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  • surbhi_verma 3w

    लोगों ने मानो अपने प्रभेद को मेरा अस्तित्व साबित करने का सोच लिया हो । लोगों के बताए कुछ किस्से तो मेरे किताब की पन्नो का हिस्सा है भी नहीं , पर मानो दोहराने से बातें सच हो जाया करती है , विचार बदल जाया करते है ।
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 3w

    मेरे पूर्णविराम के आगे की भावना !

    कुछ खास शब्द को दफनाते ,
    एहसासों के लहरों से टकराते ,
    फिर जो वाक्य तुमतक पहुंचते है ,
    वो कुछ अधूरे ही तो है ।
    स्थिरता मेरे शब्दो की ,
    जन्म कुछ अनकहे पहलू को देती है ,
    उलझते मुझमें - सुलझते मुझमें :
    ये पहलू ही तो वो भावना है !
    जो मेरे पूर्णविराम के बाद भी जीवित है ।
    न जाने सबकुछ कहकर भी ,
    इतना कुछ अनकहा कैसे रह जाता है ।
    आवारा-सा दिल , मनचाहे कदम है ,
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 15w

    ENDING OF MY ANALYTICAL ABILITY !

    Finding you was never so hard ,
    Until I got you !
    Alas ! What a hell thing to talk over .
    Though , you entered my soul quite before ;
    " Eyes are the windows to the soul "
    I also agree - but what the shit is drunk eyes !
    But , my stupid self !
    I can feel the difference over us .
    But I won't express ..
    much better na !
    Your arrogance is quite intolerating - I must say !
    Or why would I tolerate ?
    Well Well Well !! The thing is ,
    Her fall was so instant !
    It's not difficult to recognise people for me ,
    Even after knowing the truth ,
    I still fall for you ,
    With the same density !

    What type of stupidity is this man !

    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 20w

    कहानी मेरी है , लेखक तुम मत बनो ।

    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 24w

    बेवफा है सब , झूठी मुस्कान है ।
    यही तो ज़िन्दगी है , बस खामखां परेशान है ।
    रंग खुलेआम बिकतें है यहां ,
    महफ़िल तो बेकार ही बदनाम है ।
    अरे यहां बेफिक्रें भी फिक्र करते है ,
    और समय पर गूंगे भी जिक्र करते है ।
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 24w

    तकलीफें तुमसे मेरी भी हज़ार है ,
    पर पीठ पीछे मैंने नहीं किया वार है ।

    कमी फुर्सत की होगी या व्यक्तित्व की ,
    पर ये दिखावा हिस्सा नहीं है मेरे अस्तित्व की ।

    मेरा रंग,रूप और जाति मेरे नियत का प्रमाण तो नहीं है ,
    तुम्हारी गिरी सोच जन्मजात है , बेशक मेहमान तो नहीं है ।

    कहानियां तो आज भी मेरी ही पसंद है तुमको ,
    नफरत भी हमसे , बातें भी हमारी ही करनी है उनको ।

    माना हम बुरे है , तुम बताओ तुम कितने शरीफ हो ?
    सामने शेर पुकारेंगे तुम्हे , पीठ पीछे तुम भी उनके लतीफ़ हो ।

    तुम्हारे स्तर पर गिरने से अगर जीत होती है मेरी ,
    तो फिर ये हार ही मेरा सम्मान है ।

    किरदार मेरा कमज़ोर नहीं है , ज़रा समझदार है ।
    कर लो सारी अच्छी बातें , नियत तो तुम्हारी बेकार है ।
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 29w

    Either keep texting me ,
    Or continue back bitching.

    Totally upto you !

    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 30w

    Tujhse baat karne ke liye
    Na jaane kitno se rishte bigaade hai
    Bohot aasaan hoga tere liye
    Mujhse bhi baakiyo jsa pesh aana
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 30w

    यक़ीनन !

    छोड़ो रात की सुनसान आवारा गालियां ,
    घर में दिन के उजालों में भी कहां सुरक्षित है बेटियां !
    इस दौर में अपराध की संख्या तो जनसंख्या से भी ज्यादा है ,
    सुलझना - सुलझाना बाद में -
    अभी तो हिन्दू - मुस्लिम बोलके लड़ने का इरादा है !
    ज़रा वक़्त मिले तो बेटे - बेटियों में फर्क भी कर लेंगे ,
    ये सलीके वाले तो अब भी रेप में दोष बेटियों को देंगे !
    होली के रंगों में भी सांवले रंग का मज़ाक उड़ाना नहीं भूलेंगे ,
    ईद में गले लगाते वक्त पीठ पर खंजर चलाना भी नहीं भूलेंगे !
    राम - रहीम पे लड़ने वाले पहले इंसान बनना कब जानेंगे ?
    दुर्गा के शीश में सर गिराने वाले , औरत को इंसान कब मानेंगे ?
    ना जाने कब हर इंसान को दो वक़्त का निवाला नसीब होगा ?
    ना जाने कब नेताओं के बेटों की गलतियों का हिसाब होगा ?
    देश का भविष्य तो प्रीति के प्यार में सिगरेट फूंकने में व्यस्त है ,
    कलयुग के राम - लक्ष्मण चंद ज़मीन का बंटवारा करने में व्यस्त है ।
    ©surbhi_verma

  • surbhi_verma 30w

    Everything was wrong UNTIL ,
    I met my Mr right .

    surbhi_verma