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  • sanamika710 48w

    इश्क किया था हमने भी, हम भी रातों को जागे थे
    इश्क किया था हमने भी, हम भी रातों को जागे थे

    था कोई, जिसके पीछे हम नंगे पांव भागे थे।

    ©sanamika710

  • sanamika710 48w

    तुम अच्छे लगते थे इसलिए तुम्हें भाव दिया,
    तुम अच्छे लगते थे इसलिए तुम्हें भाव दिया!

    वरना इग्नोर करने में हमने पीएचडी कर रखी है।
    ©sanamika710

  • sanamika710 49w

    लोग पूछते हैं कि आप कैसे हैं?
    जब तक आपके पास पैसे हैं!

    ©sanamika710

  • sanamika710 49w

    इंसान कभी बदलता नहीं है।सिर्फ मतलब पूरा होने पर एक्टिंग करना बंद कर देता है।

    ©sanamika710

  • sanamika710 49w

    इस लॉक डाउन में जिसे बहू की चाह थी। उन्होंने तो शादी कर दी।
    और जिन्हें दहेज की चाह थी, उन्होंने शादी रद्द कर दी।

    ©sanamika710

  • sanamika710 49w

    सरकारी नौकरी की चूल उसी में होती है, जिसने बड़े बिजनेसमैन की जिंदगी नहीं देखी होती है।

    ©sanamika710

  • sanamika710 49w

    एक आंसू भी गिरता है तो लोग हजार सवाल पूछते हैं।
    ऐ बचपन तू लौट आ मुझे खुल कर रोना है।

    ©sanamika710

  • sanamika710 49w

    इंसानी फितरत होती है बुराई करना, आपको मरना पड़ता है अपनी अच्छाई सुनने के लिए।

    ©sanamika710

  • sanamika710 49w

    इंसानी फितरत होती है बुराई करना, आपको मरना पड़ता है अपनी अच्छाई सुनने के लिए।

    ©sanamika710

  • sanamika710 49w

    Ek aanshu bhi girta hai to log hazaar sawaal puchhte hai,

    Aye bachpan tu laut aa mujhe khulke ronaa hai.

    ©sanamika710