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Reposts
  • psprem 1h

    नफरत

    नफरत सी हो गई है,आज के हालात से।
    इंसान खुद तंग है, अपने ही जज्बात से ।
    हर एक बांधे फिर रहा,तमन्नाओं के गट्ठर,
    पूरी नहीं कर पा रहा,अपनी ही औकात से।
    ©psprem

  • psprem 2h

    रिश्ते समेटे नहीं बनाए जाते हैं।
    रिश्ते दिल से निभाए जाते हैं ।
    इसमें कोई नाराज भी हो जाए,
    तो रूठे हुए मनाए भी जाते हैं।
    ©psprem

  • psprem 1d

    #rachanaprati98
    @psprem.
    मैं ममता जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझेrachanaprati98.के मंच संचालन की जिम्मेदार सोपीं है।मेरी इच्छा है कि विषय ऐसा हो जो प्रोत्साहित करे। अतः मेरा विषय है"जीवन की मुस्कान"मुझे विश्वास है कि मेरे सभी अजीज़ दोस्त इस विषय पर एक से एक sundr रचनाएं प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगे।जिनको टैग नहीं किया ।उनका भी अभिनंदन है।
    @anusugandhji, @alkatripathiji, @anandbarunji@,goldenwrites_jakirji,@greenpeace,@aryaavarmaji,@abr_e_shayri,@loveneetam.@ayeshashah.
    आप सब अपनी रचनाएं कल शाम ५ बजे तक भेज सकते हैं। शुभकामनाओं सहित।

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    जीवन की मुस्कान

    मेरी तो पहचान यही है।
    जीवन की मुस्कान यही है।
    मन की मंजिल मिल जायेगी,
    क्योंकि पथ सुनसान नहीं है।
    यहां अपना पराया कोई नहीं,
    अपनेपन का भान यही है।
    रिश्ते नाते मृदुल रखो,
    बस खुशियों का गान यही है।
    जब भी मिलना मिलो प्यार से,
    तब सबका सम्मान यही है।
    दर्द बांट लो दुनिया भर का,
    सबसे अच्छा दान यही है।
    राह दिखाओ सबको सच्ची,
    पर यह कोई अहसान नहीं है।
    आत्म विश्वास जगाओ सब में,
    इससे सुन्दर ज्ञान नहीं है।
    एक_एक कदम बढ़ाओ आगे,
    मंजिल का सोपान यही है।
    "प्रेम" बांट कर प्रेम बढ़ाओ,
    सुंदरता की खान यही है।
    ©psprem

  • psprem 1d

    पैगाम ए मोहब्बत लेकर, मैं तेरे शहर आया था।
    मगर वहां तेरे घर का,दरवाजा मैनें बंद पाया था।
    बड़ी देर तक इंतजार भी मैं करता रहा तेरा,
    फिर लौटकर मैं अपने शहर वापिस आया था।
    ©psprem

  • psprem 1d

    Tum hi to meet ho meri,,,,,,
    Tum hi bas preet ho meri.
    Tum hi to jeet ho meri,,,,
    Tum hi bas reet ho meri.
    Bas muskrati rahna,,,,,
    Tum hi fir geet ho meri,,,,
    Tum hi sangeet ho meri.
    Tum hi se raaz hai mera,
    Tum hi se taaz hai mera.
    Tum hi se saaz hai mera.
    Tum hi se aagaz hai mera.
    Tum hi de preet hai meri.
    Tum hi se jeet hai meri.
    ©psprem

  • psprem 1d

    Tum se milkar asa laga,jese rishta ho hamara janm janm se.
    Ye jo milan hai, bahut khoobsurat hai,asa hota hai achchhe karm se.
    Ye bhi sach hai ki, sath hamara hai.
    Pichhle kai janm se.
    Varna ade milta hi koun hai,jese mile hain ham sach me dharam se.
    ©psprem

  • psprem 2d

    प्यार करके वो हमें,भुला के चली गई।
    झूठ बोलकर वो हमे,रुला के चली गई।
    वादा किया था हमसे,साथ जिन्दगी का।
    पर वो तो कहीं शादी करके चली गई।
    ©psprem

  • psprem 2d

    मैंने चिट्ठी में पैगाम लिखा है।
    अपनी मोहब्बत की वसीयत,,,
    में बस तेरा नाम लिखा है।
    ©psprem

  • psprem 2d

    एक बहुत पुराने कुर्ते की जेब से,,,,,,
    कुछ लम्हे निकले,,,,
    उसमें कुछ गम के थे,,,
    कुछ नम भी थे।
    कुछ टूटे हुए थे।
    कुछ सही सलामत थे।
    जो बचपन के थे।

  • psprem 2d

    काश मुट्ठी भर लोग,,,,,,,
    बेईमान ना होते।
    तो आज कई करोड़ लोग,,,,,
    परेशान ना होते।
    ©psprem