• akshikatiwari 109w

    जानती हुँ नहीं पहुँचेगी मुराद अर्श तक मेरी
    फिर भी हर दुआ में फरियाद करती हुँ तेरी.
    जानती हुँ तू नहीं तेरी यादें हैं बस पास मेरी.
    फिर भी खुद में तलाश करती हुँ परछाई तेरी.
    ©akshikatiwari