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Reposts
  • sakshi1 95w

    सिंगल

    वादों के बहुत पक्के हैं हम
    इसलिए आज भी सिंगल ही अच्छे हैं हम

    साक्षी✍

  • sakshi1 95w



    तेरे हुस्न का दीदार चाहता हूँ
    मैं आज भी तुझसे मोहब्बत का इजहार चाहता हूँ

    साक्षी✍

  • sakshi1 95w

    बात❤

    दिल की बात दिल ही जाने
    कि इस दिल में क्या बात हैं
    ये दिल तो हैं सिर्फ तुम्हारा
    इस दिल में दूसरे दिल की क्या औकात है

    साक्षी✍

  • sakshi1 95w



    तुम मसर्रत का कहो या
    इसे गम का रिश्ता!
    कहते हैं प्यार का रिश्ता
    है जनम का रिश्ता,

    है जनम का जो ये
    रिश्ता तो बदलता क्यों हैं

    साक्षी✍

  • sakshi1 95w



    प्यार क्या होता है
    वो तो प्यार करने वाले जाने
    हम तो वो फरेब हैं जिसने केवल
    नफरत के बदले नफरत सीखीं हैं

    साक्षी✍

  • sakshi1 96w



    मोहब्बत करना है तो कोरोना जैसे करो
    जो मरते दम तक साथ दे।

    साक्षी✍

  • sakshi1 96w

    हमसफर

    सफर चलता रहेगा यूं ही जिंदगी की राहों में
    अभी तो चंद लम्हा गुजारा हैं तुम्हारी बाहों में
    खो जाने दो मुझे तुम अपनी इन निगाहों में
    वरना क्या पता कब मिलेगा ये पल तुम्हारी पनाहों में

    साक्षी✍

  • sakshi1 96w



    न पढाई की चिंता
    न इग्जाम का डर
    वेल्ले थे,हैं और रहेंगे हम।

    साक्षी✍

  • sakshi1 96w

    चाहत❤

    उसकी चाहत में मैं इतनी चूर हूँ
    इसलिए आज भी मैं इतनी मशहूर हूँ

    साक्षी✍

  • sakshi1 96w

    सजा

    उनके बेबाकपन की सजा कुछ यूं थी,
    की न सलीका रहा मोहब्बत में,
    न दोस्ती में कुछ मिठास थी,
    उनके शब्दों के खंजर दिल में ऐसे थे,
    कि न तो लिखने का सिलसिला रहा,
    न अब वैसी कोई बात थी

    साक्षी✍