमसे खूबसूरत कौन है

  • tondumal 5w

    मिल लेना

    दावत दी है तुम्हारे शब्दों ने क्या परोसोगी,
    जब आँखे मेरी पढ़ेंगी कुछ और,
    और शब्दों से ये हृदय महसूस करेगा कुछ और,

    जब तुम्हारी कोमल उंगलियों की थिरकन से,
    नाचते शब्द किसी बगिया के रंग बिरंगे फूलों जैसे,
    मेरे मन को सुवासित कर देंगे केवड़े के इत्र से,

    अपने अधरों की लाली से चूम कोई गुलाब लिख देना,
    जब हो जाओ बुझ चुके शब्दो के आडम्बर से बोर,
    सुनो एकान्त किसी वट वृक्ष तले प्रिये कभी तुम मिल लेना

  • tondumal 12w

    याद

    तुम मुझे देखना तो मेरी आँखों मे देखना,
    तुम देखना मेरी आँखों मे खुद को,
    फिर देखना क्या मै भी हूँ तुम्हारी आँखों में,
    तुम देखना अपनी आँखों मे मुझको,
    हम दोनों देखेंगे एक दूजे को यूँ हीं,
    जैसे आँखे ख्वाब देखती हैं

    तुम क्या हो,
    एक ख्वाब ही तो हो,
    वर्ना आँखों के आंसू नही,
    अनदेखे सपने नहीं,
    तुम हकीकत होते,
    मैं याद करती तो तुम भी रोते

    बहुत याद किया तुम्हें,
    पर तुम न आये,
    गीली आंखों मे काजल लगाया,
    उज्ली तस्वीरें लीं स्टेटस पर सजाया,
    हाए कितने सितम ढाये तुमने,
    मेरा कोई शृंगार काम न आया

    अब जाओगे तो नहीं,
    सुनो अब मत जाना,
    वादा करो जब होगे उदास मुझे बुलाओगे,
    मै रूठ जाऊं तो मनाओगे,
    कितना भी हो लूं नाराज,
    तुम हमेशा मुझे याद आओगे