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  • purnimatomar 3w

    बोलते तो सब हैं हम हैं हम हैं
    मगर रहता कोई नहीं,
    जानते तो सब हैं तुम हो तुम हो
    मगर पहचानता कोई नहीं,
    समझते तो हम सब हैं
    मगर समझता कोई नहीं ।

    ©purnimatomar

  • purnimatomar 12w

    दुखी हो तुम, दुखी हैं हम
    ऐसे कितने हैं गम जो नहीं हो रहे कम।
    ©purnimatomar

  • purnimatomar 16w

    गलत इंसान नहीं आपकी सोच होती है,
    गलती दूसरो से नहीं आपसे भी होती है।
    ©purnimatomar

  • purnimatomar 21w

    कहते कहते खूब बोल जाते हैं,
    सोचते समझते देर कर जाते हैं,
    दुखती नस पर हाथ रख जाते हैं,
    और पता भी नहीं क्या कर जाते हैं।
    ©purnimatomar

  • purnimatomar 23w

    लगा था तुम भी भूल जाओगे बाकियों की तरह,
    मगर सिर्फ तुमने ही याद रखा अपनों की तरह।
    ©purnimatomar

  • purnimatomar 24w

    अनकही

    कहना तो हम भी चाहते थे पर कह न सके,
    तुमने कहा कुछ ऐसा कि हंसकर भी सह न सके।
    ©purnimatomar

  • purnimatomar 24w

    बुरा तुम्हें ही नहीं हमें भी लगता है,
    फर्क ये है कि तुम जता देते हो, हम छुपा लेते हैं।
    ©purnimatomar

  • purnimatomar 24w

    कुछ करना चाहते हैं पर वक्त निकल जाता,
    वक्त निकालते निकालते दिन चले जाता,
    रुकता तो इंसान भी नहीं है वो भी चले जाता,
    जाते जाते सब रह जाता और कुछ भी हाथ नहीं आता।
    ©purnimatomar

  • purnimatomar 25w

    हम_तुम

    शुरुआत होते होते हो जाती है, कभी तुम कुछ कहते हो कभी हम,
    ढलती शाम में याद आ जाती है,
    वो गाने गाते हैं और हम कुछ इस तरह मुस्कुराते हैं,
    फासले, रास्ते दोनों बहुत हैं पर करीब तो दिल के तार भी नहीं हैं,
    धीरे धीरे समझना चाहते हैं, घुलना चाहते हैं, मिलना चाहते हैं,
    पर ये वक्त कुछ इस तरह खामोश है कि मुलाकाते अभी पास होकर भी दूर हैं।
    ©purnimatomar

  • purnimatomar 37w

    समझ का फेर

    अक्सर समझना चाहते हुए भी नहीं समझ पाते, समझाते हुए भी शब्द कम पड़ जाते , समझ सब मे होती है पर समझ नहीं पाते, समझ से समझदार नहीं बन पाते और समझदारी से काम नहीं ले पाते।
    ©purnimatomar