rahul_samraat

Rahul singh noob writer

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  • rahul_samraat 45w

    उनके आदतन से हम बिखर से जाते हैं।
    वह सीने से लगाकर जब लौट जाते हैं।
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 50w

    अलग रहा

    घर से निकलने का उसका क़ायदा अलग रहा।
    वो पास रही और उसका फायदा अलग रहा।
    ज़िक्र रहा उसके लबों पर बस उस शक्स का।
    मैं उसके साथ रहा पर बाकायदा अलग रहा।
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 51w

    बेवजह

    उसे भेजें खत के जवाब नहीं आते।
    लगता है उसे मेरे ख्वाब नहीं आते।
    कुछ कुल्फ़त रहा शब-ए-हिज्राँ में।
    वरना मेरे हाथों में शराब नहीं आते।
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 52w

    वो इतने पास आए और हम क्या कर बैठे!
    यू नज़दीकियां बढ़ी हम गफ़लत कर बैठे!
    और रहा लहज़ा उनका शब-ए-फ़ुर्क़त का!
    हम ना-जाने क्यों उनसे मोहब्बत कर बैठे!
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 52w

    तुम

    नज़दीकियां रहेगी या दीवार खड़े मिलेंगे।
    मेरे इन आंखों में नमी आपको भरे मिलेंगे।
    वाबस्ता एक मोहब्बत रहेगी हमारे दरमियाँ।
    मुश्किलों में हम आपके पीछे खड़े मिलेंगे।
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 52w

    इश्क

    कुछ उसकी बातें कुछ यादों को भुलाना पड़ता है।
    बेपनाह मोहब्बत में हद से गुजर जाना पड़ता है।
    और मेरी मोहब्बत में दर्द तो रूह तलक गहरी है।
    आतिश-ए-हिज्र में भी बेवजह मुस्कुराना पड़ता है।
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 54w

    ख़त

    जाते-जाते हाथों में पैमाना दे गई।
    वो मुझे जीने का नया बहाना दे गई।
    रही खुदगर्जी मोहब्बत में इस कदर।
    वो पड़े सारे ख़त मुझे पुराना दे गई।
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 54w

    घर

    कभी छुट्टियों में तुम घर आया करो!
    कुछ पल तो यहां ठहर जाया करो।
    इतना भी क्या व्यस्त हो शहर में तुम?
    कुछ पल अपनों के साथ बिताया करो।
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 55w

    जो शख्स मरते हुए मुस्कुराया होगा।
    उसे जिंदगी ने बहुत आजमाया होगा।
    आंसू तो उसके आई होगी आंखों में।
    जो उसके चिता में आग लगाया होगा।
    ©rahul_samraat___

  • rahul_samraat 55w

    मनमर्जी

    दश्त-ए-तन्हाई थी कत्लेआम करता गया।
    वो शख्स ज़िक्र उसका तमाम करता गया।
    और उसने तोहमत लगाई सब मुकर्रर हुआ।
    अपनी मनमर्जी उसपे सरेआम करता गया।
    ©rahul_samraat___