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  • priyakhemnani 3d

    Shabdo_kemoti

    वक़्त ने फिर से अपनी चाल बदली है,
    फिर से सन्नाटे ने अपनी चाल चली है।
    ऐसे में खुद को मजबूत बना लो,
    अपनो के पास बैठ थोड़ा मुस्कुरा दो।
    चलो घर का माहौल खुशनुमा बनाते है,
    घर पे ही मिलके खेल कूद मचाते है।
    वो मर्द जो मजबूत तो बहोत हैं पर इस महामारी का उसे भी डर है,
    घर को चलाने की उसे फिकर है।
    मिलके उसका बोझ उठालो,
    ज्यादा नहीं तो उसके साथ बैठ मुस्कुरा लो ,
    बस घर का माहौल खुशनुमा बना लो।
    शुक्र है अभी तक बचे हुए हैं,
    अपनो के हम पास खड़े है,
    इस शुकराने में अपना सर झुका लो,
    अपनो के पास बैठ थोड़ा मुस्कुरा लो,
    घर का माहौल खुशनुमा बना लो।
    ©priyakhemnani

  • priyakhemnani 3w

    Shabdo_kemoti

    कहा परवाह करता है कोई किसी की,
    वो ऊपरवाला ही तो संभालता है।
    फिर भी ये इंसान ना जाने क्यु उसे छोड़,,
    बाकी चीजों के पीछे भागता है।
    ©priyakhemnani

  • priyakhemnani 4w

    Shabdo_kemoti

    माना वक़्त रुकता नहीं किसी के लिए,
    तो क्यूँ ना कभी कबार हम ही रुक जाए।
    खुद के ही साथ बैठ थोड़े गप्पे लडाए।
    हमसे ज्यादा कोई कहा जानता होगा हमे,
    कभी चाय का कप लेके फुर्सत के कुछ पल खुद के साथ भी बिताए।
    ©priyakhemnani

  • priyakhemnani 6w

    Shabdo_kemoti

    Happy Women's Day
    काश एक दिन हर औरत चैन की सांस ले सके,
    एक दिन तो एसा आए की औरत अखबार में बलात्कार या अत्याचार के हेडलाइन मे ना छपे।

    क्यूँ बचपन से ही खिलौनो मे किचन सेट थमाया जाता है,
    यार आज की औरत को हवाई जहाज भी चलाना आता है।

    माना रोती बहोत है, इमोश्नल भी होती है,
    पर ये औरत की कमजोरी नही, बल्कि ताकत होती हैं।

    मत देखो इनकी टांगों को, मत इनको कपडो से जज करो,
    जो किचन संभालती है वो और भी बहोत कुछ जानती है,
    थोड़ा तो विश्वास करो।

    मत समझे कमजोर या पराया उन्हें,
    सम्मान बस दिल से कर ले,
    औरत से ही जन्म लेते हैं,
    आओ उनकी कदर कर ले।
    ©priyakhemnani

  • priyakhemnani 7w

    Shabdo_kemoti

    शब्द गाँव देते है,
    मरहम भी बनते है,
    चुप रहने वाले, हर हाल खामोशी से बया करते हैं,
    जो हमदर्द है वो बीन कहे समझ लेते हैं,
    और कुछ इसे नौटंकी समझते हैं।
    ©priyakhemnani

  • priyakhemnani 7w

    Shabdo_kemoti

    बहुत कुछ कहना है
    पर चुप रहना है।
    जी भरके रोना है
    पर हसते रहना है।
    बताना है सबकुछ किसी अपने को, पर सबकुछ अपने अंदर ही छुपाना है।
    क्यूँ मुश्किल है सबकुछ खुलके बताना,
    आसान क्यूँ नही होता भरी हुई पलको को हसी में छुपाना।
    ©priyakhemnani

  • priyakhemnani 8w

    Shabdo_kemoti

    ना जाने क्यु कोई छोटी छोटी बातों पे नाराज़ हो जाता है,
    आखिर क्यूँ ना चाहते हुए भी कोई ना कोई रुठ जाता है।
    सुकून से जीना इतना मुश्किल तो नहीं होता,,,
    फिर भी सुकून की तलाश में कितना कुछ छूट जाता है।
    पता है कितना भी करलो, नाखुश इन्सान कभी खुश नहीं रह पाता है,,
    थोड़ा झाँक के देखे दुःख मे परेशान लोगों को,
    हमारे पास जितना है,
    क्या इतना भी किसी को आसानी से मिल पाता है?
    ना जाने क्यु ना चाहते हुए भी कोई ना कोई रुठ ही जाता है।
    ©priyakhemnani

  • priyakhemnani 8w

    Shabdo_kemoti

    Dear Papa...
    आपकी नातिन कैसी है?बहुत याद आती हैं आपकी और आपके साथ बिताए मेरे बचपन की। जब माँ बनी तो पहला चहेरा आपका याद आया, कितने खुश होते ना आप ये देखके की आपकी बेटी ने एक बेटी को जनम देके नया रिश्ता था पाया। पापा आपकी गोद मे बैठ के दीवाली के पटाखे जलाया करती थी, आपके जाने के बाद मैने पटाखे जलाना छोड़ ही दिया, वो रात आपकी बहोत याद दिलाती थी।
    जब लविना आइ तो सोचा सारा अपना बचपन फिर से जी लुंगी, बचपन के वो सारे खेल जो आप मेरे साथ खेलते थे अब मै अपनी बच्ची के साथ खेलुगी।
    पता है पहेले बहुत दुख होता था कि पापा ने मुझे बड़ा होते हुए देखा ही नहीं, मेरी शादी और बिदाई की रश्मो मे मेरा साथ दिया ही नहीं।
    पर पापा जब लविना ने अपना हाथ छुडा लिया, उपरवाले ने बहोत जल्दी उसे बुला लिया। तब एक पल के लिए लगा अच्छा हुआ आप नहीं थे,अपनी बेटी का ये दुःख आप कैसे झेलते।
    पापा अब आप दोनो साथ हो, अब तो लविना भी बड़ी हो गई होगी, क्या अब भी आप साथ हो?
    पापा उसका हाथ थामे रखना जैसे मेरा थामा था,
    उसे कभी अकेला मत छोडना जैसे मुझे छोड़ा था।
    Miss you Papa
    Miss you lavi.

  • priyakhemnani 9w

    Shabdo_kemoti

    आंखे।।।।
    कभी झाँक कर देखो अपनी ही आँखो में,
    ये कितना कुछ कहे जाति हैं।
    समझ पाओ तो वो हर अहसास को बया कर जाती है,
    कभी ग़म में भी मुस्कुराती हैं तो कभी यूँही बहे जाती हैं।
    ये आखे बिना बोले बहुत कुछ कह जाती हैं।
    माँ की आखे ममता जताती हैं,
    सख्त दिखते पापा की आखे भी बच्चों के लिए बह जाती हैं,
    दादी की नजरें लाड लडाती है,
    तो दोस्तों की आखे, बहुत वक़्त से ना मिलने पर राह तक जाती हैं,
    समझ जाओ अगर इन आँखों को तो ये बहोत कुछ कह जाती हैं।
    ©priyakhemnani

  • priyakhemnani 10w

    Shabdo_kemoti

    खिलौने खरीद के हम जिनसे,
    अपने बच्चों को देते है,
    जब एक भी ना बिकता होगा खिलौना,,
    वो घर लौट के अपने बच्चों को क्या देते हैं?
    ©priyakhemnani