saloniiiii

मैं और मेरी तन्हाई......✍

Grid View
List View
Reposts
  • saloniiiii 21h

    शांत पड़ी हूँ, सम्भल जाओ
    थोड़ा सोचो और सुधर जाओ
    आ गयी अपने पर में अगर
    मरने भी ना दूंगी, चाहे क्यूँ ना पछताओ
    ©saloniiiii

    @hindiwriters @hindinama

    Read More

    भूचाल

    मतवाले मेघ गरज रहे है
    मन के भीतर बरस रहे है

    तन शुष्क हुआ कुम्हलाया है
    मन छलक-छलक भर आया है

    बाहर-भीतर के छलावे में
    सब ध्वस्त हुआ, गिर आया है

    मंत्र-मुग्ध जो, प्रशांत छवि से
    भीतर देख, भूचाल समाया है

    ©saloniiiii

  • saloniiiii 4d

    हर बार पहल मैं करूं, ये जरुरी तो नहीं
    मुझ बिन अधुरे हो, शायद तुम्हे ख़बर नहीं

    @hindiwriters @hindinama

    Read More

    बात उसे भी करनी है
    बस कहने का ही दम नहीं है
    कोई जा के बताऐ उस पगले को
    कि मुझे भी बैचेनी कुछ कम नहीं है

    ©saloniiiii

  • saloniiiii 1w

    मोहब्बत बेइंतहा है,
    बयां करना क्यूँ गुनाह है
    लिख दूं खत में सारे जज़्बात
    पर एक खत काफी कहाँ है

    ©saloniiiii

    @hindiwriters @hindinama

    Read More

    ©saloniiiii

  • saloniiiii 2w

    एक दिन सब अच्छा होगा
    शायद ये उम्मीद ही,
    जीने के लिए काफी है

    @hindiwriters @hindinama

    Read More

    गरीबी

    तपती दोपहरी की प्यास
    घंटों तक चलकर बेहाल
    भूख से पेट में जंग
    पैसों के बिन हाथ तंग
    पैरों में टूटे से चप्पल
    हाथों में फटी-पुरानी कम्बल
    सर से छत जाने का डर
    बीमारी से जूझने का मनोबल
    ये गरीबी है भाई
    तुम समझोगे उससे पहले
    ना जाने क्या क्या कराएगी
    ये गरीबी ना जाने कैसे दिन दिखाएगी
    ©saloniiiii

  • saloniiiii 2w

    वो उंगली जो थामी बरसों
    छुटी जैसे कल या परसों
    एक अनजाने को सौंपा हाथ मेरा
    क्या बरसों तक देगा वो साथ मेरा

    @hindiwriters @hindinama

    Read More

    एक बार फिर, हाँ एक बार फिर
    वहीं हाथ, वहीं साथ चाहती हूँ
    तब आपके विश्वास पर,
    विश्वास जताया था
    अब अपने हर कदम पर
    आपका एतबार चाहती हूँ
    एक बार फिर, हाँ एक बार फिर
    वहीं हाथ, वहीं साथ चाहती हूँ

    ©saloniiiii

  • saloniiiii 2w

    अंजाम की तलाश में, आगाज़ को ही भूल गये
    सहर की राह तकने में, शब बिताना ही भूल गये

    ©saloniiiii

  • saloniiiii 3w

    शब्द मेरे आसन सही,ये बाते कई बार कही
    होंगे कई तेरे प्यार में पागल, होगा ना हम-सा दिवाना कोई

    ©saloniiiii






    @hindiwriters @hindinama

    Read More

    मैंने मानी है हर बात, दिन हो या हो रात
    अगर कुछ चाहा है,तो वो है तेरा साथ
    ©saloniiiii

  • saloniiiii 3w

    मैं और इश्क़

    मेरे इश्क़ की आज़माइश होती रही
    मैं हठीली इश्क़ में खोती गई

    धर्म-कर्म की बाते होती रही
    मैं जोगिन जोग में बावरी होती गई

    सारे नाते खोती रही
    तुझ संग माला पिरोती गई

    स्वपन लोक में सोयी रही
    बस तेरे सपने संजोती गई

    नज़दीकियां ज़माने को खलती रही
    और मैं जिस्म से रुह तक घुलती गई

    मेरे इश्क़ के चर्चा बढ़ता रहा
    मैं और मेरा इश्क़ अजर होता गया

    ©saloniiiii

  • saloniiiii 3w

    दिन बीत गया, एक पल की तरह
    तुम याद आऐ, आरज़ू की तरह

    खुश हूँ कि हम साथ है
    गम़ कि तुम्हारे पास नहीं

    ©saloniiiii

  • saloniiiii 4w

    सवेरे उठ जाती हूँ यूं
    कि मेरी आहट से तनिक भी
    नींद उचट ना जाऐ उनकी
    और वो मतलबी हैं यूं
    के उनके व्यसन से मेरा जीवन
    बर्बाद हुआ जा रहा है
    ©saloniiiii