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  • serenityandchaos 5w

    मेल

    एक भीतरी शोर और एक जमाने की भीड़
    कहने को हम सब भी है इस भीड़ का हिस्सा
    मगर कुछ बेमेल , कुछ अशांत और विचलित से
    दिन में रात की शांति की आशा करते ,
    हां कहने को मैं भी हिस्सा ही तो हूं
    मगर ठहरा हुआ सा
    चलती है दुनिया भीड़ में और अशांत चित्त रह जाता है
    कही किसी शांत सी जगह पर जहां सिर्फ प्रकृति सुनाई देती है
    तभी अचानक आवाज आई कि दौड़ना तो बाकी है
    देर तो कर दी भीड़ में शामिल भी तो होना है
    फिर सोचा छोड़ो भी, दौड़ का हिस्सा बन तो गए
    रहे फिर भी ठहराव से वंचित ही
    सांसे तो सभी ले रहे मगर महसूस किसे होती हैं
    कभी रुक कर जिंदगी को बहता देखो
    सारे सवालों का जवाब यही तो है
    और शायद यही सार सब भीड़ में ढूंढ रहे होंगे
    ©serenityandchaos

  • serenityandchaos 8w

    अफसोस

    कल में खुशियां ढूंढते चले जा रहे हो
    आज को बर्बाद करके ,
    क्यूं बात करते हो कल की
    जब अगली सांस का यकीन नहीं . . .
    ©serenityandchaos

  • serenityandchaos 16w

    मैने लिखा नहीं है मगर महसूस बखूबी किया ये लेख��

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    रफ कापी

    जब हम पढ़ते थे तो हर सब्जेक्ट की कॉपी अलग थी लेकिन एक ऐसी कापी भी थी जो हर सब्जेक्ट को संभालती थी, उसे हम कहते थे "रफ कापी" यूं तो रफ कापी का मतलब खुरदुरा होता है पर ये हमारे लिए
    बहुत जरूरी थी क्यूं की उसके कवर पर हमारा कोई पसंदीदा चित्र होता था ,उसके पहले पन्ने पर डिजाइन में लिखा हमारा नाम, शानदार राइटिंग में लिखा पहला पेज, बीच में लिखते तो हिंदी थे पर लगता था जैसे कई भाषाओं का मिश्रण हो, अपना लिखा हुआ खुद नहीं समझते थे ,रफ कापी में हमारी बहुत सी यादें हुआ करती थी वो अनकहा प्रेम, वो अंजना सा गुस्सा, बेमतलब के दर्द और कुछ उदासी छुपी होती थी, हमारी रफ कापी में कुछ ऐसे कोड वर्ड छिपे होते थे जो सिर्फ हमे पता होते थे ,न जाने कहा होगे वो दोस्त सोचता हूं ... जब चार दिन बचेंगे ज़िंदगी के तब खोलूंगा वो रफ कापी , देखूंगा चश्मे में छिपी आंखो से , पलाटूंगा कपकपाते हाथो से पन्ने , पढूंगा हखलाते होंठे से क्यूं की अभी उस रफ कापी में कई कोड वर्ड दोस्तो को बतलाने है कुछ सवाल के जवाब अधूरे है पर ज़िंदगी उस रफ कापी में पूरी है .....

    – unknown

  • serenityandchaos 17w

    Happiness

    What is happiness?
    - nobody is utterly happy because we're not supposed to ...
    Leave the perception of endowed life ...
    Then what is actual happiness ?
    - Happiness lies in the world you are living
    Not in the world of Chimera..
    Happiness lies in the moment only when you are attentive to it ...
    Seizure your jiff & feel alive ...
    That's your real happiness











    ©serenityandchaos

  • serenityandchaos 18w

    हौसला

    आजमाइश के अंबर तले ठहरना पड़े भी गर
    हौसलो पे बरसने की आरजू लिए हो अगर आसमां भी
    याद रख कि जूते फटे पहन कर चल दिया था रास्ते पर
    तो आधियों और अंबर से डर किसे
    रास्ता है मुश्किल मगर
    मंजिल को भला कहा बदल सका कोई मंजर . . .







    ©serenityandchaos

  • serenityandchaos 18w

    सार

    जब जिन्दगी शर्ते बताने बैठी
    कभी परिस्थिति कभी परख के चलते
    शर्तो में उलझकर जिंदगी को
    गणित के सवाल की तरह पेचीदा कर दिया
    कभी कोई शंका सांस लेने लगती तो
    कभी समय सीमाओं की लकीर खींचने के लिए तैनात
    हौशला गर्दिश में बैठा दिलासा देता
    तभी सूरज की पहली किरण के जैसे
    झरोखे से झांकती हिम्मत बोली –
    गणित के सवाल हल भी होते है
    हुई देर तूझे कोशिश करते तो क्या
    तेरे सवाल है तभी तो जवाब है
    सीढ़ियों का अर्थ महज ऊंचाई तक जाना नही
    सूरज ढलता देख के निराश क्यूं
    रात में दिन की आस क्यूं
    समय की धारा निरंतर है
    इसमें सवालों का फेर है
    उलझकर इसमें व्यर्थ मत कर जीवन
    इसी प्रवाह के साथ है तेरा जीवन
    जीवन चक्र का यही सार है
    जीने का नाम इसी पल से तो है . . .
    ©serenityandchaos

  • serenityandchaos 20w

    Autumn

    Leaves are turning ashy
    Gleam of trees are getting slushy
    Leaves are rupturing
    From their footing . . .
    '- Oh so tree are feeling lite ?
    Or leaves are feeling quiet? '
    -No its flank of giving ,
    Giving other leaves genesis
    Of growing juncture of turning
    that pale into greenery . . .
    Eclat of Tenure of leaf's life -
    'one must keep going '
    Into novel possibilities & new openings
    Just like leaves ,
    Ahh! Leaves are now Feeling unfettered
    after the art of giving
    & art of living
    ©serenityandchaos

  • serenityandchaos 31w

    सार

    चित्त छिन्न और बिश्मित
    पंछी उन्मुक्त और एकचित
    ओश की बूंदे लिपटी हवाओं में
    हवाएं भी बेसुध व अल्हड़
    निगाहें टिकी आसमां पर
    वो भी अनंत और शिखर तक
    मन में आया ख्याल फिर
    क्यूं नहीं तू एकाग्र और एकचित
    ©serenityandchaos

  • serenityandchaos 32w

    Perception

    What if Cinderella rejected prince proposal
    What if she was not precarious for love
    Why even she needed a prince to be Princess
    Why she couldn't be a resolute happy queen on her own . . .
    Wake up !
    - No man will ever find your shoe when it lost
    Be a queen & own your world
    Embrace yourself
    You are not a pitiable cindrella
    You are fierce breeze
    You are Tranquil & excitable as well
    Darling ! You are a robust reality ❤️
    ©serenityandchaos

  • serenityandchaos 32w

    जीवन

    निरर्थक सोच मे समावेशन खोना
    विनयशीलता मेहज कार्य तो नहीं
    जीवन को आने वाले और बीते कल का नाम देना
    जीवन में प्रत्याशित तो कुछ भी नहीं
    जीने का तात्पर्य तो आज से है
    बीता महज़ जहन से समाहित हैं
    और आने वाला वक्त कल्पित है
    मिथ्या है कल जो कभी नहीं आएगा
    वो आज में जा मिला कल्पनाओं के अम्बर तले
    उन्हीं कल्पनओं का आसमां काला है गर
    बरसने की आस भी तो आज में ही है
    ©serenityandchaos