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  • rituroumya 12w

    बदनाम गली!!

    उन गलियों से गुजरता हर एक कदम का निसान है बदनामी की.....
    धीरे से चुप चाप सड़कों पे चलके जारही थी वो......
    अचानक से जूतों का खस खस सा आवाज़ होने लगा.....
    न जाने क्यों उसकी मन में घबराहटों का दस्तक होने लगी......
    उन लोगों ने उसे जबरदस्ती अपने साथ ले गए......
    वो रोती रही चिलाती रही और सहायता का पुकार लगती रही......
    मगर उन दर्द भरे आवाज़ से किसिका दिल से पत्थर पानी न बन पाया.....
    तबसे उस गली का नाम बदनाम पड़ गई है.....
    न जाने बदनामी का कारण वो भोली सी लड़की थी या आदमी के नाम पे राक्षसों का पहचान.....
    बदनामी गली की हुई और बदनामी हुई उस हर एक लड़की की जो उस गली से गुजरा।
    ©rituroumya

  • rituroumya 50w

    एहसास

    चाहता क्या है यह दुनिया एहसास तो है हमें....
    तेरे मन में मेरेलिए जगह की पहचान है हमें....
    दुनिया से खफा हम होंगे तो नहीं....
    बस तेरे लिए एक हल्का सा एहसास है हमें....
    बिछड़ते रास्ते पे जब हम आज अकेले खड़े हैं....
    तुझसे नाराज़ यह जिंदगी हालात का एहसास है हमें....

    उस दिन की बात है जब पहली बार इकरार हुआ था....
    इकरार से प्यार और प्यार से तेरे नफ़रत का एहसास है हमें....
    जब इंसान का भरोसा टूटता है कभी....
    बिजली गिरने का एहसास आज भी याद है हमें....
    जिंदगी करवटें लेंगे ये तो हमें पता था कबसे....
    मगर तेरे जिंदगी से जुड़के दूर होने का एहसास है हमें....

    मिलके बिछड़ जाते हुए रिश्ते कुछ ऐसे होते हैं....
    जैसे रिश्ते निभाते निभाते थक जाने का एकसास हो जाता है....
    रिश्ते बनाने में जो प्यार और मोहब्बत का खर्चा हुआ था....
    आज भी उस खर्चे का एहसास है हमें....
    उस हर एक गुलाब का खुशबू जिससे महकता हुआ तेरा प्यार....
    उस झूट और उस बेवफ़ा का एहसास है हमें....
    ©rituroumya

  • rituroumya 63w

    Life is changing......

    Life is changing......
    Mornings are restless and evenings are frenetic;
    Routines are startled with burdens of pressure;
    Days are starting with queries and ending with more inquires;
    Running with desires and hand full of ambitions;
    No one is aware about the life which is changing faster.
    ©rituroumya

  • rituroumya 72w

    Kabhi kabhi

    Kabhi kabhi aas paas dhundu tumhe
    Kabhi kabhi zindagi ko puchu mein
    Kabhi kabhi jeene ke liye pukarun tumhe
    Kabhi kabhi chand sitaron pe dhundu tumhe
    Kabhi kabhi naam pe tere khwaab sajayun mein
    Kabhi kabhi andheron mein chehra tera roshni bhardein
    Kabhi kabhi ishq sa ehsaas ho tere ane se
    Kabhi kabhi suraj ki roshni bhi kam pad jaye tujhse milne par
    Kabhi kabhi bahot kuch ho jaye tere mohabbat se
    Kabhi kabhi aas paas dhundu tumhe
    ©rituroumya

  • rituroumya 95w

    ज़िंदगी के FANTASIES:

    हाथ में एक चाय ....... या फिर काफ़ी का एक प्याला हो...... गरम सा धुआं दिल को नर्म का एहसास देता हो .....
    वह खिड़की के पास बैठे बड़े ही ठाट से बस चाय या काफ़ी की चुस्की लेते रहे.......
    आए हाए...... ज़िंदगी में और क्या चाहिए।
    बस बिस्तर से उठो तो समुर का स्पर्श हो पैरों में, सूरज की वह रोशनी आके धीरे से गले लगा ले..... ठंडे ठंडे पानी से वदन का सारे थकावट ही जैसे गायब हो जाए..... सुबह की शुरुआत कुछ ऐसे हो कि बस ज़िंदगी से लोभ ही हो जाए।
    फिर ना हो कोई शिक्वा नाहिं कोई सिकायत बस जीने कि हो तमन्ना और जीने की हो चाहत।
    सोते हुए सपने में सफेद घोड़े पे जब आए वो राजकुमार..... धम धम धम से उस आवाज़ से हो जाए उसे प्रेम...... दुल्हन के रुप में सजे हुए जब आईना देखे वह चेहरा...... महसूस करे खुद को परी है वह व्योम की।
    जीना हो अगर ज़िंदगी भरे हुए fantancies की तो बेफिक्र होकर जीते रहो अपना यह ज़िंदगी।
    आज उतार है तो चढ़ाव भी आयेगा, जीवन में दुःख है तो सुख भी ज़रूर आयेगा, आज की सूरज ढले ना तो कल सुबह की तेज कैसे आए, जो आज चांद कि शीतल ना हो तो कल की गरमी कैसे सहे।
    ज़िंदगी के fantancies कुछ होते हैं इस तरह, अगर आज है अधेरा तो सपना है उजाला...... और अगर आज है उजाला तो कर्म है ओजस्वी का चेहरा।
    ©rituroumya

  • rituroumya 95w

    The mirage of beauty

    I cannot forget;
    The creak of the behemoth door opening into a bountiful chalet with all the grace of admiration. An express of tenderness with a glimpse of smile, I saw you for the first time in my life. The eyes of beauty orating the splendid creation of nature, I was mesmerized into the deep thought of angelic cosmos.

    Your voice;
    It was the best ever tone resonated in my ears, with the ringing bells of amity and love. Waves of your speech made me so restive that I was unable to hear any other sound around me.

    Your walk;
    Mingled with expression, the cat-foot style of walk made me aerobate as if I was not in the world of real human being. The saunter of dignity and pose of audacity still jive into my thoughts as and when I remember you.

    Your smile;
    The sun shines with a brilliant colour of affinity as if the world is made bright  with your smile. The curves of your lips as if the sun flower is blossoming with the joy and love. The smirk on your face is still  alive in my mind of delusion.

    But I wonder what makes a man think so indulged into the mirage of attraction if the lady in front of him is beautiful only;
    Why a man think about the face, if it has charm, smile of grace, eyes with a dazzle and everything beauty in it;
    Why a man is moved by the slimness of a lady, with a walk of audacity and all the expression of enticing activities;
    Why even if I am dragged into the illusion of beauty when I am keen aware of real beauty which lies in someone’s heart;
    Why the society talks about the lady who is exquisite in looks and not in the inner qualities of positivity;
    The mirage of a lady’s beauty is admirable if the skin tone, hair, smile, face, lips, walk and her pose of walk describes the artistry creation of nature.

    The mirage of beauty is a never ending pleasure;
    It gives soothing feel of a temporary charm;
    If patted with reality the illusion flees;
    If not then the mirage of outer beauty kills.
    ©rituroumya

  • rituroumya 96w

    जिल्द का रंग

    ज़िंदगी का एक सच ऐसा होता है
    सच जिसे कभी नहीं कहा जाता है
    ज़िंदगी का एक झूट ऐसा होता है
    झूट जिसे सभी लोग खुशी से जानते है
    गोरा होना अगर पाप होता
    तो आज काले की तिरस्कार ना होता
    तू गोरा में काला, रंग ही है यह हमारा
    रंग से ऊपरी ख़ूबसूरती दिखे जिसे
    वह कभी नहीं देख पाता है अंदर की स्वछता
    रंग ही नहीं है जिससे हम किसीको अंके
    रंग ही नहीं है जिससे हम खूबसूरत होने का प्रमाण माने
    रंग ही नहीं है जो हमें ऊंचा होने की मृगजल में रखे
    रंग तो भगवान का दिया एक आवरण है
    जिसे अंदरूनी ख़ूबसूरती सुरक्षित रहता है
    बस रंग ही नहीं है जो हमें एक दूसरे से अलग करे
    गोरा होना नहीं है पुर्ण्य
    कला होना नहीं है पाप
    करे जो काले गोरे में फर्क
    ले जाता है वह अज्ञानी का छाप
    ©rituroumya

  • rituroumya 97w

    मैं और तुम

    एक कहानी हो जिसमें बसे बस
    में और तुम
    एक हकीकत हो जिसमें जिए बस
    में और तुम
    प्यार की गाथाएं हो जिसमें बसें बस
    में और तुम
    कुछ भी हो हालत साथ रहें बस
    में और तुम
    एक सुकून का नींद हो जब साथ हैं बस
    में और तुम
    रास्ते लंबे हो या छोटे साथ रहेंगे बस
    में और तुम
    जीवन की उतार चढ़ाव हो साथ रहेंगे बस
    में और तुम
    किसिको मरते दम तक प्यार करें
    किसीको अपने से भी ज़्यादा चाहें
    वो हो तुम बस तुम
    ईश्वर से बस यही है दुआ
    साथ रहें हमेशा
    में और तुम
    में और तुम
    ©rituroumya

  • rituroumya 98w

    याद तुम आते हो

    रात हो या दिन
    याद तुम आते हो
    सुबह हो या शाम
    याद तुम आते हो
    आंखें खुली हो या हो बंद
    चेहरा बस तुम्हारा आए सामने
    अंधेरा हो या उजाला
    बस तुम ही तुम दिखते हो
    आज भी याद आते हो
    कल भी याद में रहोगे
    बस एक मुलाकात ही बाकी है
    वरना......
    याद तुम ज़रूर आते हो
    याद तुम ज़रूर आते हो
    ©rituroumya

  • rituroumya 98w

    गुज़ारा हुआ दिन

    गुज़ारा हुआ दिन
    गुज़ारा हुआ यादें
    गुज़ारा हुआ वह पल
    कभी वापस तो नहीं आएंगे
    साथ रहेंगे मगर वह याद ज़रूर आयेंगे
    समय के साथ आगे बढ़ते रहेंगे हम
    वह यादें भी साथ चलेंगे
    ना जाने कब आगे बढ़ते हुए यादें भी धुंधला पड़ जाएंगे
    ©rituroumya