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Reposts
  • thezero_pen 5w

    Emotion is the most powerful but easy accessible weapon created and installed by God. But what happens with every weapon is, it can be used for both good and worse possible motives; depending upon whose hand's on.
    Hate-trade is a war, be it religious, cultural or racial; fought only for the destruction of peace, with the same weapon called "Emotion". So, get well soon...

    ©thezero_pen

  • thezero_pen 8w

    सपनों का टूट जाना मौत ही है, और तोड़ देना उस इंसान का हत्या।

    ©thezero_pen

  • thezero_pen 8w

    Kitna aasan he!!

    Kitna aasan he bewafai bhi, wafadari se yùn nibhana
    Manjil mile to todd naw ko, kinare per jala dena
    Ishk ibadat baat raat kar, din hote hi badal jana
    Sine pe sir, chadar hode, saans talak fuslana
    Durbhash se, bhas rash ki maut talak bhar jana
    Kitna aasan he, ab ke saharoñ me "Let's Move on" bol pana...

  • thezero_pen 9w

    Kese lagta he!!
    Kese lagta he khud ko dhund n pana
    Dil k har dhadkan per shrap ban jana
    Apne hi sapnon ko rakh kar jana
    Kese lagta he jinda ho, lash ban jana...

    ©thezero_pen

  • thezero_pen 17w

    लाश २३

    Jinke har ek muskan ke khatir hum apne aap ko mita diye
    Unhe laga, chand tasvir chhupakar, is dilme se me khud ko mita diye!

    Itna hi gar aasan hota mohobbat ko yun hi mitadena
    Hum kab se na mita dete, kya jarurat tha hume khud hi me mit jana?

    Na hum ne kaha ke, vo fir laut aaye, na hum ne socha kabhi, ke us ghar me darar aaye
    Hañ vo muskan dekhne taras te hain, daag lage jo dhadkan pe parakhne se darte hain।

    Jo sapnoñ me na soche, vo daag hum jite hain
    Khud se paraye hain, aur kai lash ko ddhote hain।


    ©thezero_pen

  • thezero_pen 25w

    Buss ek muskurahat ko, kai khusiyan kam pad jati he,
    Mukhota kirdar-a-rafiiq, fir bhi dill numm kar jati he;
    Mat karo mohobbat gar mad munasib hushn-a-tamir ko,
    Ab to mursid-a-halaakat ko bhi ho isq, jurm kahlati he...

    ©thedead_pen

  • thezero_pen 26w

    गवारों से गवारा नहीं जाता, मुल्क में हो अगर प्रीत आज कल;
    गांधी के सोच बताते हैं, गोडसेवाद को शागिर्द आज कल!

    असमंजस है, भगत- सुभाष ने, नेहरू को गाली दिए क्यों नही;
    नहीं तो आसान हो जाता बनावटी इतिहास, कायरों की दिखावटी जीत आज कल।

    कोई बोले "भगत से नेहरू मिला क्यों नही", तो कोई चाणक्य को बाबर से लाडवाता है;
    कोई गिने नेहरू की सिगरेट का खर्चा, तो कोई ऑस्ट्रेलिया को अस्त्रालय बना देता है!

    गजब के इतिहासकार है यारों, हर बात पर नफरत व्यपार है इनका;
    मोहब्बत से पहले जात मज़हब है पूछते, और राष्ट्रवाद पर मानो है एकाधिकार इनका!

    कोई पढ़ाता "भगत हिंदुत्व के पुजारी ", कोई नेताजी को नेहरू से मरवाता है;
    बाबासहेब के ये मूरत बनाते, और विचार को अपमानित करवाते है।

    धन्य भाग आज़ादी अब मिली, भीख मांग कर पुरस्कृत होने की;
    नहीं तो ये "उत्कृष्टता के संस्थानों" से क्या होगा, ये तो गलतियां सारे हें नेहरू के।

    सजावटी घोड़े से ज्ञानी अहमक़ पर ख़र्चे, साहेब यह मन से माफ़ न करेंगे कभी;
    बनावटी इतिहास के दिखावटी चर्चे, नब हस्तिनापुर की है ये पहचान अभी।

    ©thedead_pen

  • thezero_pen 27w

    ଶବ ଶବ୍ଦ/୭...

    ଜୀବନ ର ମାନେ, ନିଶ୍ୱାସ ଯେ ନୁହେଁ;
    ମଣିଷ ଜୀବନେ, ତିଳେ ଖୁସି ଚାହେଁ।
    ସତ ଯେ କହିବ, ସବୁ ହରାଇବା;
    ମିଛ ଯେ କହିଲା, ସବୁ ସେ ପାଇବ।
    ଦୁନିଆର ନୀତି, କିଏ ଏପରି ଗଢ଼ିଲା;
    ଯାହା ଯୋଗ୍ୟ ନୁହେଁ, ମନ ତାକୁ ହିଁ ଚାହିଁଲା!
    ଭଲ ପାଇବା ବି, ମୃତ୍ୟୁ ର ସମାନ;
    ଜୀବନ୍ତ ବ୍ୟକ୍ତିର, ଶବଟିଏ ଜାଣ।
    ସପନ ନାୟକା, ସେ ରାଜକୁମାରୀ;
    ପାରିଜାତ ନୁହେଁ, ତୋ ଭାଗ୍ୟ ସବାରୀ।
    ଶବ ଶବ୍ଦ ଗାଏ, ଶୁଷ୍କ ମରୁ ଝଡ;
    ଶୁଖିଲା ବୃକ୍ଷ ତୁ, ଶୁପ୍ତ ତରୁବର।
    ଜୀବନ ଯେ ତୋର, ମରୁ କିମ୍ବଦନ୍ତୀ;
    ଯାଜ୍ଞସେନୀ ନୁହେଁ, ତୋ ହୃଦ ଚାନ୍ଦିନୀ।
    ଶୁଣିବ କାହିଁ ସେ, ତୋ ହୃଦୟ କବିତା;
    ତାର ସେ ଜୀବନ, ରାଜା ରାଜ୍ୟେ ବନ୍ଧା।
    ଏଇ ତୋ ଜୀବନ, ଶବ ହୃଦୟ ମାନିଯା;
    ସେ ଖୁସିରେ ରହୁ, ସେଇ ଯେ ତୋ ଆଶା।
    ©thezero_pen

  • thezero_pen 27w

    Mohobbat agar sahi sangat wale insan se ho, tab vo kuch bhi hojae aapke sapno ko khud se pahle chunega. Aur agar yahi mohobbat galat sangat wale insan se ho, tab vo aap ko hi jinda lash me samet dega. Yahi jindgi he, aur yahi maut bhi...

    ©thezero_pen (लोमड़ी)

  • thezero_pen 29w

    ही भाला छातीवरून जात आहे;
    राख अश्रू रडत नाही, ते फक्त रक्त जळण्याची...

    ©thezero_pen