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  • somefeel 2d

    जलजात = कमल

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    मैं तुम्हारे प्रेम में जलजात हो गया,
    अब तालाब का पानी गंदा है या साफ़ मुझे फर्क नहीं पड़ता!
    ©somefeel

  • somefeel 2d

    हर बार इंसानों से हार कर तुम्हारे पास आता हूं,
    तुम्हारे चरणों में ही सिर्फ सुख पाता हूं,
    हर रोज याद करू तुम्हे,
    सिर्फ सोमवार सोच कर आप से मिलने नही आता हूं,
    जानता हूं यह की मेरी हर समस्या का क्या समाधान है,
    हर हर महादेव शब्द ही सबसे महान है,
    हर महीना मेरे लिए सावन के सम्मान है,
    शिव पार्वती का जोड़ा सबसे महान जोड़ा है,
    तभी राधा कृष्ण ने भी उन्हें हाथ जोडा है,
    सबसे प्रिय उनके पुत्र गणेश भगवान है,
    हर नए कार्य से पहले लेता हर इंसान उनका नाम है,
    देवो के देव महादेव से ही इस जिस्म में यह जान है,

    पार्वती पति पति हर हर हर महादेव............ शंभू!

    ©somefeel

  • somefeel 2d

    रचनाप्रति 143

    आप सब का लेखन बहुत ही अच्छा और प्यारा था
    सब ने अपन हाथों से भिन भिन प्रकार का लिखा!
    मै इस काबिल भी नहीं आप सब के लेखन के की विजेता किसी एक को घोषित कर सकू,
    आप सब ही विजेता है!

    पर हैप्पी जी के लेख में लिखी बाते,

    मां की ममता से लेके, इन हाथो से लूटी जाने वाली जनता,

    मुझे बेहद पसंद आई!

    इस लिए मैं हैप्पी जी से निवेदन करता हूं की रचनाप्रति143 का आगे संचालन करे!

    मुझे बहुत खुशी हुईं, रचनाप्रति 142 का संचालन करने में,

    आप सब से उम्मीद करता हूं की आप भी सहमत होंगे!

    शुक्रिया❣️

  • somefeel 5d

    मैं @alkatripathi79 दीदी को धन्यवाद देता हूं की उन्होंने मेरी इस रचना को रचनाप्रति से जोड़ा, और @bad_writer भाई का भी बहुत धन्यवाद जो उन्होंने मुझे इस काबिल समझा!
    समय अवधि है गुरुवार रात 9 बजे तक!

    #rachanaprati142

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    रचनाप्रति १४२!

    रचनाप्रति १४२ का विषय है "हाथ"

    अपने फटे काले हाथों से मोहब्बत करना सीख लो,
    ये आपको आपकी मेहनत का अहसास कराते है,
    पैरों पे खड़ा होना तो एक उम्र के साथ जाते है सीख,
    पर इज्जत बनाने के लिए हाथ जिम्मेदारी उठाते है!
    ©somefeel

  • somefeel 1w

    मुझे तुमसे कोई शिकायत या कोई नफरत नहीं है तुम मेरे लिए आज भी वैसी ही हो बस कभी-कभी मुझे बुरा इस बात का लगता है की जब तुम और मैं यह दूरी तय कर रहे थे तो तुमने आगे जाते जाते पीछे मुड़कर नहीं देखा और मैंने सिर्फ आगे देखा तुम्हारे पीछे मुड़ने के इंतजार में,
    अब तुम्हें गए बहुत वक्त हो चुका है तुम्हारा परिवार है तुम खुश हो तुम्हारी एक नई जिंदगी शुरु हो चुकी है मैं भी खुश हूं क्योंकि तुम खुश हो और इससे ज्यादा खुशी की बात मेरे लिए और कुछ भी नहीं बस कभी-कभी तुम्हारी यादें मुझे घेर लेती है उस यादों के घेरे में मैं खुश होता हूं बहुत खुश और तुम्हें तो पता ही है कि मैं जब खुश होता हूं तो मैं सुनता हूं सैड सॉन्ग वह भी दिलजीत पाजी के और आज मेरी डायरी के ११२ पन्ने पर जब मैं तुमसे बातें कर रहा हूं, तो मेरे पास में पड़े स्पीकर मैं बज रहा है गाना!

    दिलजीत पाजी की आवाज में....

    साड्डे इश्क़ नू दर्ज़ा मिले या ना मिले कोई ग़म नहीं
    तेरे दिल च थोड़ी थां मिले या ना मिले कोई ग़म नहीं
    सुण सोहणेया तेरी याद नाल वे मैं खेड़ दी दिन रात वे
    तेरा इश्क़ सिर चढ़ बोलदा हूण इश्क़ साड्डी ज़ात वे
    तेरी छो दे सुपणे वेखदा गुस्ताख़ दिल सारी रात वे!

    #ख़त्म
    ©Somefeel

    #rachanaprati141
    @bad_writer

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    डायरी का 112 पन्ना!

    केहंदी हुंडी सी चन्न तक रहा बना दे तारे ने पसंद मैनु हेथन सारे लादे ओहना तारेयन दे विच जादोन मैनु वेखेंगी मेरी याद जद आएगी तन पता लगुगा,
    यह गाना यार मुझे हर जगह सूने को मिलता है गाड़ियों में लोगो की फोन की कॉलर ट्यून और रिंग ट्यून में भी, यहां तक की इंस्टाग्राम भी इस गाने से भरा पड़ा है, मैने यह गान अभी तक सुना नही है और शायद सुनना भी नही चाहता क्युकी ना तुमने कभी तारे मांगे ना ही मैने कभी तुम्हारी बराबरी चांद से की, तुम और मैं जो कभी हम थे, हम यानी तुम और मैं, अपन सुना करते थे गाने जैसे परफेक्ट, रु ब रु, या सतिंदर सरताज पाजी और के गाने और यह गाने आज भी मेरे पंजाबी गाना एप में फेवरेट लिस्ट में सेव है इन्हें में हर रोज सुनता हूं और महसूस करता हूं कि तुम आज भी मेरे साथ हो,
    हां इंस्टाग्राम से याद आया मैं आज भी इंस्टाग्राम पर फेक आईडी बनाकर तुम्हारी प्रोफाइल को फॉलो करता हूं तुम्हारी तस्वीर देखता हूं तुम्हारी स्टोरी देखता हूं अब तुम्हारी तस्वीरे मुझे तकलीफ नहीं देती ना ही मेरे घावों को हरा करती है हां तुम्हारी यादों या कह लो अपनी मोहब्बत को लिखने की आदत हो गई है कुछ हकीकत लिखता हूं और कुछ ख्वाब और ज्यादातर मैं अपने सच को ख्वाब कहता हूं और तुम्हें लिखता हूं तुम मुझे छोड़ कर चली गई, जहां तुमने छोड़ा था मुझे मैं आज भी वही हूं और तुम्हें देखता हूं कि तुम मुझसे कितनी दूर जा चुकी हो और तुम मुझसे अब इतनी दूर जा चुकी हो की जब कभी तुम्हारी इंस्टा प्रोफाइल पर शर्मा लिखा रहता था वहां अब तुम्हारे पति का नाम और उसकी जात जुड़ चुकी है और मैंने तुम्हारा यह सफर वहीं खड़े खड़े देखा है जहां तुमने मुझे छोड़ा था और मैं आज की वहीं खड़ा हूं क्योंकि मुझे नहीं लगता कि मेरा आगे बढ़ना सही होगा मेरी की गई मोहब्ब मुझे इस चीज की मंजूरी नहीं देती है,
    ,

    बाकी भाग अनुशीर्षक में.......
    ©somefeel

  • somefeel 1w

    वह टेबल अब मुझसे सवाल करने लगी थी उस टेबल को पसंद थी वो किताबें और तुम्हारे और मेरे हाथ जो उस टेबल पर बंधे रहते थे, सिर्फ उस टेबल ने ही तुम्हारा और मेरा प्रेम देखा था, पर अब वह टेबल देखती है मेरी तनहाई मेरा दुख उस टेबल पर अब पड़ी है कुछ सिगरेट की खाली डिब्बिया और उड़ी रहती है जगह-जगह सिगरेट की राख, उस टेबल पर अब कम से कम ६५३ से ज्यादा खड्डे कर दिए गए हैं मेरे हाथों सिगरेट को बुझा बुझा कर, क्योंकि अब मुझे सिगरेट से मोहब्बत हो गई है उसे मैं अपने होठों से लगाता हूं उसे जलाता हूं और उसे उस टेबल के ऊपर कुचलता भी हूं, पर फिर भी वह मेरे सीने में हर बार उतरती है, वह मुझे एहसास कराती है मैं चाहे उसके साथ कितना भी गलत क्यों ना करूं वह हमेशा मेरे सीने से लगी रहेगी, वह टेबल जिस पर ६५३ खड्डे हो चुके है उस पर अभी भी कुछ जगह खाली पड़ी है और जल्द ही उन जगहों पर भी खड्डे कर दिए जाएंगे, मैंने उस टेबल के फट्टे को अब अपना दिल मान लिया है इसे मैं हर रोज कई घाव देता हूं और मेरी यह सिगरेट तुम्हारी हर एक याद के साथ जलाई जाती हैं, जो देती है खत्म होते होते उस टेबल को एक और खड्डा!

    #समाप्त!

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    टेबल का सवाल!

    बहुत दिनों से तुम्हारी यादें मेरे से जुड़ी है, करीब २० महीने या कह लो तुम्हारे जाने के बाद, हां तुम्हारे जाने के बाद कुछ वक्त अकेला रहा, और थोड़ा चिड़चिड़ा हो गया कुछ भी अच्छा ना लगना, तुम्हारे जाने से मुझे दर्द नहीं हुआ मुझे दर्द हुआ तुम्हारे जाने के तरीके से, हमने इतना वक्त तो एक साथ बिताया था कि हम कोई भी बात एक दूसरे से बिना हिच किचाए कर सके, पर तुमने जाने से पहले एक बार भी मुझे बताना सही नहीं समझा की हम साथ नहीं रह सकते हैं,
    तुम्हारे जाने के बाद मैंने खुद को एक कमरे में कैद कर लिया और मुझे ऐसा लगने लगा कि यही कमरा अब मेरी दुनिया है जहां मुझे किसी का चेहरा देखने की जरूरत नहीं ना किसी से बात करने की मैं उस कमरे में इतना अकेला था कि खुद को छोड़कर मैंने उस कमरे में सब से बातें की है खासकर की सबसे ज्यादा तुमसे मेरे कमरे में एक कोने में पड़ी वह टेबल और कुर्सी मेरी पसंदीदा जगह बन गई थी उस कुर्सी पर बैठकर घंटों मैं सिर्फ खिड़की के बाहर देखा करता था खुले आसमान को जो कभी हम साथ में देखा करते थे, वो टेबल जिस पर हम कभी साथ बैठकर गणित के सवाल किया करते थे!

    शेष भाग अनुशीर्षक में......
    ©somefeel

  • somefeel 2w

    दुख दर्द गम हम लगता है सब एक ही राशि के है,
    मोहब्बत, मुलाकात, बिछड़ना, दारू, लगता है यह भी एक ही राशि के है,
    कमजोर दिल, नम आंखे, दर्द को दुआ कहने वाले भी एक ही राशि के है,
    दर्द बीछड़न और दुख को भी सुकून मानने वाले भी एक ही राशि के है,
    यह सब एक ही राशि के है, सुकून की राशि के है!
    हां हम सब सुकून की राशि के है, हम कुंभ राशि के है!
    ©somefeel

  • somefeel 2w

    तुम्हारे और मेरे बीच में नहीं है सिर्फ दो गलियों का अंतर,
    इन गलियों में आता है पहला समाज और दूसरा जातिवाद,
    यह गलियां, गलिया नही दूरी में दूसरा ग्रह है!
    ©somefeel

  • somefeel 2w

    यह शब्द मेरे दादा (संदीप सिंह aka दिल ने नीचे बूंद लगाने वाले) जिनसे ना मिले है ना ही इतना जानते है, बस इतना पता है वो हर बार जरूरत के वक्त साथ होते है अपने दादा के लिए, कभी सोच नही था की उनसे बात होगी या जान पहचान होगी, वो मेरे जीवन का बहुत ही सुखद वक्त बन के आए है!
    मुलाकात स्थान (इंस्टाग्राम)
    रिश्ता (प्रेम)
    वजह (दर्द को सुकून मानने वाले हम दोनों)
    उनकी इंस्टा I'd:- @the_sandeepsingh
    एक बार इन्हें जरूर पढ़े!
    #समाप्त


    #rachanaprati138
    @_do_lafj_

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    वो अनजान थे अब जान से बढ़ के है,
    ना पता था नाम ना ही किरदार पता था,
    ना हुई मुलाकात ना ही व्यवहार पता था,
    अंजानों से बाते करने की आदत में उनसे मुलाकात हुई,
    दो दर्द मिलते ही हमारे दोस्ती की शुरुआत हुई,
    अब हर रोज उनका दिमाग खाया करता हूं,
    वो कितने जरूरी है मेरे लिए उनसे छुपाया करता हूं,
    दिल दादा और मजाक में प्यार से bc बुलाया करता हूं,
    अनजान से जान बना कर उन्हे,
    बे मतलब की दोस्ती हर बे तुकी बात के साथ उन से निभाया करता हूं!
    प्रेम हो तुम दादा❣️❣️
    ©somefeel

  • somefeel 2w

    इन समस्याओं से टूट जाऊ, पत्थर थोडे ही हूं,
    चंद तानों को बारिश समझकर पिघल जाऊं कागज थोड़े ही हूं,
    मेहनत कर रहा हूं खुद पर मैं भी चमक जाऊंगा,
    मां ने हीरे की तरह जो पाला है, चार लोगों से कहा बिखर पाऊंगा!
    ©somefeel