• prashant_gazal 19w

    चामर छंद
    वर्ण - १५
    रगण जगण रगण जगण रगण

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    ईश्वर

    हे शिवाय, विष्णु, ब्रह्म सर्व देवता नमो l
    शारदा, उमा, रमा समस्त शुभ्रता नमो ll
    राम, कृष्ण, सूर्य, चंद्र की अनन्तता नमो l
    श्री गणेश, कार्तिकेय भातृ-भद्रता नमो ll

    सोम, इन्द्र, दक्ष, नाग, सिंधु, कल्कि शाश्वती l
    कालरात्रि, भैरवी, नमामि मोहिनी, सती ll
    रिद्धि, सिद्धि, अत्रि, व्यास, बुद्धिदा सरस्वती l
    कालिका, कपीश,कामदेव, वैष्णवी, रती ll

    चित्रगुप्त, शेषनाग, वीरभद्र, दुर्गमा l
    नंदिनी, वशिष्ठ, ब्रह्मचारिणी, मनोरमा ll
    सिद्धिदात्रि,रूक्मिणी,वसुंधरा, सुधा, यमा l
    वेंकटेश, रेणुका, सुदेवि देव उत्तमा ll

    वायु, वारि, व्योम, भूमि, अग्नि पंच-तत्व में l
    जीव-जन्तु, पर्ण, पुष्प, वृक्ष के घनत्व में ll
    ज्वार-भाट, याम-रात्रि दिव्य चुम्बकत्व में l
    गुप्त आप हैं समस्त सृष्टि के महत्व में ll

    रूप भिन्न ,नाम भिन्न , भिन्न-भिन्न मान्यता l
    जै सनातनी परम्परा सुधर्म , सभ्यता ll
    सर्व देव-देवियां सदा करें सहायता l
    चित्त मध्य हो सदा 'प्रशांत' के प्रसन्नता ll
    ©prashant_gazal