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Reposts
  • resh31 1d

    ❤️
    20-oct-2021


    काश... इस पूनम की रात को मैं..
    मोहब्बत के तहखाने में कैद कर लेती..!!
    तुझसे होकर मैं रुबरु, हर ख्वाइश मुकम्मल कर लेती!
    तारों के जहां में मोहब्बत का आगाज करते तुम;
    मैं कुबूल कर तेरा इश्क, चांद तोहफे में तुझे दे देती..!!
    ©SinghalR

  • resh31 2d

    ❤️
    19-oct.-21


    पूर्णिमा का मुकम्मल चांद हो, और तेरा मेरा साथ हो..
    मैं बैठी होऊं दुल्हन सी सजकर, चौखट पे तेरी बारात हो..
    तेरा इश्क खनके मेरी कलाई में, महज खुशियों की सौगात हो!
    ना तुम कुछ कहो ना मैं कुछ कहूं, खामोशी में हर बात हो..!!

    बोहोत खुबसूरत एक ख्वाइश है, मेरे हाथ में तेरा हाथ हो..
    मैं पढ़के सुनाऊं जब ये शायरी तुम्हें, रब करे वो पूनम की रात हो!!
    ©SinghalR

  • resh31 4d

    ❤️

    तेरा वो पायल पहन कर आना मुझे अच्छा लगता है!
    तेरा बात - बात पे मुंह फुलाना मुझे अच्छा लगता है!
    मुझसे रूठकर अक्सर रो देती हो तुम, फिर..
    तेरा रोते रोते मुझे गले लगाना, अच्छा लगता है !!

    तेरा चेहरा पढ़ लेने की बुरी आदत है हमारी..
    पर मुझे मेरी शिकायत तेरे लबों से सुनना अच्छा लगता है!
    यूं तो तेरा खफा होना गंवारा नही मुझे...
    लेकिन मुझ पर तेरा हक जताना मुझे अच्छा लगता है!!
    ©SinghalR

  • resh31 1w

    ❤️

    लब ठहर जाते हैं अक्सर तेरे दीदार के आगे..
    मेरी मोहब्बत मुकम्मल ना सही, जायज तो है!!
    ©SinghalR

  • resh31 1w

    तुम्हे आंखों को पढ़ने का हुनर सीखना होगा
    हर बात लफ्जों में कह देने की मेरी आदत नहीं है
    बेफिक्र रहो हम तुम्हारे हैं तुम्हारे ही रहेंगे
    मुझे मोहब्बत मोहब्बत चिल्लाने की आदत नहीं है
    ❤️
    © SinghalR

  • resh31 1w

    ❤️

    मुसलसल तेरी मोहब्बत का ये कैसा असर हो रहा है ,
    हर दवा-दारू का असर मुझे बे-असर हो रहा है!
    मेरी नींदों को चुराने का हक तो मैने किसी को नही दिया*
    फिर क्यूं ये मेरे ख्वाबों पे तेरा इख्तियार हो रहा है..!!

    ©SinghalR

  • resh31 2w

    शुक्र है खुदा.. तूने मेरा दिल इतना साफ रखा है
    उसकी मोहब्बत को आज तलक पाक रखा है।।
    ❤️
    ©SinghalR

  • resh31 2w



    मोहब्बत को अश्कों में पिरोना छोड़ दिया है हमने
    हर रूठे शक्श को मनाना छोड़ दिया है हमने

    अब रिश्ते दिल से नही, मतलब से बनाया करेंगे
    जो जैसा है उससे वैसा ही किरदार निभाया करेंगे
    ©SinghalR

  • resh31 3w

    मोहब्बत, नफरत, इबादत या शिकायत;
    अब लिखने को कोई किस्सा नहीं बचा !
    जल चुके हैं हम, तुम राख समेटने मत आना,
    अब गंगा में सलाने को कोई हिस्सा नहीं बचा !!
    © SinghalR

  • resh31 5w

    कलम उठाई है.. लफ्ज नहीं मिलते...
    फरेब होता है, अब आंखों में अश्क नहीं मिलते,
    लोग सरेआम चेहरे पे मुखौटा लिये घूमते हैं;
    जो आईना सा दिखे..अब वो शक्श नहीं मिलते!!

    अब वो पहले सी खूबसूरत रात नहीं होती,
    चांद की चांदी में.. वो बात नहीं होती..!
    महज कुछ रातों में समेट लेते हैं लोग मोहब्बत को,
    अब तारों की थाल में चांद की बारात नहीं होती..!!

    वो अब इश्क की गलियों में जाती नहीं है!
    मैं जिद करता हूं वो मिलने आती नहीं है!
    सुनकर उसकी पाजेब की खनक,
    मैं खिड़की पर आया करता था...
    क्यूं अब उसकी पायल ,
    मोहल्ले में शोर मचाती नहीं है..!!
    © SINGHALR