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  • skchauhan 23w



    मैं टूटे हुए दिलों की मरम्मत करूंगा!
    मैं ज़ख्मी परिंदों की हिफाजत करूंगा!!
    और,,,,,,,
    मैं भी थक गया हूं बेवफाई के किस्से सुन सुन के,,
    मैं "खुदा" बन ये मोहब्बत जड़ से ही खत्म करूंगा!!!
    IG:::@shayar_badnaam1
    ©skchauhan

  • skchauhan 27w



    तस्वीरो के सहारे कब तक जिंदगी बसर होगी,,,

    मुर्शद,,,

    कभी तो मुकम्मल मुलाकात हो!!!
    ©skchauhan

  • skchauhan 28w



    कटी हुई पतंग ढुढंने निकला हूं।
    मैं अपने आप को खोजने निकला हूं।।

    कही फँस गया हूँ"मैं"इस हैवानियत की दलदल में,
    इस खोखले संसार में इंसानियत ढुढंने निकला हूं।।

    सच भी कोई चीज है,,ये भ्रम है ना शिवम।
    मैं ये भ्रम तोड़ने निकला हूं।।
    ©skchauhan

  • skchauhan 29w



    चेहरे पर सादगी अब कहाँ मिलती है।
    साफ दिल वाली लड़की अब कहाँ मिलती है।।
    और,,,
    दिल लिए फिरते है,हम,,जिस्मो के बाजार में।
    मोहब्बत करने वाली लड़की अब कहाँ मिलती है।।
    ©skchauhan

  • skchauhan 29w

    "वो लड़का " हिन्दी गज़ल का एक शेर।।❤❤
    100 शतक पूरा।। ❤❤❤
    #mirakee
    #hindinama
    @hindiwriters

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    वो लड़का

    झुके कंधे,गहरी आंखें,चरमरा सा बदन बयां कर रहा था हाल उसका,,,
    फिर भी सभी को अपना हाल बता रहा था "वो लड़का"
    ©skchauhan

  • skchauhan 29w



    मेरी शायरी का वजन कम हो गया,'तुम्हें देखने के बाद'
    मेरा हर लफ्ज़ फीका पड़ गया,'तुम्हें देखने के बाद'
    और,,,
    बहुत कहानियां सुनी है मैंने"परियों"की बचपन में,,
    हर कहानी आज हकीकत हो गई,'तुम्हें देखने के बाद'
    ©skchauhan

  • skchauhan 29w



    मुहोब्बत में जान की कीमत ही क्या होती हैं??

    मुर्शद.......

    एक दूसरे पर मरने को ही तो मुहोब्बत कहते है।।।
    ©skchauhan

  • skchauhan 29w

    ❤परिवार❤

    आँख, नाक, कान, मुँह, हाथ, पैर सब होते है।
    फिर भी विकलांग होते है,,वो लोग!!
    जिनके परिवार नहीं होते है।।।

    और,,

    लाखों में एक और गमो से दूर होते है।
    बड़े किस्मत वाले होते है,,वो लोग!!
    जिनके परिवार होते है।।।
    ©skchauhan

  • skchauhan 30w

    तू है ...

    तू है बारिश ,मैं तेरी बूँद हूँ।
    तू है सूरज, मैं तेरी धूप हूँ।।

    तू है जिस्म, मैं तेरी जान हूँ।
    तू है नाम,मैं तेरी पहचान हूँ।।

    तू है नदी , मैं तेरी लहर हूँ।
    तू है दुनिया, मैं तेरा शहर हूँ।।

    तू हैं दुल्हन, मैं तेरा श्रृंगार हूँ।।
    तू है भगवान, मैं तेरा अवतार हूँ।।

    तू है आग, मैं तेरी लपट हूँ।
    तू है सोना, मैं तेरी चमक हूँ।।

    तू है पायल,मैं तेरी झनक हूँ।
    तू है कँगन, मैं तेरी खनक हूँ।।

    तू है खुशी, मैं तेरी वजह हूँ।
    तू है दुख, तो मैं बेवजह हूँ..........
    ©skchauhan

  • skchauhan 30w

    व्यंग्य

    तुझे क्या जरूरत"रंगों"की??होली पर,,ऐ बेवफा!
    तू तो रोज रंग बदलती है "गिरगिट"की तरह!!
    ©skchauhan