riyaaa_writes

आये हैं तो ठहर जाये|❣️

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Reposts
  • riyaaa_writes 130w

    छोटी सी ख्वाहिश;
    छोटा सा रिश्ता बनाने की|❣️��

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    तेरी मां सिर्फ़ तेरी नहीं, मेरी भी मां कहलाएगी;
    लेकिन क्या मां मुझे बेटी कह पाएगी|
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 131w

    उनके माथे पर जो थी शिकन अब होंठों की हसीं बन गई ❣️��

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    साहब झूठी हसीं लिए फिरते हैं;
    परेशां मैं ना हूं इसलिए शिकन माथे पर नहीं रखते हैं|
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 132w

    Ok promise ����

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    अपने जुल्फों को तेरे कुर्ते के बटन में उलझाकर देखना चाहती हूं;
    थोङा तो अजीब हैं अपना किस्सा फिर भी इसे सुलझा कर देखना चाहती हूं!
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 133w

    अच्छा सुनो!
    तुम इतना सा रिश्ता बनने दोगे क्या?❤️��

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    ग़र दिन-भर झगङा करूं तुझसे;
    तो रातों को तुम गले से लगाओगे क्या?
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 133w

    कुछ शिकायतें भी तो जरूरी हैं तुझसे;
    तुझे मेरा बताने के लिए!
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 135w

    शर्ट वो पहनता नीली, उस पे नीली जमती;
    उंगलियों से उंगलिया मिलाती मैं;
    यही वज़ह है साहब!
    जो अमावस् भी शरद ‌चांद में बदलती|
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 135w

    अब इतनी सी बात हैं, अपना हर दर्द बांट पाओगे क्या?❤️

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    ग़र कहूं मैं कि परेशां तुम दिखते हो;
    तो बोलो - चेहरे पर हसीं मेरे लाने के लिए, तुम अपनी हसीं वापस ला पाओगे क्या?
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 136w

    अब जो भी हो, तुम इतना सा रिश्ता बनने दोगे क्या?❤️ #poetry #thoughts #diary #love #life #friendship #inspiration

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    तो क्या ग़र लफ्ज़ो पे पकड़ ना हैं;
    अच्छा सुनो!
    उंगलियों की पकड़ मजबूत करने दोगे क्या?
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 137w

    हां अब मैं उसकी हुई भी�� #love #life #friendship #poetry #thoughts #diary

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    मेरा इश्क़ उसका था, मैं उसकी थी;
    सिर्फ़ थी नहीं, अब उसकी हुई भी!
    ©classii_marshmallow

  • riyaaa_writes 137w

    अफ़सोस तुम्हें जीतते-जीतते मैं ख़ुद ही हार गयी|

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    क्या समझा था तुम्हे इस हारी हुई ज़िन्दगी का जीता हुआ पहलू; अफ़सोस!
    ©classii_marshmallow