shraddha_shuklaa

अनुरक्ति

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Reposts
  • shraddha_shuklaa 9w

    अनुकृति

    जो दो चेहरे रखते है.......

    मैं उनसे पूछना चाहती हूँ

    जनाब...... आप आईना कैसे देखते हैं!!!!!
    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति "

  • shraddha_shuklaa 10w

    अनुकृति

    ईश्वर ने आपको दो आँखें दी हैं पर आप नज़रिया एक रखिये....

    किसी के लिये सही दिखती हुई चीज़ दूसरे के लिये गलत कैसे हो सकती है|

    ©shraddha_shuklaa "अनुरक्ति"

  • shraddha_shuklaa 13w

    रिक्त

    फिर ज़िंदगी में ऐसा दौर आया

    जहाँ अपनों से भी आप बेगाने हो चले.......

    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति "

  • shraddha_shuklaa 13w

    सब धरती कागज करूं,
    लिखनी सब बनराय |
    सात समुद्र की मसि करूं,
    गुरु गुण लिखा न जाय।।

    गुरु पुर्णिमा पर गुरू के आशीर्वाद की आकांक्षी

    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति "

  • shraddha_shuklaa 15w

    अंत

    लो खत्म हुआ ये सफ़रनामा......

    अब फिर से इक नयी शुरुआत करेंगे!!

    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति "

  • shraddha_shuklaa 20w

    पाती

    टूट तो चूकी हूँ माधव......

    अब डर हैं कि कहीं बिखर ना जाऊ.....

    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति "

  • shraddha_shuklaa 25w

    विडम्बना

    कुछ घुट रहा होता है उसके अंंदर.....

    हर खुदकुशी करने वाला मजबूर होता है|||||


    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति "

  • shraddha_shuklaa 56w

    आक्रोश

    मेरी शख्शियत को जांचने का हक नहीं है किसी को.......

    वो क्या मेरे बारे में बातें बना रहे....
    जिनके ओहदे छोटे..
    दामन खोटे...

    और चरित्र दागदार लिये फिरते हो!!!!

    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति"

  • shraddha_shuklaa 57w

    खामोश

    खामोश हूं ये बस वक्त की दुश्वारिया है,
    अहम् नहीं मेरा..... ......

    टूट कर जो रिश्तो के आंगन में बह गया ,
    वो वहम है मेरा........

    पलटो कभी गुजरे पल के पन्ने तुम,
    हर जगह साथ होगा मेरा.......

    शिद्दत से हर रिश्ता निभाने पर भी,
    आज हाथ खाली मेरा.....


    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति"

  • shraddha_shuklaa 63w

    समीक्षा

    ये शिकायतें.... ये आक्रोश.... ये दुश्वारियां......
    ये कुछ और नही.....

    बस.......वक्त की मजबूरी है!!!!!


    ©shraddha_shuklaa"अनुरक्ति"