• saranshjain 86w

    ज़मीर

    मानवता को शर्मसार कर क्यो बेजुबानों पर जुल्म कर रहा है तू मानव,
    भूल कर वो संस्कृति और संस्कारों को फिर से बन रहा है तू दानव।
    क्या बिगाड़ा था उस मूक हथिनी ने जिसके गर्भ में बच्चा पल रहा था,
    उस फल में बारूद भरते समय तेरा जमीर तुझे ऐसा करने दे रहा था।
    ©saranshjain