sweta_singh99

#schoolprincipal always one step ahead

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  • sweta_singh99 6h

    अभी जो जिन्दा है या वो जिन्हें जिन्दगी वापस मिली है


    सचेत हो जाएं, दो गज की दूरी मास्क है जरूरी फिर से अपनाएं

    छूट मिली थीं तो बेपरवाह थे हम टिका के प्रति लापरवाह थे हम

    दांव पर लगा कर जिंदगी घूम रहे हैं ,बच्चे बुढ़े और हम बेफिक्री से जी रहे हैं

    अब गलती की सज़ा शमशान में जा काट रहे हैं
    मरने के बाद भी अर्थी को कंधा नसीब नहीं ये दिन देखने को मिल रहें हैं

    जिन्दगी किड़ो मकोड़ों सी हो रही है हर वक्त सांसों की गिनती हो रही है

    आइए अब हम मानव जाति शपत ये लेते हैं खिलवाड़ प्रकृति से हम दोबारा नहीं करेंगे

    मास्क लगाएंगे दो गज की दूरी भी बनाएंगे वरना
    दो गज जमीन के नीचे ही दफन हो जाएंगे

    स्वस्थ रहें! सुरक्षित रहें ! मानव हित में जारी
    ©sweta_singh99

  • sweta_singh99 15h

    नजरों से ही मार डालो तुम्हें खंजर की क्या जरूरत
    ऐसे आशिक हो बाज़ार में तो दुश्मनों की क्या जरूरत
    ©sweta_singh99

  • sweta_singh99 1d

    लम्बी डगर है लम्बा सफ़र हैं
    थम रही हैं सांस वक्त पर उसकी नज़र है

    इंसानों ने प्रकृति पर ढाया बहुत कहर है
    भूल चुके हम ये पृथ्वी औरों का भी शहर है

    दुषित किया जल ,थल और नभ ये पाप का फल है
    चेहरे छुपा घर में बैठा है इंसान अब ये असर है
    ©sweta_singh99

  • sweta_singh99 2d

    Taken from Gita ��

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    एकांत

    .

    'अकेलापन' इस संसार में
    सबसे बड़ी सज़ा है.!
    और 'एकांत'
    सबसे बड़ा वरदान.!


    ये दो समानार्थी दिखने वाले
    शब्दों के अर्थ में
    आकाश पाताल का अंतर है।


    अकेलेपन में छटपटाहट है,
    एकांत में आराम.!


    अकेलेपन में घबराहट है,
    एकांत में शांति।


    जब तक हमारी नज़र
    बाहरकी ओर है
    तब तक हम
    अकेलापन महसूस करते हैं.!


    जैसे ही नज़र
    भीतर की ओर मुड़ी,
    तो एकांत
    अनुभव होने लगता है।


    ये जीवन और कुछ नहीं,
    वस्तुतः
    अकेलेपन से एकांत की ओर
    एक यात्रा ही है.!


    ऐसी यात्रा जिसमें,
    रास्ता भी हम हैं,
    राही भी हम हैं और
    मंज़िल भी हम ही हैं.!!


    घर में अकेलापन नहीं अपनापन है इसका आनंद लीजिए




    .

  • sweta_singh99 2d

    कुछ अनकही बाते जीने के मायने बदल देते हैं
    वो नज़रों से कह गईं और हमने जीने के सलिके बदल दिए
    ©sweta_singh99

  • sweta_singh99 3d

    I don't know what am I writing ����

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    अर्ज

    अर्ज है आप अपने खातिर हमें भूल जाइए
    खुदा के वास्ते ,मश्रवरा हमारी मान जाइए

    मोम की तरह पिघले हैं आप रात भर मगर
    हमें अपनी तरह धागा बना मत जलाइए

    दिल जला दिया है मैंने अब घर ना जलाइए
    कोई नहीं है दिल के मोहल्ले मे किसी और गली जाइए

    एक और अर्ज मेरी मान जाइए बन्द पड़ी आलमारी के सारे ख़त जला जाइए
    ©sweta_singh99

  • sweta_singh99 4d

    एक कप चाय के संग तेरी मीठी बात हो
    ऐसी ही हर सुबह बस तेरा साथ ‌हो

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    ☕☕

  • sweta_singh99 5d

    कहना जरूर

    दिल में हो अगर कोई बात कहना जरूर
    भले अस्त व्यस्त हो जिन्दगी मां के गले लगना जरूर
    ©sweta_singh99

  • sweta_singh99 1w

    दिल के जज़्बातों को अब दबाया नहीं जाता
    हाल-ए-दिल को अब समझाया नहीं जाता

    दिल के खिलौनों को बाजार में सजाया नहीं जाता
    मेरी यादों को ऐसे सरेयाम भुलाया नही जाता

    ग़म का नज़्म महफ़िल में ऐसे बजाया नहीं जाता
    तमाशा-ए-जिन्दगी पत्थरों पर खुदवाया नहीं जाता

    हर ज़ख्म पर मरहम लगाया नहीं जाता
    वक़्त को वक़्त पर ही छोड़ दो कि घायल दिलों को और आग लगाया नहीं जाता
    ©sweta_singh99

  • sweta_singh99 1w

    The words come from core of my heart
    #hindinama#hindiwriters

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    लिखने वाले,अपने दर्द को दिलकश अल्फाज़ में पिरो जातें हैं
    ये क़लम की कशिश है, और वो दिल के करीब हों जातें हैं
    शायरों का अशआर बेशकीमती है ,
    और हम बेफिक्री से हर हालात के जिक्र पर वाह वाह कह लुफ्त उठाते हैं
    ©sweta_singh99