sadhana_the_poetess

Broken but beautiful.

Grid View
List View
Reposts
  • sadhana_the_poetess 1d

    दिसंबर ❤️

    इस दिसंबर के सर्द भरी रातों में ,,,
    उस खुले आसमान में ,उन तारों को देखते रहना....
    और निरंतर ये सोचना की ,हमने पूरे साल क्या किया ?
    कैसे किसी ख़ास ने हमारा भरोसा तोड़ा,,,
    और जाने कब एक अंजान से हमारा रिश्ता जुड़ा.....
    ये ठंडी हवाएं जैसे कुछ कहना चाहती हो और,,,
    जैसे ये दिसंबर सदैव के लिए मेरे संग रहना चाहती हो ।

    सारी प्रतीक्षाओ को अपने साथ लेकर चला जाता है ,
    तब जा करके ये वर्ष का अंतिम माह दिसंबर कहलाता है ।
    ये सर्दियों की तरोताज़ा सौगात लेकर आता है ,
    तब जा करके ये वर्ष का अंतिम माह दिसंबर कहलाता हैं।
    नए वर्ष के आरंभ हेतु ,,,सभी पूर्व अनुमानों के समापन हेतु,
    सारे सवालों के जवाब हेतु ,,, सभी परेशानियों के समाधान हेतु...
    ये माह वर्ष का सिकंदर कहलाता हैं,,,
    ऐसे ही नहीं ये दिसंबर कहलाता हैं।
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 2d

    #oxymoron

    Covid-19 is almost gone.
    It's time to face omicron .
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 2d



    Parting is such sweet sorrow.
    Conjoin is such exiquisite pain.
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 2d



    All the world's a stage.
    I know how to handle rage.
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 2d

    सुकून पे चर्चा

    आओ बात करें सुकून के पल की,
    कुछ उलझे हुए बातों के हल की।
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 1w

    Sadhanaprakash

    मैंने वफा करी गद्दारी नहीं ,
    ना जाने खुश क्यों हूं?
    के मैं तुम्हारी नहीं।
    मैंने इश्क़ करा मैं हारी नहीं ,
    ना जाने खुश क्यों हूं?
    के मैं तुम्हारी नहीं।
    तुमने दिमाग़ लगाया,
    मेरी थी तैयारी नहीं,
    ना जाने खुश क्यों हूं?
    के मैं तुम्हारी नहीं।
    तुम्हारे लिए शायद ,
    मैं प्यारी नहीं लेकिन
    ना जानें खुश क्यों हूं?
    के मैं तुम्हारी नहीं।
    तुमने छोड़ दिया,
    दुख इस बात का था।
    वरना दोस्ती तो तुमसे,
    आख़िरी सांस का था ।
    तुम्हारे लिए यह सब ,
    शायद आम बात थी।
    मेरे लिए तो पलट गई ,
    पूरी कायनात थी।
    मैं हिल गई पूरी तरह से यारा,
    मैंने किया पूर्ण विश्वास जों था।
    तुमने तोड़ा मुझे एक कांच जैसे खैर,
    ये भी तुम्हारा मुझपर एक एहसान ही था।
    तुम्हारे इस कदम ने ही मुझको आख़िरकार,
    बनाया एक मजबूत, विशाल चट्टान जो था।
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 1w

    आज मैंने एक मासूम शक्श को शायरी करते देखा ।
    उसे उसके दुखों के समंदर में अकेला ढलते देखा ।
    टूटा हुआ अन्दर से उसे बाहर से चट्टान बनते देखा ।
    फिर एक शक्श को मैंने इकतरफा इश्क़ में मरते देखा ।
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 2w



    After make- out; break- out is mandatory.
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 2w



    मैं और तुम अब हम नहीं है ,
    इस बात से अब मुझे कोई ग़म नहीं है ।
    ©sadhana_the_poetess

  • sadhana_the_poetess 2w

    Punjabi

    Yaddan teri chhaddati nhi mainu,
    Vekh Tenu kinna chahnda yeh dil.
    Har ardaas vich rab se sirf ,
    Vekh Tenu hi mangda yeh dil.....
    ©sadhana_the_poetess