priyanka_jain

Messed up.. Learning to express.

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  • priyanka_jain 15w

    कहानियां; चाहे वो किताबों के पन्नों में मिलें या असल जिंदगी में लोगों से.. हम सब बहुत सी कहानियों के बीच अपने खुद के किस्से को जीते हैं। कुछ सीखते, कुछ सिखाते.. कुछ कमाते और कुछ गंवाते हुए.. अपने किरदार को तराशने की उम्मीद में...
    #kahaanikisseaurhum
    #hindiwriteup

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    कहानियां मन ज़रूर बहला देती हैं
    रूबरू करवा देती हैं इंसान के जज़्बात से
    मगर किरदार कई बार होशो हवास में छप जाते हैं
    आखिर ये लोगों के, उनकी जिंदगी के अनकहे किस्से हैं
    ज़रा गहराई में देखें तो हम सब ही इनके हिस्से हैं।

    मैं कहानियों में ख़ुद को ढूँढती हूं
    डूब के कई किरदारों की दुनिया में
    उनकी रूह में खो जाना चाहती हूँ।
    बातों में हसी मज़ाक में, कुछ पलों के साथ में,
    मगर मैं अक्सर पाती हूं खुद को उनके मलाल में।
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 41w

    हर सुबह लोग अपनी मंज़िल की ओर निकल पड़ते हैं।
    मगर मैं रात के इंतज़ार में अपने दिन गवा देती हूँ।
    रात को जब सब अपने सपनों की दुनिया में मग्न होते हैं
    मैं सुकून ढूँढने एक नए सवेरे की राह देखने लगती हूँ।

    मैं पूछती हूँ जब खुदसे के आखिर किस की है तलाश मुझे
    के आखिर मेरे अंधेरों में तारों की छाँव क्यों कम है?
    सूरज की पहली किरन है सरआँखो पर फिर कैसा गम है?

    लगता था मुझे के बिना कर्म के सपने महज़ एक भ्रम है।
    मगर भूल गयी थी मैं के बिना ख़्वाब देखे तो जिंदगी महज़ एक रस्म है।
    ख़्वाब जो जिंदगी को आकार देते हैं मैं उन्ही से अंजान थी।
    जबकी ख्वाबों की दुनिया ही तो मेरे रोग का समाधान थी।
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 83w

    ये वक़्त ऐसा है के सब दूर से लगते हैं, फिर भी पहले से ज़्यादा करीब हैं
    वो वहम था के ख़्वाब सिर्फ नींद में आते हैं, असल में नींद भी इन्ही की मुजीब है।
    मुस्कानों में इन दिनों चमक कहीं गुम थी मगर आँसुओं की चमक अब सच्ची है
    जिन घरों की ईंठें मज़बूत थी, खबर हुई के उनकी नींव अभी ज़रा कच्ची है।

    कई ज़ख़्म कुरेदे गए, मगर उनसे उभरने का ये मौका अच्छा था
    कहीं जो गुम गया था जिंदगी की दौड़ में, वो बचपन अभी बचा था।
    जान जहान सब छीन लिया इस वक़्त ने, कई फूल अब मुरझा से गए हैं
    कुदरत ने अपनी सीरत क्या दिखाई, जिंदगी के मायने ही बदल से गए हैं।
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 89w

    Why were you so keen?

    I never wanted to be heard
    Neither did I wanna be seen
    It could be my insecurity
    But why were you so keen?

    My feelings, it seemed, had no dimensions
    Thus, never felt the need for expressions.
    So I didn't think I'd ever need to sing
    But then your voice gave me a ring.

    It asked me about the tears, the fears I had,
    the moments I laughed or broke down so bad
    It made me feel dizzy for once, but then alive
    As if I heard you mutter "we're made to thrive"

    Now, I am still learning and just began to croon.
    whenever I wanted to run away, I said "not so soon".
    As I see you stand there lauding with that smile so serene.
    Never gonna ask you again
    "why were you so keen?"
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 91w

    Today I felt as if I have deceived that pencil.
    My fingers' grip over it made me feel nostalgic
    of those shading strokes and the space they fill
    and the movement of the lead creating magic.

    How could I forget my love and still
    expect that spell to work in the first try?
    It was my falsity and not any lack of skill
    I sat numb, then pondered if it was all a lie!

    But acceptance is the key, no more getting shy
    So I made a promise today: my love will never die.
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 91w

    मिज़ाज से कैफ़ियत का अंदाज़ा लगा लेना
    आंसुओं से उल्फ़त की गहराई नाप लेना,
    यही रीत है इसे निभा लें या तोड दें?
    सवाल ये सताए तो एक कलम उठा लेना.

    सुना है कलम भी हथियार बन जाती हैं
    अपनी आवाज़ सुन्न पडे कानों को सुनाने के काम आती हैं
    चलो आज इससे लिखे लफ़्ज़ों को एक नया मोड़ दें
    क्यों ना हाल- ए- दिल बयान कर के सोच पर ही छोड़ दें!
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 95w

    Har zubaan par lafz hain
    Lafzon ke ghere me hum.
    Kya mehez lafz kaafi hain?
    Ya fir andhere me hain hum!
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 96w

    #thoughts #poetry #koshish
    Inspired by Javed Akhtar's poetic tone and styles.

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    Sun lo zara..

    Wo awaz suni tumne?
    Kuchh toot raha ho jese..
    Wo Kaanch nahi hai magar.

    Bhaari tha wo par khaali sa
    Shant tha magar sawaali sa

    Koi aah suni tumne?
    Us chot par jalan hui ho jese..
    Ghaav kabhi dikha nahi magar.

    Dard me tha wo hosh me nahi
    Zehen me tha par aaghosh me nahi.

    Wo aahat suni tumne?
    Ladkhadaate hue kisi k kadam ho jese..
    Bin kuchh kahe wo jaa raha tha magar.

    Sawaal jawaab ki ek raat aur bitai hoti
    Toh alvida kehne ki bhi himmat jutai hoti.
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 98w

    कुछ बात नहीं है करने को
    कोई चाल नहीं है चलने को
    हर हाल में कल तो आना है
    कोई पल नहीं है टलने को

    ये जीवन भी एक राज़ सा है
    हर लम्हे में कुछ खास सा है
    अब दिन है ये भी ढलने को
    सुनें अब तारों का जो साज़ सा है
    ©priyanka_jain

  • priyanka_jain 99w

    I feel stuck, I feel stupid
    There is love that needs no cupid.
    Let me breathe Let me fly
    I have dreams but not so lucid.

    I wanna feel everything and make no sense
    Love is free and pure, needs no pretense
    Let me sleep Let me cry
    My dreams are no hoaxes, just a bit intense
    ©priyanka_jain