• yashashvigupta_07 46w

    - बैकस्टोरी ❤

    अजीब है, आज कुछ लिखने को नहीं मिल रहा। उम्मीदों के शाख टूट चुके हैं। हाँ, उम्र के तराजू पर कभी कभी जज्बात भारी हो जाते हैं।
    तुम ऑनलाइन हो और हम तुम्हारा चैट खोल के बैठे हैं। लिखें क्या... तुमसे तुम्हारा हाल पूछने का दिल नहीं करता। पता है कैसी होगी तुम! हम जैसे फाॅर्मल लड़के तुमसे पूछ नहीं पायेंगे कि खाना खाया या नहीं! हम बस तुम्हे सुन सकते हैं; तुम्हारे खामोश होने पर भी।