pratibhajais

wanna be motivational speaker someday..��

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Reposts
  • pratibhajais 47w

    पता ही नहीं चला कब हमारे बीच के फासले इतने बढ़ गए की तुम्हे देखने की भी कीमत मेरी जान हो गई..।।

    पता ही नहीं चला मुझे,
    कब मेरे तक आने का रास्ता इतना लंबा होगया की तुम्हारी मंज़िल ही बदल गई.....
    और
    मै बहुत ख़ास से आम बन गई..।।

    दर्द तो इतना है कि लगता रोना शुरू किया तो आंसुओ का सैलाब ही आजाएगा ,
    जिसकी तेज़ लहरो में हमारा प्यारा सा अतीत भी कहीं गुम हो जाएगा..।।

    नहीं पता ज़िन्दगी से चल रही इस जंग को किस पल हार जाऊंगी,
    शायद तुझमें खुद को तलाशते हुए ही तुझसे अलविदा कह जाऊंगी...।।..।।

    ©pratibhajais

  • pratibhajais 47w

    हा,
    शायद अभी मेरा रूठना तुझे नखरा सा लगता हो,
    शायद अभी मेरा बेबाक मिजाज़ तुझे कुछ तौहीनता सा लगता हो ।

    फिर जब,

    मेरे टूटे हुए सपनों की दास्तां सुनाती हूं तुझे तो शायद एक नुमाइश सा लगता हैं।
    और,
    रो पड़ती हूं जब मै तो शायद वह एक आजमाइश सा लगता है

    खैर ,

    चलो मान लेती हूं तुझे जो लगता है वहीं सच्चाई है
    पर तू भी तो मान तुझपे मैंने अपनी ज़िंदगी लुटाई है।।

    लगाती हूं तुझपे बिना सोचे लाख तोहमतें
    चल यह भी मान लेती हूं मै,
    पर तुझे इतना बदला हुआ देख सौ मौते एक बार में मर जाती हूं मै ।।

    एक बात बता देती हूं फिर भी जाते हुए तुझे.....

    ना आजमाइशे थी ना फरमाइशें थी, हां थी तो बस खूबसरत पलों की ख्वाहिशे थी।
    तू मेरा मै तेरी बनके गुज़ार दू ज़िन्दगी सारी बस इतनी सी चाहते थी।।

    महंगे तोहफे नहीं बस थोड़ा सा वक्त मांगा था,
    किसी दूसरे का हक नहीं सिर्फ अपने हिस्से के प्यार का एहसास मांगा था।।

    ©pratibhajais

  • pratibhajais 69w

    रिश्ते बनाएं उन्हें दिल से निभाएं,
    जो आपके बुरे वक्त में साथ खड़ा हो, उसपे कभी सितम ना करे..।
    अपना खून ही बिफर जाता है उसपे कभी घमंड ना करे।।
    बेटा हो लाख अच्छा ....
    बहू को कभी नजरअंदाज ना करे,
    लक्ष्मी है वह आपके घर की ,
    उसको बेवजह नाराज़ ना करे।।
    एक वह ही तो है जो आपके कुल को बढ़ाएगी,
    पराई होकर भी आपके परिवार पे अपनी ज़िन्दगी लुटाएगी।।

    ©pratibhajais

  • pratibhajais 82w

    हां हो सकता है तुझसे दूर हो जाऊ मै,
    दुनिया की नज़रों में कहीं खो जाऊं मै,
    हो सकता है दो टक तुझे निहार भी ना पाऊं मै,
    लेकिन याद बनकर हमेशा तेरी आंखो से छलकुंगी ...
    जब भी तू होगा परेशान तेरी हिम्मत बन जाऊंगी,
    तुझसे दूर जाते हुए भी अपना अस्तित्व तुझे ही दे जाऊंगी...
    तेरे बिन नहीं चाहिए कोई पहचान मुझे ,
    तो....,
    मेरे अस्तित्व का क्या काम मुझे,
    तुझमें हमेशा मै ज़िंदा रहूंगी,
    ढूंढेगा जब भी मुझे बस तेरी यादों में मै मिलूंगी।।
    ©pratibhajais

  • pratibhajais 82w

    अंधभक्त इन्सान..

    ना मस्जिद खराब ना मंदिर खराब
    है तो बस इंसानियत की शख्सियत को मिटा रहा इंसान खराब..।
    ना ही राम ना तो रहीम
    देते है आपसी बैर, मज़हबी नफरतों की तालीम,

    गीता कहती:गीता का साथ पाने को सच्चा बन ए इंसान,
    कुराने पाक ने भी तो यही कहा: अल्लाह है सच्चे बंदो के साथ।
    दुआ पढ़ते वक्त झोलियां फैला सजदे में सर झुकाते हो,
    प्रार्थनाओं में आंचल फैला शीश नवाते हो।
    ए इंसान तुम एक ही के बंदे हो
    ये फर्क कहा से लाते हो?
    अपनी निजी लालच में भाईचारे को क्यों भूल जाते हो?
    मज़हबी दीवारों के बीच इंसानियत को ही शर्मसार कर जाते हो।।
    ©pratibhajais

  • pratibhajais 82w

    मां तुम शब्द नहीं एक सुंदर एहसास हो..
    सुरो से भरा साज़ हो...
    मेरी अनकही बातो की हमराज़ हो ।।

    तुझमें बसता है मेरा पूरा संसार,
    तेरे होने से ही पूरा घर है गुलज़ार।।

    मां तुम ममता की हो मूरत...,
    करूणा,त्याग और संस्कारों की तुम हो सूरत ।।

    मेरी हर गलतियों को तूने ही तो सुधारा है..
    मेरी छोटी सी जीत को भी तूने खूब सराहा है।।

    ©pratibhajais

  • pratibhajais 83w

    जो सवाल करे ,सवाल बने
    वह ज़िन्दगी नहीं,
    ज़िन्दगी कहते जिसे,वह कुछ और है..
    कर्म से हल हर प्रसन्न कर दे
    ज़िन्दगी वह दौर है।।
    ज़िन्दगी जवाब है निज कर्मो का
    ज़िन्दगी जब भी सवाल बनती है...
    वह ज़िन्दगी नहीं होती,ज़िंदादिली नहीं होती,
    जीवन दीप जलता है...
    लेकिन,
    ज़िन्दगी में रोशनी नहीं होती।।

    ©pratibhajais

  • pratibhajais 84w

    अपनी ज़िन्दगी में जज्बातों के साथ जज्बे का भी तड़का लगाइए,
    मामूली सी दिखने वाली इस ज़िन्दगी को रंगीन बनाइए।।

    ©pratibhajais

  • pratibhajais 84w

    Demeaning your wife is equally proportional to demeaning your mother's sacraments...!!!

    ©pratibhajais

  • pratibhajais 84w

    कराहती हूं दर्द से फिर भी तेरे लिए मुस्कुरा देती हूं...
    जानती हूं ना सुनने का एहसास...
    शायद इसलिए,
    तेरी हर हां में हां मिला देती हूं ।
    जानती हूं बिछड़ने का दर्द....
    शायद इसलिए,
    तेरी हर गलती को भूल ,हर बार तुझे गले से लगा लेती हूं।।

    ©pratibhajais