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  • ro_hits 7w

    बाजी हार के जीतना ही किस्मत-ऐ-सिकंदर होता हैं,
    अपने ही पानी मे पिघल जाना बर्फ का मुक़द्दर होता हैं।
    ©ro_hits

  • ro_hits 7w

    By heart...

    सुना हैं प्यार में वक़्त थम सा जाता हैं,
    पर मेरे हिसाब से वक़्त थम जाए वैसी हुस्न भी चाहिए।
    ©ro_hits

  • ro_hits 8w

    Heart fail भी हो सकता हैं

    दिल तोड़ना किसी के लिए खेल भी हो सकता हैं,
    प्यार सच्चा हो तो रब से मेल भी हो सकता हैं।
    बिजली के झटकों जैसा हुस्न लेकर मत निकला करो,
    कमजोर दिल वालो का heart fail भी हो सकता हैं।।

  • ro_hits 13w

    Pi Pixel Eye.

    जब से उसने अपनी नज़रे फेर ली मुझसे,
    तब से मेरी कलम अपाहिज़ सी हो गयी।।
    ©ro_hits

  • ro_hits 13w

    माचिस तो यूँ ही बदनाम हैं,
    आग लगाने के लिए अपने तेवर ही काफी हैं।
    ©ro_hits

  • ro_hits 20w

    माचिस तो यूँ ही बदनाम हैं,
    आग लगाने के लिए अपने तेवर ही काफी हैं।

  • ro_hits 24w

    वक़्त बदल गया, जिंदगी मौन हैं।
    आज मैं कौन हूँ और तू कौन हैं।।

  • ro_hits 28w

    दो बोल

    पत्थर पहाड़ पे औंधी पड़ी, जैसे लोग मुरछाये।
    बरसो तक तराशा उसे, फिर वो क्यूँ पूजी जाये।।
    ©ro_hits

  • ro_hits 28w

    Samay

    Samay kisi ka nahi hota,
    Samay kabhi nahi sota.
    Samay chalna sikhati hain,
    Samay giraana bhi janti hain.

    Samay sath ho to bulandi hain,
    Samay chhod de to bheekh ki mandi hain.
    Samay pyara ho to pyar apnaate hain,
    Samay bura ho to apne bhi thukrate hain.

    Samay sancha ho to har jhuth sahara hain,
    Samay galat ho sanch bhi nakaara hain.
    Samay apna le to sab log apnaate hain.
    Samay thukra de to har log thukraate hain.

    Samay jise dil se chaho use paas laati hain,
    Samay ussi pyar ko tum se door le jaati hain.
    Samay rishte me ek ajeeb sa pyar laati hain,
    Samay doori ko yaad dila uphaas udaati hain.

    Samay jab pyar se takraya, main nahi to tum nahi,
    Pyar ne samay ko samjhaya, bas ab bus kar yahi.
    Tum se har baar thokar kha ke, main sambhal liya,
    Aur mujh pyar ko apnane waale, tumhe badal diya.
    ©ro_hits

  • ro_hits 29w



    आवाज़े सिसकती, हालात खिलखिलाते।
    राज-ऐ-दिल हम नही हैं, यूँ ही बताते।।
    बहोत दिल हैं तोड़े, बहोत दिल बिखेरे।
    आज खुद ही हैं टूटे, कदम लड़खड़ाते।।

    बताऊ किसे मैं, किस पे क्या गुजरी।
    लड़कपन था शायद, वो सजा चाहता हूँ।
    वो सदियों से दिल मे दबी दर्द थी जो,
    उसी को गँवा के बस मज़ा चाहता हूँ।।
    ©ro_hits