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  • soulful 1d

    When the curtains are down
    life outside is at rest,
    Dismal reflects on my soul
    through an ajar,
    frightening me of losing
    A cherished star.
    My heart spindles at times,
    through myriads of thoughts,
    gloomy irksome or
    convivial and pragmatic.
    My Quill breathes poems
    of love and yearning,
    Melodies of hope and euphoria.
    I often weave
    on lonely nights
    when you are not around,
    I hum symphonies
    we've ensembled
    for our beautiful life as one.

    ©soulful_ritu

  • soulful 2w

    तुम्हारे दिल के एक अदने से कोने में
    जो मुस्कुराहट छुपी रहती है न
    वो और कोई नहीं है मैं ही हूं
    कभी देखना हो जो मुझे तो बस
    आईने के सामने खड़े होकर
    अपनी आँखों में आँखें डालकर
    खुद से मेरा नाम तुम पूछना
    उन्हीं मस्ती भरी नज़रों में
    जिसका नाम तुम पढ़ोगी
    वो और कोई नहीं सिर्फ़ मैं ही हूं
    तब शर्म से लाल हुए तुम्हारे उन
    मखमली गालों को छूकर
    जब शरारती हवा गुज़रेगी न
    तो समझ लेना तुम्हे सताने वाला
    वो और कोई नहीं सिर्फ़ मैं ही हूं
    चांदनी रात में चुपके से आंखें मूंद
    यादों के समुंदर में जब तुम झूमोगी
    तब जिसे तुम अपने साथ पाओगी
    वो और कोई नहीं सिर्फ़ मैं ही हूं

    ©soulful_ritu

  • soulful 2w

    रंग तेरी प्रीत का मैंने लगाकर यारा
    आज भी खेली तुझ संग होली रे
    नैना खूब बरसे याद कर पिछले बरस
    कैसे बेखौफ झूमी थी अपनी टोली रे
    ढलते हुए होली के सूरज को
    बस इतना बतलाना है
    आओगी जब अगले बरस फ़िर से
    इस तरफ़ झुमके जब तुम जो
    शान देखना कैसे टूट कर
    खेलेंगे हमजोली रे

    ©soulful_ritu

  • soulful 3w

    Broken heart,
    Hurt feelings,
    Sad days,
    Lonely nights,

    Rolling tears,
    Swollen eyes,
    Choked voice,
    Hurtful memories,

    Deliberate betrayal,
    Split ties,
    Shattered dreams,
    Longing to revive !

    ©soulful_ritu

  • soulful 3w

    H
    Happiness
    Happens within
    Hard to find
    However we try outside
    Heal forlorn souls with smiles

    ©soulful_ritu

  • soulful 4w

    सुनो, कल बात हुई उस पुराने ख़त से मेरी
    जो कभी मेरा दिल बहलाने को तुमने लिखा था,

    पूछा उससे मैंने क्या था इरादा उसका
    जब बना तुझे एक ज़रिया उसने मुझे हरा था,

    जब मंज़िल मेरी और उसकी साथ थी ही नहीं
    आख़िर क्यों मेरे दिल का रास्ता उसने चुना था,

    तभी प्रतीत हुआ जैसे मूक वर्णों की ओट से,
    आज फ़िर उसने एक टक मुझे तका था,

    और कहा हो जैसे मान भी लो अब ये सच
    कि मैं हमेशा से तुझपे ही तो फ़िदा था ।

    ©soulful_ritu

  • soulful 4w

    I wish my hair oxidise
    Pausing darkness of curly locks,
    And nature sets me free
    No tints needed ever as ticks my clock,

    Just like my old silver earrings
    blackened when exposed to sun's golden beam,
    Alike my Silver grey mane must dusk
    Making me confidently gleam,

    Let my age dawn silently
    With some folds on my face,
    My silver grey hair stop screaming
    And let me breathe with grace !

    ©soulful_ritu

  • soulful 5w

    House envies home where love and laughter reside!
    ©soulful_ritu

  • soulful 6w

    #गोदान #godaan

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    "गोदान"

    कुछ किस्से कहानियां दिल पे एक छाप छोड़ देते हैं क्योंकि वो सच से प्रेरित हो कर लिखे जाते हैं। मैंने कुछ दिन पहले मुंशी प्रेमचंद जी का प्रसिद्ध उपन्यास "गोदान" पढ़ा। इसमें किसान के जीवन की बहुत सी कठिनाइयों का विवरण है जिनको वो प्रतिदिन झेलता है। हालांकि किसान का जीवान एक सीधा साधा अनुमानित होता है परन्तु उसके जीवन में ढेरों मुसीबतें आती जाती रहती है। चाहे वो किसी अपने से बिछड़ने की टीस हो या साल दर साल बढ़ते ऋण की ।

    गोदान शब्द का अर्थ है गाय का दान। ये कहानी बहुत ही मार्मिक तब हो जाती है जब नायक का भाई ही इर्ष्या के चलते घर की गाय को ज़हर देके मार देता है। नायक इस सदमे और गौ हत्या के बोझ से खुद को बाहर नहीं निकाल पाता और अंत में जिंदगी से हार जाता है। इस कहानी के ज़रिए बख़ूबी दर्शाया गया है कि इस जीवन का कोई अंत नही जब तक कि मौत नहीं आ जाए ये निरंतर चलता ही रहता है क्योंकि इसको चलना ही पड़ता है और कोई चारा नहीं होता।

    प्रेमचंद जी ने सही बतलाया कि किसान कभी रिटायर्ड नहीं होता। जब तक जीवित रहता है वो काम करता ही रहता है। उसका जीवन दूसरों को समर्पित होता है चाहे वो उसका खुद का परिवार हो या समाज के अनेकों जन जो अपना पेट भरने के लिए उस पर आश्रित होते हैं।

    मुंशी प्रेमचंद जी की ये कालजयी रचना अवश्य ही हर पीढ़ी के लोगों के दिल को छुएगी । इस कहानी को पढ़कर हर कोमल दिल का दुःखी होना स्वाभाविक ही है परन्तु किसान के जीवन से सीख लेना अतिआवश्यक है कि परिस्थिति कैसी भी हो बस अपनी जिमेदारियों को निभाते जाओ। हर किसान को समर्पित ये उपन्यास "गोदान" आप ज़रूर पढ़ें।

    ©soulful_ritu

  • soulful 6w

    बहुत अरसा हुआ किसी को दिल की गलियों से गुज़रे
    यकीनन रास्ता वो भूल गया होेगा,
    आएगा फ़िर कभी वो दिल बहलाने अपना
    इस बहाने शायद मेरे दिल के टूटे तार फ़िर सजाएगा ।

    ©soulful_ritu