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  • tejasmita_tjjt 16h

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    सफाई वहां देनी चाहिए जहां
    तुम्हें सुनने और समझने के लिए
    खुला दिमाग हो खुली सोच हो
    जिसने तुम्हें गलत मान ही लिया है
    उसके सामने सफाई देने का मतलब
    खुद को खुद की नजरों में गिराना है
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 1w

    #rachanaprati93
    @jigna_a

    बस कुछ यूं ही.....

    याद है तुम्हें वो पहली मुलाकात
    वो गर्मी की पहली सी बरसात
    जब हम मिले थे बिन मौसम अचानक
    बादल बहुत तेज गरजे थे

    जरा जरा सा भीगे थे हम तुम
    साथ बैठ एक दूजे के
    हाथों से चाय पीए थे हम तुम
    याद है तुम्हें......

    तुम्हारे हाथों की बनी हुई वो चाय
    अदरक इलायची गजब का स्वाद
    तारीफ करते नहीं थकता था मैं
    आदत हो गई है कहता था मैं

    अब ना तुम हो ना है वो चाय
    अब तो बस संग है वो याद
    अब ना वो बादल गरजते हैं
    ना ही वो बरसात होती है

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    .

    तुम तो नहीं हो पर
    ये बादल
    ये बरसात
    ये चाय
    और
    तुम्हारी याद
    हर पल तुम्हारे होने का
    एहसास दिलाती है
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 1w

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    रंग चढ़ा था हम पर भी कभी मोहब्बत का
    हर मंजर हर डगर सब रंगीन नजर आता था
    हाल कुछ ऐसा हो गया है क्या कहें तुमसे
    हर पल हर सजर अब रंगहीन हो गया है
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 1w

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    गैरों से नहीं अपनों से डर लगता है
    विश्वास से विश्वासघात का डर लगता है
    क्योंकि नाव को बाहर के पानी से नहीं
    अंदर के छेद की वजह से डूबते देखा है
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 1w

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    मेरे हर मर्ज का पता है उसे
    बस दवा नहीं करना चाहता है
    छोड़कर अपने हाल पर मुझे
    हर सवाल से मुकर जाना चाहता है
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 1w

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    आंखों को मींचे मींचे तेरे पीछे पीछे
    ख्वाबों में छुपके पलकों के नीचे नीचे
    इक नई दुनिया बसाने हम तुम चलें
    चांद का घर हो तारों की छत के तले
    चलो तुमको लेकर चलें हम वहां
    मैं और तुम बस हम ही हो वहां
    बस प्रेम ही प्रेम हो जहां देखूं वहां
    मोहब्बत का नया आशियां बनाने
    दिल की अलग अपनी दुनिया बसाने
    चलो इस जहां से कहीं दूर हम चलें
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 1w

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    कपड़ों में दोष क्यो निकालते हो साहब
    नजर और नियत ही होती है लोगों की
    वरना कपड़े तो द्रौपदी के भी छोटे नहीं थे
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 1w

    #rachanaprati91
    @anandbarun जी सर
    @alkatripathi79
    @goldenwrites_jakir
    @anusugandh

    बिन पानी कुछ भी संभव नहीं है
    राजहंस के लिए मोती मानव के लिए इज्जत
    और भोजन के लिए अतिआवश्यक है।
    Please read post��������

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    पानी

    नीर की महिमा भी निराली है
    अंबु वारी तोय जाने कितने नाम हैं
    कभी बरखा बन अंबर से बरसता है
    तो कभी दर्द बनकर नैनों से बहता है
    प्यासे को गर ना मिले जो वारी
    तो जान की लग जाती है बाजी
    बहुलता हो जाए तो आफत है भारी
    जमकर श्वेत रूप में बनता है हिमानी
    जरा सी भाप से ही हो जाता है पानी

    रहीम जी का दोहा भी क्या खूब है-
    "रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून
    पानी गए न ऊबरै मोती मानस चून।"
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 2w

    #rachanaprati91

    सर्वप्रथम aayaaverma12 को धन्यवाद कहना चाहूंगी कि उन्होने मुझे मंच संचालन का अवसर दिया। अगर संचालन में कोई त्रुटि हो गई हो तो क्षमाप्रार्थी हूं।
    सबकी रचनाएं सर्वश्रेष्ठ थी। सभी विजेता हैं

    ❤️❤️❤️❤️❤️❤️
    @goldenwrites_jakir भाई
    @alkatripathi79दीदी
    @anandbarun जी सर
    @shayarana_girl
    @mamtapoet
    @anusugandh दीदी
    आगे मंच संचालन की बागडोर मैं @anandbarun जी सर सौंपना चाहूंगी, आगे संचालन का काम आप संभाले सर
    धन्यवाद.
    ©tejasmita_tjjt

  • tejasmita_tjjt 2w

    सब्र का इम्तिहां जब खत्म हो जाता है
    पीड़ा का भाव उच्चता पर हो होता है
    दर्द जब असहनीयता की ओर होता है
    तब मनो मस्तिष्क में यह विकार उत्पन्न होता है
    तब इंसान में क्रोध पैदा होता है
    एक पल में सब कुछ तहस नहस कर देता है
    सही गलत में पहचान करना कठिन हो जाता है
    कभी रिश्ते कभी घर तो कभी जीवन
    एक पल में सब बर्बाद कर देता है
    प्यार और स्नेह के पलों को खा जाता है
    जीवन में कड़वाहट भर देता है
    ये क्रोध.....
    ना जाने कितना कुछ उजाड़ देता है