• divya_soni 7w

    कमी खलती है

    चाहें कितना कुछ कर लू मैं ,
    तेरे जैसा न कर पाने की कमी खलती है ,
    चाहें कितना ही जान लगा लू मैं ,
    तेरे तक न पहुंच पाने की कमी खलती है ,
    लो मान लिया है मैंने अब ,
    न आता था मुझे कुछ तब और न अब ,
    सब कुछ लुटा कर बस माना था तुझे मैंने अपना सब ।

    - Divya Soni Panda (expressed_emotions)