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  • swapdream 58w

    बेघरों की बस्ती में तू, कहाँ ढूंढ रहा हैं घर
    चार दिन का है डेरा, नहीं करना यहाँ बसर
    ©swapdream

  • swapdream 62w

    रास्ते पे चलते साफ सुधरे पैरों को
    पगदंडी की धूल याद आ रही है।
    गुलाब के दरीचे से उकता चुके है
    चमेली की खुशबू याद आ रही है।
    बड़े बड़े मकानों में रहनेवालों को
    घर के आंगन की याद आ रही है।
    दो चार लोगों से अब मन नहीं भरता
    दोस्तों के गपशप की याद आ रही है।
    शहर में रहते रहते शहरी बन गये है
    न जाने क्यों गांव की याद आ रही है।
    ©swapdream

  • swapdream 63w

    माना कि, तुम्हें भुलना मेरी मजबूरी है
    पर तुम्हारी याद जीने के लिये जरूरी है।

    सुना है हमने भी, हंसने से बढ़ जाती है उम्र
    पर रोना, दिल की सलामती के लिये जरूरी है।

    बिना हमसफ़र बारबार रुक जाते है कदम
    पर चलना, मंज़िल पाने के लिये जरूरी है।

    हर कोई यहाँ मिलेगा रोशनी का दिवाना
    पर अंधेरा, आंसू छुपाने के लिये जरूरी है।

    आंस टूटने से ही हो जाती है दिल की मौत
    पर सांस रुकना, शरीर मरने के लिये जरूरी है।
    ©swapdream

  • swapdream 63w

    वो दर्द से उभरने के नुस्खे सिखा रहा था
    मैं आँखों में डूबने के रास्ते दिखा रहा था
    ©swapdream

  • swapdream 64w

    संवेदनाशील मनुष्य व्यक्त झाल्याशिवाय राहूच शकत नाही.
    ©swapdream

  • swapdream 65w

    सफ़र

    सफ़र है अंदरुनी, तो अकेले ही तय करना होगा
    बड़ी जद्दोजहद के बाद खुद से खुद का मिलना होगा
    ©swapdream

  • swapdream 65w

    एक टुकड़ा धूप का

    एक टुकड़ा धूप का
    जहाँ जहाँ गिर गया
    धीरे धीरे होले होले, वो
    सारा जग रौशन कर गया।

    एक टुकड़ा धूप का
    जब पेड़ पर गिर गया
    हरा हरा पेड़ खुशी से
    और ज्यादा खिल गया।

    एक टुकड़ा धूप का
    जब पानी पर गिर गया
    पानी के अंदर भी नया
    जीवन पैदा कर गया।

    एक टुकड़ा धूप का
    जब पत्थर पर गिर गया
    उसके सीने में दिल धडका
    वो भी जिंदा हो गया।

    एक टुकड़ा धूप का
    जब काँच पर गिर गया
    हर टुकड़ा काँच का
    हीरे सा दमक गया।

    एक टुकड़ा धूप का
    मुझ पर गिर गया
    उसके नर्म गर्म स्पर्श से
    मैं नवचैतन्य से भर गया।
    ©swapdream

  • swapdream 65w

    जिंदगी तुने हर मुमकिन कोशिश की, कि हम बिखर जाये
    पर हम है कि, तेरे हर हादसे के बाद और निखर आये।
    ©swapdream

  • swapdream 66w

    टूटे रिश्तों को तोडना आसान नहीं
    बीते कल को छोडना आसान नहीं
    दिल की बातों को कब समझी है ये अक्ल
    दिल-औ-दिमाग को जोडना आसान नहीं
    ©swapdream

  • swapdream 67w

    तुम्ही जोपर्यंत लोकांच्या हक्कासाठी लढता, तोपर्यंत लोकं तुम्हाला डोक्यावर घेतात.
    पण,
    जेव्हा तुम्ही स्वतःच्या हक्कासाठी लढता, हीच लोकं तुम्हाला पायदळी तुडवतात.
    ©swapdream