priyankarawat

love with music ❤️�� travelling✈️.9 octomber����

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  • priyankarawat 3w

    दिखाया नहीं कभी पर उन्होंने मुझे चाहा था
    मेरे सोने के बाद मुझे देखने कोई चुपके से आया था

    मेरे खाने के बाद बैठकर उन्होंने रूखा सूखा खाया था
    खुद सोते थे वो जमीन पर मेरे लिए एक बेड लाया था

    जब भी आई थी मुसीबत सर पे उन्होंने हर वक्त संभाला था
    बंदे के लिबास मे शायद खुदा था वो जिसने मुझे पाला था

    वो ही तो थे जो मुझे हर बार माफ कर जाते थे
    एक वो ही तो थे जो बड़े प्यार से मुझ पर अपना हक जमाते थे

    एक वो ही थे जिन्होंने दुआओं में हरवक्त सिर्फ़ मुझे मांगा था
    ठंडा खाना नही खिलाकर गर्म खाना ही खिलाया था

    खुद के आज को जलाकर वो मेरा कल चमकाते थे
    मेरे पापा की छाया से दुखो की धूप भी घबराती थी

    कहने को वो एक मकान था
    पर उसको घर मेरी मां बनाती थी

    प्रियंका रावत ✍️

  • priyankarawat 3w

    आज फिर किसी को मेरी कोई पुरानी बात याद आई
    आंखों में नमी और होंटो पर हल्की सी मुस्कान आई
    पड़ते पड़ते शायद रो रहा था कोई मेरी याद मे
    लगता है आज फिर किसी के हाथ में मेरी किताब आई

    प्रियंका रावत ✍️

  • priyankarawat 3w

    हर बार चरित्र की पहचान मैं
    किताबों में झूठा सा कुछ ज्ञान था
    था अहंकारी रावण माना
    पर वो खुद अपने आप में भी महान था

    प्रियंका रावत ✍️

  • priyankarawat 3w

    हो सकता है की इस बार मैं हार जाऊंगी

    पर इस हार से मैं बहुत कुछ सीख कर जाऊंगी



    प्रियंका रावत ✍️

  • priyankarawat 3w

    चाहे रास्तों मे हर बार गिरना लिखा हो

    गिर गिर कर ही सही पर एक दिन मैं अपनी मंज़िल तक पहुंचूंगी जरूर

    प्रियंका रावत ✍️

  • priyankarawat 3w

    जिंदगी तू इतनी भी डरावनी नहीं
    की में तुझ से डर जाऊं
    मैं इतनी बुजदिल नही
    की मे मर जाऊ
    माना कभी कभी दिल दुखाती हे बहुत तू
    पर मैं इतनी पागल नही
    की जीने के लिए मर जाऊ

    प्रियंका रावत ✍️

  • priyankarawat 3w

    मरने के बाद उसके लोग मोमबत्ती लेकर निकले थे
    जिंदा रहते उसके घर में वो एक दिए को भी तरसे थे

    जब डूब रही थी वो तो कोई नही आया पास उसके
    जब डूब गई वो तो कश्तियां लेकर उसको ढूंढने निकले थे

    ©priyankarawat

  • priyankarawat 3w

    सड़को पर तमाशा देखने आए कई लोग
    क्यू उस तमाशे को रोकने आया ना कोई

    उस लड़की को लुटते सबने देखा
    क्यू आवाज खोलते वक्त गूंगे बहरे बन गए सब

    उसके मरने के बाद #justice ओर candle जलाने आए कई
    जिंदा रहते उस लड़की को झूठा दिलासा दिलाने भी आया ना कोई

    उसके चरित्र पर उंगली उठाने वाले आए कई
    क्यू उस लड़की का दामन बचाने आया ना कोई

    ©priyankarawat

  • priyankarawat 5w

    क्यू डरते हो रास्ते से तुम बनकर के बेचारा
    बेफिक्र चलते जाओ तुम बस बनकर के आवारा

    क्यू करते हो परवाह तुम रास्तों की
    बस यू ही चलते जाओ बनकर तुम बंजारा

    पता नही किस झमेले में तुम खोए रहते हो
    देखो जरा जिन्दगी खुद जीने का देती है इशारा

    जिस काम में मिले सुकून तुम्हें
    बस वही काम करते जाओ दोबारा

    क्यू सुनते हो दुनिया की बातें तुम
    सुनो जरा क्या कहता है दिल बेचारा

    मत भागो अपने आप से तुम
    ठहर के सोचो जरा कहा चाहते हो जाना बनकर के तुम आवारा

    क्यू करते हों परवाह रास्ते की
    जाओ जहा जाना चाहते हो बनकर के बंजारा

    प्रियंका रावत ✍️

  • priyankarawat 5w

    हजार ख्वाब लेकर घर से निकली हू बनकर के मुसाफिर
    धुंधली हे मंजिल , पर जुनून है रास्तों पर चलने का मुनासिब
    पता नही मुझे मिलेगा या नहीं जिसकी हे मुझे ख्वाइश
    बस करना है कुछ सपने पूरे अपने और कुछ नही मेरी ख्वाइश
    अंजान है रास्ते पर रास्तों पर मंजिल की भी निशानी
    हजार ठोकर खाकर भी सीधी खड़ी हु क्यू कि अब कुछ कर दिखाने की हे साजिश
    थाम कर वक्त का हाथ बस चलती रही हू
    यकीन हे बस खुद पर इसलिए में आज यह खड़ी हु
    कर रही हे जिंदगी मुझे आजमाने की कोशिश
    पर जिद मेरी भी उसको कुछ करके दिखाने की हे
    जिद्दी है हौसले मेरे पर मुश्किल भी कम नहीं है
    साथ किताब ओर कलम हे मेरी , लिखना मुझे अब अपनी ही कहानी

    प्रियंका रावत ✍️