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  • theshekharshukla 1w

    कितना कुछ चाहते हैं हम अपनी ज़िंदगी में,
    फिर किसी एक दिन हमें इश्क़ हो जाता है।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 1w

    तल्ख़ियों का सबब यूँ बन गया है इश्क़,
    हर बात पे वज़ह ढूँढते हैं जुदा होने की।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 1w

    अब रिहाई की उम्मीद करना ही बेमानी है,
    क़ैद बेहतर है इश्क़ की, बाहरी दुनिया से।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 1w

    सब ने दिया था मशविरा मुझे,
    मैं सच छुपाता रह गया मगर।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 1w

    मुद्दत बाद तेरी पुरानी तस्वीर सीने से लगाई है,
    शायद! तेरी यादों से ये मेरी आख़िरी लड़ाई है।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 1w

    दुआओं में जिस नाम का ज़िक्र हुआ करता था कभी,
    आज वही नाम ख़्वाब में आ कर नींद से उठा देता है।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 9w

    Back in action....

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    उभर आएंगी मेरे हाथ में तेरे नाम की लकीरें भी,
    तू एक बार को मेरा हाथ दो घड़ी थाम के तो देख,
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 10w

    मैं खरोंच खरोंच कर दिल से चिपकी हुई यादों को निकाल रहा हूँ, मेरे नाखून खून से लथपथ हो चुके हैं। मैं दरवाज़े पर बहते खून से लिख रहा हूँ कि अब इस दिल के साथ इससे जुड़े सारे एहसास भी मर चुके हैं। मैं अपने ज़िस्म में दिल की क़ब्र बनते देख रहा हूँ और ख़ामोशी से ख़ुद को फ़ना होते हुए भी। किसी से जुदा होने का फ़ैसला, जितना कठिन और नामुमकिन दिखता है अस्ल में वो ख़ुद की मौत को बुलावा देने के बराबर है।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 10w

    एक मतला और दो शे'र, पूरी ग़ज़ल फिर कभी ....

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    ये किस ग़म के मारे हैं सब,
    क्या कुछ अपना हारे हैं सब।

    दुश्मन किसको कहते हो तुम,
    भगवन के तो प्यारे हैं सब।

    जो हारा वो भी, सत्ता में!
    उनके वारे न्यारे हैं सब।
    ©theshekharshukla

  • theshekharshukla 10w

    कितना तुमको चाहा हमने,
    दिल ख़ुद का ही तोड़ा हमने।

    रातें ग़म से तर कर ली है,
    दूर जा कर बस रोया हमने।

    हर वो दिन अच्छा रहता है,
    जिस दिन उसको देखा हमने।

    बातें, यादें, लम्हें, मौसम,
    क्या कुछ सँजो रक्खा हमने।

    होंठो का छूना होंठो से,
    बाँहों में फिर थामा हमने।

    उसके जैसा वो ही था बस,
    दूजा ना फिर देखा हमने।
    ©theshekharshukla