shweta_pareek

self musings.. ✴️��

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Reposts
  • shweta_pareek 2d

    Whenever i stargaze I feel my problems,
    Worries so insignificant, small and very
    Unnecessary to think,, because of that one
    Thought that I am nothing but just a speck in beam of light..
    Yes ,, nothing matters sometimes.


    ©shweta pareek!!@undisclosed_soul

  • shweta_pareek 1w

    Deep down in my shallow and dilapidated verses, you will find your heartbeating,
    Going through with the same feelings
    Inside in the mine.....!!!


    ©shweta pareek||@undisclosed_soul

  • shweta_pareek 1w

    The thing is the world can't be kind as you are,,irony is you can't be clever as the world.


    ©shweta ||@undisclosed_soul

  • shweta_pareek 2w

    मेरे मरने के बाद क्या होता,,
    ये मैने जीते जी महसूस कर लिया।।
    डूबती कश्तियों को किनारे आते देख
    कुछ यूँ हुआ कि समंदर ने किनारा बदल लिया।।


    ©shweta ||@undisclosed_soul

  • shweta_pareek 2w

    Nowadays people are rarely good which is surprising,
    Mostly disappointing..Stay awake!!

    ©shweta pareek||@undisclosed_soul

  • shweta_pareek 3w

    "SMILE, is the
    Angelic remark
    On your face."


    ©shweta pareek||@undisclosed_soul

  • shweta_pareek 3w

    उन हथेलियों का स्पर्श, जिनके छूने मात्र से ही हो जाता सब ठीक, वो जो गोद मे सुला लेती पल भर में ही भर देती प्रीत।।
    आँसू में जब संवाद न हो, वो जान जाती हँसने पर ही,
    जो कभी बिखरी मैं, समेट देती जैसे माला हो मोतियो की।।
    स्पर्श से भरे नयनो में जगती का सारा सार लिए वो,,
    स्मित पर बिखरी रोशनी उसकी,,त्याग की मूरत वो।।
    मेरे हाथों को जब भी छूती है,,मेरे हथेलियों के भार से मेरे दुःखो के भार को जान कर अपने कंधे पर मेरा सिर रख,
    देती अनगिनत आशीष,, वो माँ ,,मेरी माँ तेरे होने से
    मेरा हर दिन सुनहरा है,
    हर दिन रोशन है,
    हर दिन एक नया सवेरा है।।

    ©श्वेता।।@undisosed_soul

  • shweta_pareek 3w

    सुख सूर्योदय की तरह होता है,,
    मांगने से नही, जागने से मिलता है।।


    ©श्वेता।।@undisclosed_soul

  • shweta_pareek 5w

    कैसे कह दूं कि दुआ बेअसर हो गयी,
    आंसू मेरे आये, खबर उनको हो गयी।।


    ©श्वेता!!@undisclosed_soul

  • shweta_pareek 5w

    नगमों की हसरतों की दरकार ये मन नही जानता,, उम्मीदों से भरे नैनो के गीत नहीं जानता।।
    पर,, यूं हो गयी है,मोहब्बत इन वादियों से,,
    फ़क़त अब पहाड़ का हर कोना शायद है सब जानता।।

    श्वेता।।@undisclosed_soul