shubhamjoshi

Indian, Teacher, Common Man

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  • shubhamjoshi 5d

    अलविदा

    जब कोई अपना आपको धोखा दे,
    हर रात आंखों को भीगने का मौका दे
    जिससे आपको सबसे अधिक तकलीफ हो,
    जानबूझ कर उन घावों को खुरचा दे,

    तो उन तकलीफों की गठरी बना कर
    अपने भरोसे पर थोड़ा हंसना चाहिए,
    बिना उसे कुछ बोले चुपचाप
    पहली फुर्सत में निकल लेना चाहिए..!

    भले ही आप सक्षम हो
    उन्हें उनके कर्मो की सज़ा देने में
    पर कोई सुख नही है
    दुसरो को दुख देकर मज़ा लेने में

    अपने नेत्रों से बहे लहू के घूट पीकर
    अपने सबक की प्यास मिटानी चाहिए,
    उनकी करनी समय पर छोड़कर,
    कभी कभी स:क्षम बन जाना चाहिए..!

    यूँ तो मतलबी है दुनिया ही,
    उन्हें जो करना वो करना है,
    अपमान जिस जिस ने किया आपका
    उन्हें उन्ही से रिश्ता रखना है,

    सब देखकर, सब सहकर,
    समय रहते चल देना चाहिए,
    बची-कुची इज्जत समेटकर
    सभी को अलविदा कह देना चाहिए..!
    ©shubhamjoshi

  • shubhamjoshi 1w

    विजयादशमी

    ये विजयादशमी,
    सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत ही नहीं सिखाती..
    ये सिखाती है
    समर्पण रखना..
    एक पुरुष का अपनी स्त्री पर
    एक भाई का अपनी बहन पर
    एक भक्त का अपने ईश्वर पर..समर्पण !!
    ये सिखाती है
    प्रतिकार करना
    साथ मे हुए हर एक छल का
    स्वयं पर हावी हर एक बल का
    जीवन में आए हर एक रावण का..प्रतिकार !!

    सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं ।
    ©shubhamjoshi

  • shubhamjoshi 5w

    The feelings

    I don't see anything, but I know one thing..
    that..I see u in all my favorite song..

    I don't like anything, but I know one thing..
    that..I like u like a bird like the dawn..

    I don't hate anything, but I know one thing..
    that..I hate sharing my favourite person..

    I don't know anything, but I know one thing
    that..I know the cutest creation..

    I don't want anything, but I know one thing
    that..I want to hug you and never lose you

    I don't say anything, but I know one thing
    that.. I never said before.. I love u ❤️
    ©shubhamjoshi

  • shubhamjoshi 6w

    प्रताड़ित

    अच्छे लड़के
    खोजे जाते हैं
    प्रताड़ित किए जाने के लिए
    जब
    लड़कियों का मन
    नहीं लगता कहीं, जब
    लड़कियाँ ऊब जाती हैं
    अपने
    नीरस जीवन से ;
    ये लड़के
    सबसे सरल शिकार होते हैं
    आत्ममुग्ध लड़कियों के
    अहं को तुष्ट करने हेतु ;
    अच्छे लड़के
    प्रतिकार नहीं करते
    इसीलिए
    घसीटे जाते हैं
    छद्म छल से।।

  • shubhamjoshi 6w

    काश !!

    "किताबों के पन्ने पलट कर सोचता हूँ,
    इसी तरह कुछ पलों में
    काश यूँ ही पलट जाती ज़िंदगी
    तो बात कुछ और होती।"
    "दे दिया विश्वास बहुतों को किसी उधार पेन की तरह,
    लिख लेने के बाद,
    काश लौटाने वाले भी कुछ मिलते,
    तो बात कुछ और होती।"
    "हर उम्र में मिले उम्रभर के दोस्त कईं,
    दो कदम ही सही,
    काश हाथ पकड़ कर साथ चलते
    तो बात कुछ और होती।"
    "पीठ पर खंज़र चला कर, जीने की दुआ देते हैं,
    सच्चे दोस्त ना सही,
    काश जिगरी दुश्मन ही मिले होते
    तो बात कुछ और होती।"
    "तुझे कही अपनी हर एक बात के बारे में सोचता हूँ,
    भावनाओं के अतिरेक से पहले,
    काश चुप हो गया होता,
    तो बात कुछ और होती।"
    "बहुत कुछ कहा तूने, बहुत कुछ सुना मैंने,
    कड़वी या मीठी हर बात में,
    काश सच भी अगर घुला होता,
    तो बात कुछ और होती।"
    ©shubhamjoshi

  • shubhamjoshi 12w

    तप्त हृदय को, सरस स्नेह से,
    जो सहला दे, मित्र वही है।

    रूखे मन को, सराबोर कर,
    जो नहला दे, मित्र वही है।

    प्रिय वियोग, संतप्त चित्त को
    जो बहला दे, मित्र वही है।

    अश्रु बूँद की, एक झलक से 
    जो दहला दे, मित्र वही है।

    गुम सी हंसी की, एक इशारे से
    खोज करा दे, मित्र वही है।

    दुःख के पर्वत को, थपकी से
    पल में गिरा दे, मित्र वही है।

    - मैथिलीशरण गुप्त

  • shubhamjoshi 21w

    स्पंदन

    एक वक्त बाद हम छोड़ देते हैं..
    सारी शिकायतें
    कुढ़कर बात करना
    क्रोध का प्रदर्शन
    तर्कों का उपयोग
    भावनाओं के निबन्ध
    आवेश में लिखे गए-
    उत्तरों के सभी वर्ण
    बच जाता है तो बस
    नग्न आशाओं पर
    प्रतिक्षा का आवरण..

    एक वक़्त बाद दम तोड़ देते हैं..
    अनुत्तरित प्रश्न
    अगाध कामुकता
    अप्रतिम सौंदर्य
    अनंत पीड़ा
    औऱ अश्लील अंत लिए-
    सभी प्रेम कथाएं
    बच जाता है तो बस
    स्मृतियों की वेदनाओं का
    एक शून्य स्पंदन..

    छोड़ने पर भला छूटता है कुछ..!!
    ©shubhamjoshi

  • shubhamjoshi 22w

    गर चाय आधी मौत है,
    .
    .
    क्यु न आज दो बार पी जाय..!!

    ~©shubhamjoshi

    #InternationalTeaDay

  • shubhamjoshi 22w

    वक्त कठिन है

    वक्त कठिन है..
    उम्मीद बनोगे..?
    ग़मो के रोज़े हैं..
    ईद बनोगे..?
    बिखरे सुर हैं..
    तान बनोगे..?
    खाली तन हूँ..
    प्राण बनोगे..?
    ज़ुबां है..
    शब्द बनोगे..?
    लकीरें हैं..
    प्रारब्ध बनोगे..?
    इंतज़ार है..
    मुलाकात बनोगे..?
    इच्छाएं हैं..
    हालात बनोगे..?
    ठोकरें है..
    सहारा बनोगे..?
    लहरें हैं..
    किनारा बनोगे..?
    स्याही है..
    हर्फ़ बनोगे..?
    तपन हैं..
    बर्फ बनोगे..?
    निराशा है..
    तिश्नगी बनोगे..
    सब कुछ है..
    ज़िंदगी बनोगे..?
    ©shubhamjoshi

  • shubhamjoshi 23w

    इतवार

    सच में ये इतवार, कुछ खास नही हैं
    इसमें अब उमंगों की मिठास नहीं है..!!
    गुज़रते थे सारे दिन बदहवासी में
    ज़रा सी गुफ़्तगू बस इतवार करता था
    जैसे तैसे कटते थे हफ़्ते के छः दिन
    दिल बस सातवें का इंतज़ार करता था
    अब क्या सातवां, क्या आठवां..
    अब ना गेंदे नालियों में जाती है
    ना बल्लों के हत्थे टूट रहे हैं
    कटी पतंगो के झगड़े भी अब नहीं होते
    बस मैदानों में आकड़ो के अंकुर फूट रहे हैं
    वो इतवार वाला बचपन अब सो चूका है
    उस एक छुट्टी का उत्साह भी कहीं खो चूका है..
    अब और यूं ही बैठे रहने की आस नहीं है
    सच में ये इतवार, कुछ खास नहीं है
    इसमें अब उमंगो की मिठास नहीं है..!!
    ©shubhamjoshi