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Reposts
  • theshekharshukla 8w

    सब ने दिया था मशविरा मुझे,
    मैं सच छुपाता रह गया मगर।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 8w

    मुद्दत बाद तेरी पुरानी तस्वीर सीने से लगाई है,
    शायद! तेरी यादों से ये मेरी आख़िरी लड़ाई है।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 8w

    दुआओं में जिस नाम का ज़िक्र हुआ करता था कभी,
    आज वही नाम ख़्वाब में आ कर नींद से उठा देता है।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 15w

    Back in action....

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    उभर आएंगी मेरे हाथ में तेरे नाम की लकीरें भी,
    तू एक बार को मेरा हाथ दो घड़ी थाम के तो देख,
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 16w

    मैं खरोंच खरोंच कर दिल से चिपकी हुई यादों को निकाल रहा हूँ, मेरे नाखून खून से लथपथ हो चुके हैं। मैं दरवाज़े पर बहते खून से लिख रहा हूँ कि अब इस दिल के साथ इससे जुड़े सारे एहसास भी मर चुके हैं। मैं अपने ज़िस्म में दिल की क़ब्र बनते देख रहा हूँ और ख़ामोशी से ख़ुद को फ़ना होते हुए भी। किसी से जुदा होने का फ़ैसला, जितना कठिन और नामुमकिन दिखता है अस्ल में वो ख़ुद की मौत को बुलावा देने के बराबर है।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 17w

    एक मतला और दो शे'र, पूरी ग़ज़ल फिर कभी ....

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    ये किस ग़म के मारे हैं सब,
    क्या कुछ अपना हारे हैं सब।

    दुश्मन किसको कहते हो तुम,
    भगवन के तो प्यारे हैं सब।

    जो हारा वो भी, सत्ता में!
    उनके वारे न्यारे हैं सब।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 17w

    कितना तुमको चाहा हमने,
    दिल ख़ुद का ही तोड़ा हमने।

    रातें ग़म से तर कर ली है,
    दूर जा कर बस रोया हमने।

    हर वो दिन अच्छा रहता है,
    जिस दिन उसको देखा हमने।

    बातें, यादें, लम्हें, मौसम,
    क्या कुछ सँजो रक्खा हमने।

    होंठो का छूना होंठो से,
    बाँहों में फिर थामा हमने।

    उसके जैसा वो ही था बस,
    दूजा ना फिर देखा हमने।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 17w

    क्यूँ संभाले रक्खा मुझको तुमने, इस दिन के ख़ातिर,
    क्यूँ आँखों में लादे तुमने सपने, इस दिन के ख़ातिर।

    दुनिया से झगड़ा कर के बैठा हूँ कितने सालों से,
    तुम भी अब मुझसे झगड़ा करती हो, इस दिन के ख़ातिर।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 17w

    सीमा हो ना कोई मोहब्बत की फिर भी,
    तुम अरमानों को अपने संभाले रखना।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 17w

    तुमने रिहा कर दिया जिसे क़ैद से,
    वो कफ़स से जुदा हो के मर गया।
    ©theshekharshukla