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  • ruchiyadav 105w

    कोई गुंजाइश ही नहीं दिल में अब अकेलेपन की,
    मैने दिल को खुद की अहमियत जो समझा दी हैं।
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 105w

    मां

    तुझ सा न कोई पाक है मां,
    तू हर पहलू से खास है मां ।

    तू ही ममता, तू ही करुणा,
    कर्तव्य में वज्र सी कठोर तू मां ।

    हौसला बढ़ाती प्रेरक तू है,
    संघर्ष की तू मिसाल है मां ।

    है भावनाओं का समंदर भी तुझ में,
    प्रेम की परिभाषा भी तू ही मां ।

    हजारों दुखड़े सहती,
    फिर भी कुछ न कहती मां ।

    कहां से लाती इतना दुलार,
    सहनशीलता के गुण अपार ।

    पूरा घर बसता तेरे दिल में,
    जग में इक सुन्दर तू ही मां ।

    वेदों में सर्वप्रथम पूजनीय तू है,
    शत - शत वंदन तेरी छवि को मां ।

    फुर्सत में कभी बतलाना तो,
    मां जैसी कैसे है तू मां ।
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 105w

    कुछ भावनाओं के स्वर,
    जिन्हें जिहवा नियंत्रित करने का प्रयास करती है,
    उन्हें आंखें बयां कर जाती है।
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 114w

    आजादी

    दिन आजादी का फिर से आया है,
    देश के प्रति जज्बा एक बार फिर से जगाया है ।
    खूब दिखेंगे तिरंगे हाथों में,
    गुजेंगे देशप्रेम के नाद गलियारों में ।
    रह जाएगी आजादी फिर से एक दिन की होकर,
    बाकी दिनो में ना हम अपनी गलतियों से कुछ सीखेंगे ।
    निरंतर करेंगे देश को अपमानित गलत कर्मो से,
    कुछ किस्से रेप के तो कुछ अभद्र विचारों के निकलेंगे ।
    दब जाएंगे या दबा दिए जाएंगे पीड़ितो के वो नाद,
    जो इंसाफ की गुहार के लिए निकलेंगे ।
    हर दिन बटेगा देश जातिवाद के वर्गो में इतना,
    कि एक दूसरे की जान लेने से भी नहीं चूकेंगे ।
    आजादी विचारों की आये तो बात बने,
    भारत माता की जय के नारे तो हर साल ही गूजेंगे।
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 114w

    बातों के अक़्सर मतलब अपार निकल जाया करते है ।
    न किया करो इज़हार-ए-ख्याल हर वक़्त,
    दिल बहुत से दुख जाया करते है ।
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 114w

    मोहब्बत नहीं है,
    पर कुछ तो है अकथ सा ।
    ये ख्याल तेरा भी है,
    या बस मेरी खुशफहमी है ?
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 115w

    #दिल की बातें

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    इल्म नहीं था कि इस कदर तुझसे कभी राबता होगा।
    नज़्म गाएंगी फिर से ये बेजान हवाएं,
    और दिल का माहौल फिर से खुशनुमा होगा ।
    सुनो, जो आए हो तुम रेगिस्तान में बरसात बन के,
    तुम्हारी इस इनायत की जुस्तजू क्या है ?
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 115w

    #एहसासों का रिश्ता

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    जीवन में आए उतार चढ़ाव के बाद,
    खुद की खुशी के लिए, जीना तो हम सीख जाते है ।
    पर अक़्सर,
    डरते है उस खुशी को मुकम्मल करने से फिर भी,
    बेइंताह जिसकी चाहत होती है।
    सहम सा उठता है दिल भी इस ख्याल से,
    कि कहीं खो ना दे उस खुशी के एहसास को भी,
    जिसकी खनक बयां कर पाना भी उसके बस की बात नहीं।
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 131w

    #एकतरफा़इश्क़

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    एक तरफ़ा इश्क़ भी इबादत सा है,
    बशर्ते आपकी नियत पाक हो।
    ©ruchiyadav

  • ruchiyadav 131w

    तुमसे मिलना तो था,
    पर दिल ने एहतियात बरतने को कहा, ये कहकर,
    कि उसे अब खुद पर ऐतबार नहीं,
    कि कहीं बिखर न जाऊं इस आखिरी मुलाकात के बाद ।
    तभी कह दिया था तुम्हें,
    कि न करना इंतजार हमारा,
    कि हमेशा की तरह,
    एक बार फिर से मानेंगे इल्तिज़ा दिल की।
    ©ruchiyadav