Grid View
List View
Reposts
  • the_nerd_girl 4w

    कुछ कर गुजरने का आज जज़्बा नया सा हैं;
    आखिर पल पल मर मर कर जीने का इरादा किसका हैं;
    हैं हौसला बुलंद आखिर हर आंधी से आज तक जीता हैं;
    तो क्या अगर मैंने हर रात को रूह का हिस्सा थोड़ा खोया हैं।

    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 7w

    कभी कभी लगता हैं बहुत कमज़ोर हूं मैं,
    और फिर याद आती हैं वो सर्द रातें,
    आंधी थी और बेघर हम, हम तन्हा थे,
    जान तब भी दे सकते थे मगर, जी लिया हमने,
    उन सर्द रातों को बाहों में समेटकर, उसी तरह,
    उसी तरह जिस तरह बहारों को बाहों में थामे चूमा करते थे!


    -Prarthana
    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 9w

    सौ दफा पूछा हैं खुद से यह ही सवाल मैने
    कि कोई मुझसे प्यार क्यों नहीं कर पाता हैं।

    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 10w

    ज़ुबान खुलते हीं पता लगता हैं की कितने अलग अलग हैं सब। खामोशियों का बटवारा नहीं किया जाता!

    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 10w

    The beauty of the sky with a glint of blood at the horizon reminds me of the impending apocalypse. Maybe what people say is true, I do have a destructive mind. I see pain and suffering in the brightest of the smiles. Or maybe somewhere deep down I understand that every beautiful thing must perish and I feel I must be prepared for it.

    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 13w

    Main ek hi sawal khud se har baar karti hu,
    main andhere ko dil me chaane kyu deti hu!

    Read More

    The day reeks of tears and shattered hope. The heaviness that I woke up with seems to get heavier and deeper with the day. I feel like thirst gripping on my throat as I walk through the dessert of despair with my ankles deep in sand of failure. I try very hard to move but my strength fails me and my head hurts. I lie there thus, waiting for the moon to soothe my burns and wrap me in a blanket of faraway dreams, making me forget momentarily that another day shall follow.

    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 17w

    तुम, मैं और यह शाम, गुनगुनाती, चंचल;
    हवा संग डोलती, कभी बेचैन, कभी स्थिर,
    रात की दहलीज पर जुगनू सी चमकती हैं
    तुम, मैं और यह शाम, एक सी ही लगती हैं।

    -Prarthana
    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 17w

    सांस भी नहीं आती तुम्हारे बिना अब तो,
    बोलो अब अकेले जिंदगी कैसे जी लू मैं।

    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 17w

    Breaking was fate.
    I wish fate was easy.

    ©the_nerd_girl

  • the_nerd_girl 19w

    कागज़ के पन्नो में खोया एक इश्क़ का टुकड़ा,
    तुम्हे देखा सदियों बाद आज तो वो याद आया;
    धूल जमी थी इश्क के अरमानों पर अब तक,
    तुम मुस्कुराए तो सब आईने सा साफ हो गया।

    -Prarthana
    ©the_nerd_girl