shyaryaa

A empty heart with content-ed feelings!�� Instagram : @_.kalam_aur_kanvas._

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  • shyaryaa 11w

    लेखक

    पन्नो पर चहल-पहल बहूत हैं,
    एकाँत लाओ तो बताना ।
    एक कप चाय- एक कॉफ़ी साथ लाना !
    कुछ मेरे बोल को अपने शब्दों से पूरा करना ।
    दो वाक्य मैं , तो दो तुम लिखना ।
    कुछ दर्द मेरे, कुछ अपनी खूशीयों का ज़िक्र रखना !
    लेखणी मेरी आखरी, लेखक तुम रहना।

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 21w

    Last Poetry

    No beauty of sky defined.
    No depth of love spoken.
    No expectations expected.
    No reality checked.
    Just a cluster of words, un arranged and rhyme scheme un touched.
    Messy with feelings,
    My last poetry will be.

    It will have special mentiones,
    The one without him,
    The one without reason!
    The one being preplex.
    The one being just the way its should end.
    My last poetry will be.

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 23w

    14.08

    और आज उस अनजान को जाने-समझे,
    चार साल पूरे हो गए ।

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 24w

    बन मेरी जिन्दगी का कोई किस्सा, याद मत रह जाना ।
    मेरा ही हिस्सा बन, मेरे साथ चलते रहना ।

    यादें दर्द बन अश्क रह जाए, तो शोर थोड़ा कम करते हैं।
    लेकिन लेखणी बन पन्नो पर उतर जाए, तो चूभ जाया करते हैं।

    महसूस वो सिर्फ लिखने वाला करता हैं,
    लोगो की वाह-वाही को शुक्रिया से
    और उस चूभन को मुस्कराहट से दबाया करता हैं ।

    मैं उस चूभन को तुम्हारे खुबसूरत एह्सास पर हावी नहीं होने देना चाहती ,
    मैं तुम्हें अपने शब्दों में कभी कैद नहीं करना चाहती।।

    फ़िक्र जुबां पर हो, तो ज़ाहिर से लगते हैं।
    ज़िक्र हो जाऐ अगर उनका पन्नो पर, तो सवाल से लगते हैं।

    मैं तुम्हें किसी बेफिसूल सवाल का जवाब नहीं बनने देना चाहती,
    मैं तुम्हें अपने शब्दों में कभी कैद नहीं करना चाहती।।


    बेचैन रातें अक्सर सूबह होते, संज्ञा-सर्वनाम से बदले जाते हैं।
    अक्सर 'पूर्णविराम',
    किसी 'अल्पविराम' की चाह में अधूरे छोड़ दिऐ जाते हैं ।

    मैं तुम्हें व्याकरण और अलंकारो के बिच उलझाना नहीं चाहती,
    मैं तुम्हें अपने शब्दों में कभी कैद नहीं करना चाहती।।
    मैं तुम्हें अपने शब्दों में कभी कैद नहीं करना चाहती।।

    -आर्या अदिती शरण
    ©shyaryaa

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    शब्दों में कैद

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 27w



    आज पहली बार अपने ही कमरे की शांती इतनी चूभ रही हैं।

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 27w



    सज़ा भी लिख दो अगर तुम प्यार करने के इलज़ाम में ,
    हम उसे भी गज़ल सा सुन मुस्कुरा जाएँगे ।।

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 27w



    बाँटे थे जिनसे अधूरे प्यार के किस्से ,
    आज वही सारे हक़ ले कर बैठे हैं ।

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 27w

    तुम्हे पाने की जिद्द क्या छोड़ी मैंने ।
    तुम्हे खोने का डर ही खत्म हो गया ।
    -आर्या अदिती शरण

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    तुम ठहरने आए थे मेरी जिन्दगी में,
    इसी बात का डर था मुझे।

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 28w

    सच्चाई

    माफ़ करना मुझे गर तुमसे प्यार का इज़हार हो जाए,
    तुम्हारी आँखे मुझसे हमेशा एक सच्चाई कहती हैं..
    या तो तुम्हारी , या मुझ जैसे तुम की।

    ©shyaryaa

  • shyaryaa 28w

    सौ किस्से ; सारे तुम्हारे नाम के । ❤
    Posting the 100th penned!
    #100thpost

    @writersnetwork @mirakeeworld @hindiwriters

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    सौ किस्से ।

    आओ बैठो ,
    क्या हैं कूसूर तुम्हारा, तुम्हे बताएगे।
    बिते रात के आसूँ और उनके किस्से तुम्हे सूनाएगे ।

    ©shyaryaa