shabdokemoti

priya khemnani

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  • shabdokemoti 14h

    #Metisoch

    हमे अपने आप से कितनी उम्मीद करनी चाहिए?
    सब कुछ एक साथ संभाल लू,
    कभी कोई गलती ना करु,
    कभी गुस्सा ना करु,
    कभी ग़लत ना बोलूं,
    सब को एक साथ खुश रखु।
    क्या ये सब मुमकिन है?
    हा कोशिश जरूर कर सकतीं हु,
    पर हर बात में परफेक्ट नहीं बन सकती हुं।
    और बनना भी नहीं चाहती,
    थोड़ी बहोत गलती रोज़ हु करती,
    गुस्सा आता है तो निकाल भी देती हु,
    कभी कबार सिर्फ अपनी खुशी के लिए भी सोचती हूं।
    क्युकी आज भी मै अपनी मां के लिए वो ही उनकी छोटी ही बेटी हु,
    मै आज भी कुछ कुछ बातों में अपने अंदर के बच्चे को बड़ा नहीं होने देती हु।
    सिर्फ खुद से ही नहीं पर मेरे अपनों से भी उम्मीद करती हूं,
    ज्यादा नहीं बस बर्दाश्त कर लेना मेरे कभी कबार के बचपने को बस इतना ही तो चाहती हु।
    रहने देना चाहती हु कभी घर को थोड़ा बिखरा सा,
    जब भी मन करे दोस्तों से मिलू बेफिक्रा सा,
    कभी खाना बाहर ओर्डर कर लू,
    कभी कुछ जिम्मेदारियों को कुछ देर के लिए छोड़ दु,

  • shabdokemoti 1w

    #Merisoch

    Undhiyu....
    उत्तरायण का एक स्पेशल डिस,
    इस मिक्स सब्जी से ही मांगी एक विश।
    यार जिवन को उंधियू की तरह कितना भी मिक्स कर लेना,
    पर अपना खुशीयों का स्वाद बरकरार रखना।
    हर तरीके की सब्जियां इस उंधींयू में एक साथ होती है,
    तभी ये डिस इतनी स्वादिष्ट लगती है।
    कितने मसाले इसमें एक साथ डलते है,
    जैसे जिवन मे भी हर तरीके के मसाले होते हैं।
    शायद तभी जिवन का मजा अगर स्वाद ले लेकर लिया जाए,
    तो हो सकता है कि खुबसूरती से जिया जाए।
    उंधियू भी जब कोई भी खाता होगा,
    कोई एक सब्जी तो ऐसी होगी जिसे वो निकाल कर साइड में रखता होगा,
    पर बाकी सब्जी को वो जरुर मज़े से खाता होगा।
    बस वैसे ही जिवन मे भी कोई ऐसे लम्हे, कोई ऐसे इन्सान जरुर आते है,
    जो जिवन का स्वाद नहीं लेने देते हैं।
    बस उसे अपने मन की थाली में परोसने ही मत दो,
    यार साइड करो उन्हें और जिवन रूपी इस मिक्स सब्जी का चलो दिल से मज़ा लो ।
    ©shabdokemoti

  • shabdokemoti 2w

    #Merisoch

    सुना तो यही है कि दुरियां प्यार बढ़ाती है,,
    महसूस भी कर रही हु अब तो जब याद घर की आती है।
    सुकून तो यहां भी बहोत है,
    पर चैन मेरा मेरे घर में बसता है,
    ख़ुश होती हुं मै जब मेरा परिवार हंसता है।
    चांद के जगने से पहले ही ओम की सुबह हो जाती है,
    ऊपरवाले की उनके उपर बड़ी ही महेरबानी है।
    कहते हैं जिम्मेदारियां निंद से उठाती है,
    पर ओम ने छोड़ दिया है सब ऊपरवाले पे इस लिए उनकी निंद वाहेगुरु सिमरन के लिए खुलती हैं।
    सुबह का सूरज खिड़की से जब झांकता है तब उनसे ही पूछ लेती हुं।
    उठाके आए आप खुशी को वो उठने मे बड़ी देर करती है,
    सूरज भी हंसके कहता है मूझसे नहीं तेरी बेटी से ही तेरे घर की दहलीज रोशन होती है ।
    वो चांद जब शाम को अपने दर्शन देता है,
    मम्मी जी मंदिर में ही बैठी होगी ये अहसास हो जाता है।
    उनकी आस्था से ही हमारा घर मंदिर बन जाता है,
    बड़ों का भी हमारे घर में एक अपना ही वजूद होता है।
    और ओमन वो तो वाहेगुरु का प्यारा है,
    बोल नहीं पाता वो पर कहना बहोत कुछ चाहता है।
    आप आयु दि को संभालो इस घर का ख़्याल आपका बेटा बहोत अच्छे से करता है,
    ज्यादा कुछ नहीं तो वो ऊपरवाले से इस घर की सलामती तो जरूर मांगता है।
    ©shabdokemoti Priya khemnani

  • shabdokemoti 3w

    #Merisoch

    दिपा यूं ही मत बैठ बस कुछ करती रहे।
    गिरती रहे, संभलती रहे, उठ के फिर से चलती रहे, बस कुछ करती रहे।
    क्या हुआ अगर कुछ छुट गया,
    तो क्या हुआ अगर कोई रुठ गया,
    मत पकड़ छुटी हुईं बातों को और रुठे हुऐ को मनाने की कोशिश करती रहे बस कुछ करती रहे ।
    भुल जा कल क्या हुआ, मत कर अफसोस कुछ भी अगर बूरा हुआ,
    अपनी आज मे दिल से जीती रहे,दिपा बस कुछ करती रहे।
    बिखरा हुआ है अगर आज कुछ तो कोई बड़ी बात नहीं, गलती हुई भी हो कोई अगर तो यार तू इन्सान ही है भगवान नहीं,हर बात को बस भुलती रहे,बस कुछ करती रहे।
    ऊपरवाला जानता है तूझे अच्छे से,
    कोई और ना जान पाया तो दुःख ना कर, बस उस ऊपरवाले से सच्चाई से चलती रहे, उसकी रहमतों से अपनी झोली भरती रहे,बस उसके सामने अपनी हर बात रखती रहे,दिपा बस कुछ करती रहे
    अभी भी बहोत हिम्मत है इस जान बस यही सोच तू चलती रहे,
    खुद को अकेला मत समझ, खुद को ही साथ लेके यार बस हंसती रहे, दिपा कुछ करती रहे।
    ©shabdokemoti (Deepa) Priya khemnani

  • shabdokemoti 3w

    #Merisoch

    दिपा यूं ही मत बैठ बस कुछ करती रहे।
    गिरती रहे, संभलती रहे, उठ के फिर से चलती रहे, बस कुछ करती रहे।
    क्या हुआ अगर कुछ छुट गया,
    तो क्या हुआ अगर कोई रुठ गया,
    मत पकड़ छुटी हुईं बातों को और रुठे हुऐ को मनाने की कोशिश करती रहे बस कुछ करती रहे ।
    भुल जा कल क्या हुआ, मत कर अफसोस कुछ भी अगर बूरा हुआ,
    अपनी आज मे दिल से जीती रहे,दिपा बस कुछ करती रहे।
    बिखरा हुआ है अगर आज कुछ तो कोई बड़ी बात नहीं, गलती हुई भी हो कोई अगर तो यार तू इन्सान ही है भगवान नहीं,हर बात को बस भुलती रहे,बस कुछ करती रहे।
    ऊपरवाला जानता है तूझे अच्छे से,
    कोई और ना जान पाया तो दुःख ना कर, बस उस ऊपरवाले से सच्चाई से चलती रहे, उसकी रहमतों से अपनी झोली भरती रहे,बस उसके सामने अपनी हर बात रखती रहे,दिपा बस कुछ करती रहे
    ©shabdokemoti (Deepa) Priya khemnani

  • shabdokemoti 3w

    #Merisoch

    देखते देखते एक और साल खत्म हो चला,
    किसी ने बहोत कुछ खोया तो किसी को बहोत कुछ मिला।
    इस खोने और पाने की दौड़ में थोड़ा थक सी गई हुं,
    पर जब ऊपरवाले की रहमतों को देखती हूं तो फिर से चल पड़ती हुं।
    हर वायरस का वेक्सिन बनाया डोक्टरस ने,
    क्या मन की थकान का कोई वेक्सिन बना है?
    हर परेशानी का एक बुस्टर डोज़ हमारे पास भी है ।
    अपनो के गले लगना, छोटी से छोटी बात का शुक्रिया अदा करना, बड़ी से बड़ी गलती को माफ़ करना और अपनी गलती की बेझिझक माफी मांग लेना, यही तो है असली एनर्जी बुस्टर,
    जो हम सब के पास है,
    अपनो से ही ये जिंदगी ख़ास है।
    ऐक हग बहोत कुछ सुलझा देता है,
    यार अपनो से जी भर के प्यार करलो यही ये जाने वाला साल कह रहा है।
    पूछो उनसे जिनके अपने उन्हें छोड़ गये है,
    कही कोई मजबूरी मे अलग रह रहे हैं,
    चाह कर भी छु नहीं सकते उन रिश्तों को,
    तो जो पास है उनकी कदर ही करलो।
    मन की बातों को बोल दो,
    दो अल्फ़ाज़ तारिफ के, कुछ बातें कद्र की, बिना किसी इगो बिना किसी शरम के बस कह दो,
    आने वाले साल को यादगार बना दो।

  • shabdokemoti 3w

    #Merisoch

    सबके सिने मे एक सा ही दिल धड़कता है,
    मर्द हो या औरत, दुःख और सुख का अहसास दोनों का एक सा ही तो होता है।
    फिर क्यु इस कहावत को बनाया गया है?
    "मर्द को कभी दर्द नहीं होता"
    इस बात को सब के ज़हन में बिठाया गया है।

    हम औरतें रो के , किसी एक को या शायद बहोतो को अपनी परेशानी या दुःख ना जाने कितनी बार बतातीं है,
    पर जब मर्द को रोते देखो तो सबके मुंह में एक ही बात आती है।
    "यार मर्द होके औरतों की तरह क्यु रोता है"?
    ये बात मेरी समझ में तो नहीं आती है।

    पता है ,कभी कबार रो लेना भी अच्छा होता है,
    ख़ुशी के आंसू हो या ग़म के, निकलते हैं तो मन हल्का हो जाता है ।
    सब के पास एक ऐसा साथ होना बहोत ज़रूरी है,
    किसी के कंधे पे सर रख कर रोना ज़रुरी है,
    आंसू कमजोरी की निशानी नहीं है,
    आंसूओं में एक ताक़त छुपी है।
    तभी तो जब भी बहते है तो खाली कर जाते हैं,
    कौन आंसू पोछता है, कौन मजाक बनाता इसका पता भी ये आंसू ही करवाते हैं।

    मर्द को दर्द होता है ये कोई बूरी बात नहीं,
    वो कितना मजबूत है उसका हमे शाय़द अंदाजा भी नहीं।
    हर बोझ हसी हसी उठाते हैं वो,
    अगर कभी आंसू निकल भी जाए उनके,
    तो उनका कंधा बनने मे कोई बूरी बात नहीं।
    © shabdokemoti Priya khemnani

  • shabdokemoti 3w

    #Merisoch

    कितना कुछ सोच लेते हैं ना हम पहले से ही,
    बड़े होके ये करना है,
    अपने सपनों को पूरा करना है,
    ऊंची उड़ान भरनी है,
    कितना कुछ हासिल करना है,
    ये सब सोचना सही भी है,
    पर कल कैसा होगा? क्या आज तक किसी को भी उसकी थोड़ी सी भी भनक पड़ी है?
    सपनों को पूरा करने के लिए,
    अच्छी नींद आना जरूरी है।
    और अच्छी नींद के लिए,
    मन का साफ और शांत होना जरूरी है।
    खो देते हैं आज की शांति कल की चिंता में,
    बोल देते हैं किसी को कुछ भी सिर्फ अपने बारे में सोच के।
    थोड़ा नज़र झुका के देखे तो कर्मों की गत बहोत न्यारी है,
    किसी को बेवजह पहोचाया हुआ दुःख हमारे हर सुख पे भारी है।
    उस ऊपरवाले ने सब के बारे में सबकुछ सोच रखा है,
    तो चलना यार सिर्फ खुद से मतलब रखते हैं,
    दुसरो का मैल देखने से अच्छा है खुद का आइना साफ करते हैं।
    ©shabdokemoti

  • shabdokemoti 5w

    Bhai

    आंखों में एक गहराई छुपी है,
    कयी बाते आज भी मन मे दबी है।
    हर बात का हौसला रखते हो तूम,
    मेरे भाई बहोत अच्छे हो तूम।
    तुफान के बाद जो सुकून भरा सवेरा निकलता है,
    लाख परेशानियों में भी एक सुकून हर बार तेरे चहरे पे दिखता है।
    मेरे पार्टनर, मेरा साथ हो तुम,
    मेरे भाई मेरे हिरो हो तुम।
    जन्मदिन पे ये दुआ जरुर मांगुगी,
    अगले जनम में मै तेरा भाई बनना चाहुंगी,
    तेरे प्यार का कर्ज इस जन्म में उतार पाउंगी भी या नहीं,
    पर तेरा भाई बनके,तेरा साथ देके मै तुझ सी बनना चाहुंगी,
    बहने शादी करके चली जाती है बस तभी मै तेरा भाई बनना चाहुंगी,
    हर हाल में तेरा साथ निभाउंगी ।
    देखना एक दिन तेरा भी बड़ा सा घर होगा,
    सुकून भरा उस घर का आंगन होगा,
    कुछ परिस्थितियों की वजह से अलग है तु अपने बेटों से,
    पर एक दिन तेरा पुरा परिवार साथ होगा।
    अपनी पिक्चर के हिरो हो तुम,
    अपने बेटों के गुरुर हो तुम,
    मेरी हर परेशानी का साथ हो तुम,
    मेरी हर खुशी में ख़ास हो तुम,
    मेरे भाई मेरे हिरो हो तुम
    Happy Birthday bhai,
    Hm dono ki dil se dil ki hai sagai.
    ©shabdokemoti Priya khemnani

  • shabdokemoti 5w

    #Merisoch

    विरासत।।
    जब भी विरासत की बात निकलती है,
    तो दिमाग मे मां बाप की जमा-पूंजी ही क्लिक होती है।
    मै मेरी बेटीयों को बस इतना कहना चाहुंगी,
    उनको अपने पापा की तरह स्ट्रोंग देखना चाहुंगी।
    विरासत में अगर उन्हें कुछ मांगना हो तो अपने पिता सा बड़ा दिल मांगे,
    हमेशा हर हाल में उनकी तरह हसते रहना सिखे।
    बहोत कुछ सूना देते उन्हें लोग,
    और बहोत सारे उनसे प्यार भी करते हैं,
    पर उनके पापा सुनाने वालों को इग्नोर कर के जिनसे प्यार मिलता है उनको ही अपने आसपास रखते हैं।
    एक ही मंत्र है उनके पापा का,
    " दो कान ऊपरवाले ने दिये है और एक पेट, गलत को एक कान से सुनकर दूसरे से तुरंत बाहर जाने दो,
    और कही से भी मिल रहा प्यार अपनी टम्मी मे जाने दो"
    तभी उनका पेट बहोत बड़ा है
    क्यूं की उनके अंदर बड़ा दिल बसता है।
    सही मायने मे मेरे बच्चों की असली विरासत उनके पापा है,
    उनके जैसे बन गये ना वो तो उनकी लाइफ मे कोई दिक्कत ही नहीं,
    क्यूं की हर दिक्कत को हंसते हुए स्वीकारना ओम को बहोत अच्छे से आता है।
    किसी के लिए प्यार,
    हर एक के लिए एक सी अरदास ,
    कोई कुछ भी कहे अपना स्वभाव ना बदलना,
    बस हर वक़्त अपना बेस्ट करना ।
    इससे अच्छी कोन सी विरासत होगी,
    जो जिंदगी भर साथ रहेंगी।
    मां बाप कितने प्यारे होते हैं,
    ऊपरवाले के रूप में हमे विरासत में मिलते हैं।
    मुझे मेरी मां से हिम्मत विरासत में ही मिलीं है शायद इसका अहसास आज हो रहा है,
    जब अपने बच्चे को उसकी तकलीफ़ मे पोजिटिवीटी से संभाल रही हुं,
    तो मम्मी पापा का तहे दिल से शुक्रिया निकल रहा है।
    तो बस मां बाप से विरासत में उनके जैसा बनने की मांग करो,
    उनके लिए भी ये गर्व की बात है,
    अपने मां बाप का दिल से सम्मान करो।
    ©shabdokemoti Priya khemnani