sparkling_

youtu.be/JYuWWVdhil4

I know all the versions of me. Aap kya kroge jaan kr

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  • sparkling_ 4h

    "अच्छा अब तुम गाना सुनाओ, वरना हम कभी भी बात नही करेंगे तुमसे।"
    "अरे रुको सुना रहे
    कैसे जिऊंगा कैसे,बता दे मुझको
    तेरा बिना...."
    "कितना अच्छा गाते हो, कॉयर में क्यों नहीं आते?"
    "शर्म आती है मुझे,ये सब छोड़ो अब तो बात करोगी ना मुझसे"
    "हां सुना दिया है तो करूंगी ना"
    "अच्छा समर वेकेशन हो रहा है 1 महीने बाद मिलेंगे भूलना मत मुझे"
    "अरे जाओ भाई छुट्टी हो गई है"
    कितनी बकवास किया करते थे ना हम,हम नही बस तुम। कितनी पागलपंती और तो और अपना दिमाग घर पर भूल जाते थे,पर मुझे इरिटेट करना नही।
    वो भोजपुरी गाने गाना,कागज़ फाड़ कर मेरे बालों पर डालना और बोलना की ऐसे फूल फेकूंगा मैं तुम्हारे ऊपर,वो मॉनिटरिंग के टाइम पर तुम्हारा जान बूझ कर बोलना,और सबसे ज्यादा इरिटेट "आई लाइक यू" बोलकर करना।
    तुम्हे पता था मुझे गुस्सा आता है इसलिए शायद और भी इरिटेट करते थे मुझे। पर मुझे पता था ये सारी चीज़ें मज़ाक है इसलिए मैं ध्यान नही देती थी इन बातों पर।

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    आज सोच रहे होगे ये बातें कैसे याद आ गई मुझे है ना? यार गाने सुन रही थी और फिर यही गाना बजा जो अक्सर तुम सुनाते थे मुझे "तेरा मेरा जहां ले चलूं मैं वहां"
    मैंने प्लेलिस्ट से डिलीट कर दिया है पर फिर भी बज गया ये गाना। अब ये मत सोचना की तुम याद न आओ इसलिए डिलीट किया,मैने इसलिए किया था ताकि ये सारे पल याद न आएं। यार रुला जाती हैं ये सारे कीमती पल। आखिर स्कूल के दिन थे ना,पर मुझे नही याद करना क्यूंकि फिर खुद के काबू में नहीं रह पाती।
    खैर आज सुन लिया तो सोचा तुम्हे बताऊं तुम्हारी इरिटेशन याद आ गई मुझे।
    अच्छा एक बार याद है,रोटेशन हुआ और तुम फर्स्ट बेंच पर मैं लास्ट!
    तुमने मेरा बैग वहां देखा तो दौड़ कर आए और मेरे आगे वाली सीट पर बैठ गए "यार ऐसा थोड़ी ना होता है,तुम पीछे क्यों आई,अब किस्से करूंगा मैं बात,आगे चलो प्लीज़।"
    "अरे हद है रूल्स आर रूल्स जाओ बैठो आगे,और मैं क्यों जाऊं आगे हां,भाग जाओ तुम तो"
    और फिर तुम बैग लेकर मेरे आगे वाली सीट पर आ गए,और तुम्हारे एक्सप्रेशंस,कसम से आज भी हस्ती हूं सोच कर।
    मैं तो तुम्हे बस क्लासमेट की तरह ट्रीट करती थी,पर।मुझे नही पता था की तुम सच में सीरियस हो मुझे लेकर।
    नेक्स्ट ईयर मुझे पता चला,की तुम्हे जलन होती है मेरी किसी और से बात होती है तो,तुम रोते हो जब मैं उदास होती हूं तो।
    पर तुम्हे पता है मुझे इंटरेस्ट नहीं इन बातों में इसलिए मैं इग्नोर करना ही पसंद करती थी।
    फिर उसके बाद तुम मिले नहीं,पर सुना है मेरी सारी इन्फो होती है तुम्हारे पास।
    तुम बड़े मज़ाकिया थे,पर इरिटेटिव भी।
    खैर मुझे गाने में खोने दो,ज्यादा याद करूंगी तो हिचकियां आने लगेंगी तुम्हे।
    "मैं अंधेरों से घिरा हूं
    आ दिखा दे तू मुझको सवेरा मेरा।"
    ©सानिया

  • sparkling_ 16h

    Aur firr delete kr dunga.

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    ©sparkling_

  • sparkling_ 19h

    Dedicated.

    "दहलीज़ पे मेरे दिल की
    जो रखे है तूने कदम
    तेरे नाम पे मेरी जिंदगी
    लिख दी मेरे हम दम"

    यही गाते था ना तुम,जब भी मैं कहती थी तुम्हे गाना सुनाने को। मुझे नहीं पता ये तुम्हारा फेवरेट है या नहीं पर तुमसे सुन कर ये मेरा फेवरेट बन चुका था।
    "था"? हां था,जब तक तुम थे तब तक ये फेवरेट था,आज तुम नहीं हो तो ये मेरा "एवरग्रीन" बन चुका है। तुम्हे तो समझ आ ही गया होगा ना,मेरे फेवरेट और एवरग्रीन का मतलब? या वो भी भूल गए?
    अच्छा आज तुम सुन नही रहे,इसलिए पूछ रही,मेरे लिए यही गाना क्यों?इसका आंसर मेबी पता है मुझे,पर तुम्हारी आवाज़ से सुनना है मुझे।
    मुमकिन है क्या?
    तुम हमेशा मुझे प्रोटेक्ट करते थे,मेरे डांट खाने पर तुम रोते थे,तुमसे बात कर लूं तो कैसे मुस्कुराते थे,तुम दो साल नही थे मेरे साथ और उन दो सालों में कॉपी के 730 पेज के मार्जिन पर मेरे नाम के चार लेटर्स लिखे थे।मैने बताया नहीं पर देखा था। काश बोल दिया होता।
    काश!
    अच्छा याद है,मेरा तुम्हे "भाई" कहना। तुम हर्ट होते थे? बताया क्यों नहीं? तुम्हे पता है मुझे पता था मेरा "भाई" कहना तुम्हे बुरा लगता है। पर तुम्हे नही पता था इसलिए तुमने मुझे बोला नही ताकि मुझे बुरा न लगे और मैं तुमसे बात करना ना छोड़ूं।
    बोल देते यार! मान जाती मैं।
    बोल देते!

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    "हमारी 7 साल की दोस्ती है" इस बात को बीच में काट दिया था ना मैने। ये बोल कर की दोस्ती? हम दोस्त नहीं है समझे तुम। और उस दिन तुम खूब रोए थे। मैंने देखा था आंसुओं को तुम्हारी आंखों से बहते।
    पर क्या बोलती समझ नही आया। हम दोस्त थे यार,पर तुम समझे क्यों नही।
    क्यों!
    फिर काफी दिनों बाद तुम आए थे मुझसे बात करने। सच कहूं तो बता नही सकती कितनी खुश हुई थी। पर उस दिन भी मैंने बोल दिया जाकर उसे एक्सेप्ट कर लो जो तुम्हे प्यार करती है।
    तुमने करीब 10 बार पूछा था "पक्का" मैने बोला हां।
    "पर क्यों"
    यार वो हर्ट हुई है
    "मैं भी तो हुआ हूं"
    मैंने इग्नोर कर दिया। काश उस दिन पूछ लिया होता क्यों,हां जवाब पता था मुझे,पर तुम खुद से बताते ना मुझे। बहुत खुश होती मैं।
    खैर!
    फिर उसी दिन पता चला,तुमने प्रपोज किया है उसे,और तुम दोनो रिलेशनशिप में हो। तुम्हे पता है,तुमसे पहले उसने आकर मुझे ये बात बताई थी।
    मैंने बस एक ही शब्द बोला था,
    वाह!
    उसके बाद तुम दोनो रोज़ बात करते थे,मैं वहां से मुस्कुराते जाती थी,और इग्नोर तो काफी अच्छा करती थी।पर तुम्हे बता नही सकती कितना बुरा लगता था।
    कितना ज्यादा!
    क्या करूं यार आदत नही है ना दिल की बात बोलने की इसलिए तुमसे ये नही बोल पाई की हमारी दोस्ती मुझे बहुत प्यारी है।मुझे इस दोस्ती को नही तोड़ना है। मुझे तुम्हे नही खोना है,मैं प्यार नही करती तुम्हे,पर इस दोस्ती के लिए जान भी दे सकती हूं।
    खैर अब तो तुम उसके साथ हो,खुश हो।
    खुश रहो!
    "ना सीखा कभी जीना"
    मैं इस गाने को सुन कर ही मुस्कुरा लेती हूं।
    ©सानिया

  • sparkling_ 1d

    Has lo sab��✌️

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    गानों से तुमने,इस दोस्ती के रिश्ते को दूसरा मोड़ दिया
    मैंने बस ना समझने का बहाना किया,और तुमने सब वहीं छोड़ दिया?
    ©सानिया

  • sparkling_ 1d

    ��

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    तुम बिन कहे समझना,मेरे ना समझाने का राज़।
    पूरा दर्द समझा दूंगी,बिना खुद को समझाए।
    ©सानिया

  • sparkling_ 2d

    C.I.T.Y

    A location with
    lakhs of dreams
    Thousands of wishes
    But not even hundreds of kind souls.

    C.I.T.Y

    A site with
    Opulent materials
    High quality of calibre
    Pioneering people
    But dearth of endearment.

    C.I.T.Y

    A space with
    Lofty buildings.
    Cosy houses
    But where is home?

    C.I.T.Y

    A place with so many cars.
    And no place for trees.
    So many parks.
    But is it pollution free?


    C.I.T.Y

    A place with development.
    A place for ensuing.
    A place for finer life.
    But can we get contentment here?

    ©Saniya
    #cityc ?
    @writersbay :) @writersnetwork a read?
    Corrections are most welcome ����

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    A place with ambitions,
    But satisfaction?

  • sparkling_ 3d

    "खैर हम तो अच्छे हैं,एटलीस्ट मन की सारी बातें कलम और कागज़ को तो बता देते हैं।सच में मन बहुत हल्का हो जाता है।
    यही कुछ बातें कुछ दिन पहले सोची थीं और आज उन्ही बातों को याद कर रही हूं, क्यूंकि भूल गई उनसे बातें करना अब मैं। शब्दकोश खाली और मन भारी होता जा रहा है,समझ नही आ रहा क्या बात करूं उनसे अब।
    कहने को इतना कुछ है की कह ही नही पा रही,अब उलझनें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं,पर सुलझने का कोई रास्ता ही नही दिखता।
    क्या करूं गानों के साथ आधा दिन गुजार दिया,पर आज वो भी धोखा दे गए। पता नही कैसा डर है की जो करने का मन नहीं कर रहा वही कर रही मैं।
    ऐसा महसूस हो रहा मानो किसी ने कांटो की माला डाल दी है मन में। और देखो आज आंसुओं की कितनी जरूरत है,पर वो भी ना जाने कहां गुम है।
    मैंने आज फिर से खुद को बंद कर लिया है कमरे में,और बातों से लड़ाई कर ली है। अंधेरे से प्यार फिर से आज शिद्दत से हो गया है और एक झूठी मुस्कान फिर चेहरे पर आ गई है। समझ नही आ रहा क्यों है इतनी उलझन। कभी दिल चाहता है तुझे सब बता दूं,पर फिर रुक जाती हूं,कभी तूने भी मज़ाक बना दिया तो,या फिर तू समझी नहीं तो। और भी टूट जाऊंगी ना मैं। इसलिए रुक जाती हूं, तुझे तो छोड़ इस एंजाइटी के टाइम पर तो खुद से बात नही कर पाती। गुस्सा आने लगता है उन लोगो पर जो कभी समझे नही मुझे,पर उन्हें बता भी नही सकती,शायद इस बात से घबराहट होती है।
    कुछ बुरे पास्ट के वजह से डर लगता है,और कभी कोई समझेगा नही मुझे इस से इरिटेशन होती है।
    समझ नही आता क्या करूं।
    पता नही ये दिल क्या चाहता है,आज फिर से इतनी घबराहट,इतनी उलझन क्यों,क्यों!"
    और उसके बातों को मैं फील कर रही थी,हम पास तो नही थे पर फिर भी उसके दर्द को महसूस कर रही थी,और ये उन आंसुओं से दिख रहे थे। वो हमारी वीडियो कॉल पर पहली बात थी। पर लगा की रोज मिलते है हम। मैंने चेहरा पढ़ लिया था उसका इसलिए उससे बोल तो दिया की तू शेयर कर मैं हेल्प करूंगी तेरी। पर अब खामोशी की शिकार हो चुकी थी मैं। उससे ज्यादा मैं हेल्पलेस फील कर रही थी।
    पता नही मन क्या चाहता था,आखिर इतना दर्द क्यों! क्यों!

  • sparkling_ 4d

    यारो की टोली....शहर वो पूरा एक गांव था
    पेड़ों से दोस्ती...और कागज़ का नाव था।

    गिल्ली डंडा,रंग भरी बाल्टी....और खेल बड़े प्यारे थे
    वो भी क्या दिन थे...जब रिश्ते खुबसूरती से संवारे थे

    कहां गई वो दोपहर...वो लोग गए कहां
    क्यों सुनी हो गई जगह...क्यों नही है खुशियां वहां

    कहां गई वो चोट...जो हर दिन लगती थी मिट्टी में
    कहां गया वो प्यार...जो थी उस लिखी हुई चिट्ठी में

    वो सच में पल था....या था कुछ और
    कहां गए खुशियों के दिन...कहां गया बचपन का दौर
    ©सानिया

  • sparkling_ 5d

    Has bhi lo thoda��
    Dedicated to bhoot(asli wala)

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    तुम्हारे हर खामोशी को पढ़ने का जज़्बा रखती हूं
    यूहीं नहीं नाम मेरे और चर्चे तुम्हारे होते हैं।
    ©सानिया

  • sparkling_ 5d

    मैं किस्मत वाली हूं,या आप किस्मत बनाने वाली?
    @rani_shri
    ��

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    जब दुआ मिली,तब आपका नाम सुना
    जब फरिश्ते की बात आई,तब आपका चेहरा आया
    जब मिठास की चर्चा हुई,तब ख्याल आपका आया
    जब एक अपने की जरूरत हुई,तब साथ आपका पाया।