• ayushiagrawal05 52w

    ऐ समाज!
    तूने हमेशा दोष दिया,
    पर दोष देकर तूने क्या पाया है?

    दोष दिया तूने हमेशा,
    कभी किसी लड़की को लड़की होने के लिए,
    तो कभी किसी विकलांग को विकलांग होने के लिए,
    कभी किसी गरीब को गरीब होने के लिए,
    कभी किसी मोटे इंसान को मोटा होने के लिए,
    तो कभी किसी छोटे कद वाले व्यक्ति को छोटा कद होने के लिए,
    कभी काले रंग के व्यक्ति को काला होने के लिए ,
    तो कभी उसके असंभव से दिखने वाले सपने को
    सपना होने के लिए!

    ऐसे ना जाने ऐसे कितने दोष दिये तूने |
    मैं पूछती हुँ इसमे उनका क्या दोष है?
    मैं पूछती हुँ क्या रंग, रूप, आकर, कद ज्यादा महत्वपूर्ण है?
    मैं पूछती हुँ लड़की होना क्यों पाप समझा तूने?
    मैं पूछती हुँ क्या ये असंभव सपने संभव नही हो सकते?

    कभी फुर्सत मिले इस व्यस्त दुनिया से तो इस बारे में सोचना,
    पछतावा मिले तो समाज में दोष देने की बीमारी को फ़ैलने से रोकना,
    यदि न मिले तो तुम्हारी जिंदगी इसका एहसास करवा देगी!
    फिर तुम भी इसे रोकने से पीछे मत हटना |
    ©ayushiagrawal05