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  • rizvi78 1d

    इश्क

    इश्क इबादत या वक्त की नज़ाकत
    लाफ़ज़ क्या बया करे किस हद तक नज़ाकत
    आज की बदली हुई इश्क की हकीकत
    इश्क एक सौदागरी और उसकी अलग कीमत
    ©rizvi78

  • rizvi78 3w

    एहसास

    न अब वो एहसास बचा न अब वह खुद्दारी ,
    हम सब तो जीते है वक्त कट जाने को ,
    सिर्फ सीख लिया अपनों में बट जाने को ,
    काश कोई ऐसा मसीहा होता जो बाटता इनकी बेसब्री ।
    ब फकत नाम इंसान है सिर्फ अपनी बेज़ारी में
    ©rizvi78

  • rizvi78 6w

    #mirake friend#mirake lover

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    जवाब

    हर बात का जवाब है
    इस लिए मेरा जीवन बे हिसाब है
    फक्र करता हु मै अपनी माँ की दुवाओ का
    अल्लाह तभी मेरे ऊपर मेहरबान है
    ©rizvi78

  • rizvi78 7w

    खोये सपने

    खोये हुए सपने है
    मजबूर ज़माना है
    हर शहर में दहशत है
    बस एक फसाना है
    दिल को दिल से जुदा करने का
    अब खेल निराला है
    बाट दी मंदिर व मस्जिद की दीवार
    अब ढूढ़ते रोने का बहाना है
    क्या बताऊँ अब हक न रहा सपनो का
    वह गुज़रा ज़माना है।
    पाक जो थे जिसमें जा से
    अब नफरत का खजाना है
    क्या कहूँ भगवान तुझसे
    यह कैसा ज़माना है
    ©rizvi78

  • rizvi78 7w

    Dil ka kissa

    बहुत दर्द का आलम क्या बया करू किस्से
    जब दिल के हाथों हो गया सौदा तो क्या बया करू किस्से
    मुझे क्या पता ज़माना बदल गया है सौदागरी का
    अब माने नही रखता दिल के सौदे दिल के किस्से ।
    ©rizvi78

  • rizvi78 7w

    ए दिल

    रफ्ता रफ्ता वक़्त कट जाएगा ए जज़्बाते दिल
    बस तू अपना हौसला बनाए रखना ए दिल
    ©rizvi78

  • rizvi78 9w

    बुत

    बुतों से हो गई अब ज़िन्दगी अपनी ,

    न जाने कब फिज़ाओ में बाहर आये।
    ©rizvi78

  • rizvi78 10w

    #mirake friends

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    अधूरी ज़िन्दगी

    हर्फ़ ब हर्फ़ पढ़ते रहे ज़िन्दगी
    जाने कब करार आया
    अ से ज्ञ तक जो सफर था
    A से Z तक जो सफर था
    उनमे न कही जलाल आया
    फिर यह कैसी बे खुदी हममे और तुममे ज़िन्दगी
    कहे का जात और पात का झगड़ा ज़िन्दगी
    फिर हर्फ़ ब हर्फ़ अधूरी तेरी मेरी ज़िंदगी
    ©rizvi78

  • rizvi78 10w

    बाकी है

    कुछ रस्म अभी बाकी है
    कुछ चाहत अभी बाकी है
    कुछ लफ्ज़ अभी बाकी है
    कुछ याद अभी बाकी है
    कुछ तराने अभी बाकी है
    बया कैसे करूँ क्यो कर
    जब साज़ न हो जज़्बात न हो
    जब इंसा इंसा में प्यार हो
    फरको व परस्तिश में बटी जात न हो
    बस इस वास्ते सिर्फ एहसास अभी बाकी है
    ©rizvi78

  • rizvi78 10w

    जज़्बात

    वह जज़्बात का लहजा वह आज़ादी मुझे दे दो
    कोई गिला शिकवा मोह्हबत का हर एक लम्हा मुझे दे दो
    गर देना है तो सारे जहाँ की दौलत की जगह अपनी पनाह दे दो
    ©rizvi78