pradeep_

i write only my words

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Reposts
  • pradeep_ 8h

    जिंदगी ऐसे ही टूट जाएगी
    मत करो इश्क किस्मत रूठ जायेगी
    ©pradeep_ruchi❤️

  • pradeep_ 1w

    गालिब ने एक जगह खत में अपने बारे में लिखा था
    की खुदा से लडा नही जा सकता
    मगर अपनी मजबूरियों पर रोया जरूर जा सकता है

    जो बीत गया और जो हमारे साथ बुरा हुआ हो सकता है वो
    हमारी किस्मत में पहले से ही खुदा ने तय किया हो

    उसपर खुदको या दूसरे को कोसने से कोई फायदा नही
    खुदा हमे वक्त जीने संभलने और अच्छे काम करने के लिए देता है
    भला फिर क्या किसी के लिए शौक करना और बार बार अपनी तकदीर पर रोना

    भरोसा रख खुदा पर तेरा हर काम होगा
    कमियाबी की हर मजिल पर तेरा नाम होगा
    ©pradeep_

  • pradeep_ 1w

    तेरा ना केहना ही गम बन गया
    जिंदगी भर का जख्म बन गया

    ©pradeep_

  • pradeep_ 2w

    शायद वो भी हमसे प्यार करती हो (2)
    कह नही सकती मगर इंतजार करती हो

    पहले तुम नही पहले तुम
    कुछ समय बाद
    ‍‍‍


    ©pradeep_

  • pradeep_ 2w

    इस शरीर में जो आत्मा है वही परमात्मा है
    अपने चारो तरफ देख लो ऐसा कोई सुख नही
    जो तुम्हारे पास हमेशा के लिए ठहर जाए और ना ही
    ऐसा कोई मौसम है जो हमेशा तुम्हारे साथ रहे
    जो आया है वो वक्त के साथ जायेगा जरूर
    और यहां तक वक्त भी खुदका नही जिस तरह आदमी हर पल हर साल अपनी जवानी खोता है उसी तरह वक्त भी हर घड़ी हर पल अपने पहलुओं को स्वयं भी खो देता है
    परमात्मा ही सुख देने वाला है परमात्मा ही अन्न देने वाला है
    परमात्मा ही जन्म देने वाला है और परमात्मा ही बड़ा हुआ महाकाल है
    जो सबका विनाश (पाप का अंत) करने वाला है
    जिस मनुष्य ने काम क्रोध और लोभ को त्याग दिया
    जिसका मन निर्मल है जो अपनी आत्मा को पहचान लेता है
    वही परमात्मा के धाम को प्राप्त होता है

    इसके विपरीत जो कुछ भी है वह पाप है

    जय श्री कृष्ण
    ©pradeep_

  • pradeep_ 2w

    जिंदगी तो हर कोई जी लेता है
    अच्छा इंसान भी, और बुरा इंसान भी
    लेकिन किसी की दुआ लेकर जीना
    हर किसी की किस्मत में नही होता
    उसके लिए हमे दयावान बनना पड़ता है।
    अपनी जरूरतों अपनी दौलत और अपने प्रेमभाव को
    दूसरों के प्रति दान देकर।

    इसी का नाम त्याग है।
    ©pradeep_

  • pradeep_ 3w

    गर्दिश में जिसने ऐतबार किया हो
    शायद उसी ने सच्चा प्यार किया हो

    गर्दिश- बुरा वक्त bad time
    ऐतबार- विश्वास, believe
    ©pradeep_

  • pradeep_ 3w

    कलम के टूटने से लिखावट रुक गई
    बनती तकदीर मानो फिर से रुक गई
    ©pradeep_

  • pradeep_ 3w

    कदर है जमाने की मेरी क्यों नहीं
    इश्क में यही सोच गहरी क्यूं नही
    ©pradeep_

  • pradeep_ 3w

    ख्वाबों की किताब में, एक जख्म सा लगा।
    अचानक तेरे मिलने से दर्द हमे कम सा लगा
    ©pradeep_