sh_gopal

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माँ (◍•ᴗ•◍)✧*。❤️ IG : 19grin_0f_nature

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Reposts
  • sh_gopal 1w

    Wish u very very happiest birthday �������������� @pbhardwaj1911 ��
    #19November

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    पूर्व सा व्यक्तित्व है हर रोज खिलना है
    एक चमक सी चेहरे पर, झाँसी सा तेज है
    बच्चों की प्यारी दीदी , मस्ती की दुनिया हैं
    इस दुनिया से परे , अलग ही उनकी chemistry है
    गम की महफ़िल में , N2O सी है वो
    साधारण सी वो , अद्भुत ज्ञान है उनमें
    अजीब है अजीज हैं हमारे गुरुजी हैं

  • sh_gopal 10w

    जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं दी❤️����@dipti

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    सुंदर सरल सहज विचार ,
    मधुर,ह्रदय शीतल मन ...
    सरस्वती विराजे कंठ
    नित्य कलम उषा फैलाये
    मन्द मन्द सी मुस्कराहट सजो
    वात्सल्य प्रेम लुटाये सब पर
    अद्भुत , कृष्णा के छंद सुनाए
    मन मोह लेते राधा के गीत सुनाए
    ©sh_gopal

    Wish u happy birthday di..

  • sh_gopal 28w

    कोई ईश्वर को उनकी प्रतिमा में
    तो कोई उनको प्रकृति में देखता
    अद्भुत प्रेम है अनन्त आशा हैं
    एक कण सा मैं प्रकति का..
    ©sh_gopal

  • sh_gopal 28w

    नारी

    ममता से भरा वो आँचल छोड़ आयी
    पिता का ठेर सारा प्यार छोड़ आयी
    खातिर जिसके फेरे सात लिए
    वादे जिसने किये साथ निभाने का
    एक दिन गुस्से में उसने हाथ उठाया
    अश्रु से भीग गयी, जो अपना घर छोड़ आयी
    महकते उपवन छूट गया जिसकी वो परी थी
    पंख काट दिए आज , उसने जो कहता खुद को मर्द
    ये जिंदगी कट जाए बस इसी आस में जी रही
    वो उनका भी ख्याल रखती जो उठाते हाथ उनपे
    पता है वो एक माँ है जिसने अनन्त वेदना स्वीकार की
    ©sh_gopal

  • sh_gopal 29w

    जाना हमें था धरती से दूर ,
    जहाँ नहीँ है किसी का अस्तित्व
    सफ़र था हमारा चन्द्रयान से
    तुम विक्रम सी मैं प्रज्ञान तुझमे ही था
    इस धरती से चल दिए हम
    उस चाँद को गले लगा लिए
    कुछ मस्ती हमने की वहाँ
    मतलबी दुनिया से तोडा सम्पर्क हमने
    अब हम दोनों ही हैं इस चाँद के हकदार
    जीवन मेरा तुम हो मृत्यु भी तुम में ही हो
    दो दिल थे अधूरे जो हिस्सा थे एक दूसरे के
    पूरे चाँद पर एक चेतना तुम ही हों
    दूसरा वो सूरज जो गर्मी जगाता हममें
    एक तीसरा था ऑर्बिटर जो सम्पर्क कर रहा हमसे
    हम भी कितने मस्त और व्यस्त कि
    हमारी जिंदगी पूरी होने आई
    हम एक दूजे में ही रह गए
    अनन्त चेतना में सो गए
    नही हुआ सम्पर्क मतलबी दुनिया से
    तुम विक्रम सी मैं प्रज्ञान सा
    हजारों सालो बाद जब कोई आएगा
    तब भी मुझे ,तुझमें ही पायेगा
    ©sh_gopal

  • sh_gopal 33w

    ख़ुद अगर वो खुश है तो उसे लगता है, मानो खुश पूरा ये जहां है,
    बात ये है कि जब तक गुज़रे नहीं ख़ुद पर,कोई समझता कहां है।
    ©रानी_श्री

  • sh_gopal 36w

    पंच तत्व में वो जीवनरूपी हैं
    हर जीव का अस्तिव उससे हैं
    निर्मल वो बहने वाला जल हैं
    कल कों गर्भ में समाने वाला
    शिव की जटा से निकलने वाला
    समय पर सजो बून्द उसकी
    कहि अधूरी न रह जाय प्यास
    ©sh_gopal

  • sh_gopal 38w

    स्वयं गगन भी जिनका अभिषेक करें
    उन देवो के देव महादेव को नमन
    ©sh_gopal

  • sh_gopal 39w

    I don't know why I write

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    कैसे हो , ठीक हूँ
    से बढ़कर कुछ अपनी सुनाया करो
    कुछ गम हमसे लो, कुछ हमे दो
    ये जो दूरिया बनाई है उन्हें दूर तक छोड़ आओ
    ©sh_gopal

  • sh_gopal 43w

    सपने अपने

    एक सपना था बच्पन में
    एक रोज में चाँद हो आऊंगा
    इस छोटी सी दुनिया को नाप आऊंगा
    बड़े बड़े अरमान भरे थे बच्पन से
    न जाने वो कैसे दूर हो चले
    या फिर में कभी उनके करीब न हो सखा
    ऐसा असंभव तो था नही
    फिर क्यों सम्भव हुआ नही
    वैसा दिमाग नही था मेरा
    यही वजह थी जो सपना अधूरा हो चला
    एक सपना था बच्पन का
    एक रोज में चाँद हो आऊंगा
    ©sh_gopal